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Ambala News: बिना बजट कराई प्रतियोगिता, रिफ्रेशमेंट न मिला नकद पुरस्कार
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जिलास्तरीय अखाडा प्रतियोगिता, जिला केसरी एवं कुमार दंगल प्रतियोगिता में पुरस्कार जीतने के बाद व
अंबाला। कुश्ती में जिले की सबसे बड़ी प्रतियोगिता जिला स्तरीय कुश्ती अखाड़ा प्रतियोगिता और जिला केसरी व जिला कुमार ही खेल विभाग की अनदेखी का शिकार हो गई।
विभाग ने बिना बजट के ही यह प्रतियोगिता करवा दी। मंगलवार को हुई इस प्रतियोगिता में जिलाभर से आए 200 पहलवान रिफ्रेंशमेंट को भी तरस गए। यहां तक कि विजेताओं को नकद राशि भी नहीं दी गई। सम्मान के रूप में जो मोमेंटो मिले वो भी विभाग की तरफ से उधार में लिए हैं। विभाग का तर्क है कि इस प्रतियोगिता के लिए अभी बजट ही जारी नहीं हुआ है। जल्द ही बजट आने की उम्मीद है।
बजट के आते ही खिलाड़ियों को जीती हुई राशि वितरित कर दी जाएगी। प्रतियोगिता में आए पहलवानों में भी इस अनदेखी से रोष था। उनका कहना था कि दिनभर पसीना बहाने के बावजूद विभाग की तरफ से रिफ्रेशमेंट न ही नकद राशि देना गलत है। बता दें कि पिछली बार जिला केसरी को 5100 तो जिला कुमार को 2100 रुपये की राशि दी गई थी। अन्य आयु भार वर्ग के विजेताओं को भी 200 से 300 रुपये की राशि मिली थी।
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बिना कोच के नहीं मिला खेल नर्सरी
अंबाला कैंट के वार हीरोज मेमोरियल स्टेडियम के होस्टल परिसर में कुश्ती का सेंटर तो चल रहा है लेकिन कोई सरकारी कोच अस्थाई रूप से तैनात नहीं है। यहीं कारण है कि इस सेंटर का जिम्मा स्टेडियम में हरियाणा कौशल के तहत कार्यरत ग्राउंड मैन के सहारे हैं। यह ग्राउंड मैन कुश्ती में नेशनल लेवल का मेडलिस्ट है। हरियाणा, पंजाब आदि दूसरे राज्यों में भी ढेरों पदक हासिल कर चुका है। अंबाला में कुश्ती के वजूद को बचाने के लिए नौकरी के साथ-साथ पहलवानों को भी कुश्ती के गुर सिखा रहा है।
फोटो नंबर - 33
इतनी बड़ी प्रतियोगिता में कम से कम रिफ्रेशमेंट की व्यवस्था तो होनी चाहिए थी। सुबह से लेकर दोपहर तक वह मैट पर मेहनत कर रहे थे। आखिर में पता चला कि रिफ्रेशमेंट ही नहीं है।
निखिल, पहलवान ग्वाल मंडी
फोटो नंबर - 34
पहलवानों की फौज अखाड़ों में ही तैयार होती है। इसलिए खेल विभाग को इन अखाड़ों की तरफ ध्यान देते हुए आर्थिक मदद करनी चाहिए। इतनी बड़ी प्रतियोगिता में विजेताओं को नकद राशि भी मिलनी चाहिए थी।
कार्तिक मलिक, नारायणगढ़
वर्जन
जिला कुमार व जिला केसरी प्रतियोगिता आयोजित करवाई गई थी। अभी बजट नहीं आया था लेकिन जल्द आने की उम्मीद है। जैसे ही बजट आता है तो नकद राशि खिलाड़ियों में वितरित कर दी जाएगी।
राजबीर रंगा, जिला खेल अधिकारी अंबाला
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विभाग ने बिना बजट के ही यह प्रतियोगिता करवा दी। मंगलवार को हुई इस प्रतियोगिता में जिलाभर से आए 200 पहलवान रिफ्रेंशमेंट को भी तरस गए। यहां तक कि विजेताओं को नकद राशि भी नहीं दी गई। सम्मान के रूप में जो मोमेंटो मिले वो भी विभाग की तरफ से उधार में लिए हैं। विभाग का तर्क है कि इस प्रतियोगिता के लिए अभी बजट ही जारी नहीं हुआ है। जल्द ही बजट आने की उम्मीद है।
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बजट के आते ही खिलाड़ियों को जीती हुई राशि वितरित कर दी जाएगी। प्रतियोगिता में आए पहलवानों में भी इस अनदेखी से रोष था। उनका कहना था कि दिनभर पसीना बहाने के बावजूद विभाग की तरफ से रिफ्रेशमेंट न ही नकद राशि देना गलत है। बता दें कि पिछली बार जिला केसरी को 5100 तो जिला कुमार को 2100 रुपये की राशि दी गई थी। अन्य आयु भार वर्ग के विजेताओं को भी 200 से 300 रुपये की राशि मिली थी।
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बिना कोच के नहीं मिला खेल नर्सरी
अंबाला कैंट के वार हीरोज मेमोरियल स्टेडियम के होस्टल परिसर में कुश्ती का सेंटर तो चल रहा है लेकिन कोई सरकारी कोच अस्थाई रूप से तैनात नहीं है। यहीं कारण है कि इस सेंटर का जिम्मा स्टेडियम में हरियाणा कौशल के तहत कार्यरत ग्राउंड मैन के सहारे हैं। यह ग्राउंड मैन कुश्ती में नेशनल लेवल का मेडलिस्ट है। हरियाणा, पंजाब आदि दूसरे राज्यों में भी ढेरों पदक हासिल कर चुका है। अंबाला में कुश्ती के वजूद को बचाने के लिए नौकरी के साथ-साथ पहलवानों को भी कुश्ती के गुर सिखा रहा है।
फोटो नंबर - 33
इतनी बड़ी प्रतियोगिता में कम से कम रिफ्रेशमेंट की व्यवस्था तो होनी चाहिए थी। सुबह से लेकर दोपहर तक वह मैट पर मेहनत कर रहे थे। आखिर में पता चला कि रिफ्रेशमेंट ही नहीं है।
निखिल, पहलवान ग्वाल मंडी
फोटो नंबर - 34
पहलवानों की फौज अखाड़ों में ही तैयार होती है। इसलिए खेल विभाग को इन अखाड़ों की तरफ ध्यान देते हुए आर्थिक मदद करनी चाहिए। इतनी बड़ी प्रतियोगिता में विजेताओं को नकद राशि भी मिलनी चाहिए थी।
कार्तिक मलिक, नारायणगढ़
वर्जन
जिला कुमार व जिला केसरी प्रतियोगिता आयोजित करवाई गई थी। अभी बजट नहीं आया था लेकिन जल्द आने की उम्मीद है। जैसे ही बजट आता है तो नकद राशि खिलाड़ियों में वितरित कर दी जाएगी।
राजबीर रंगा, जिला खेल अधिकारी अंबाला

जिलास्तरीय अखाडा प्रतियोगिता, जिला केसरी एवं कुमार दंगल प्रतियोगिता में पुरस्कार जीतने के बाद व

जिलास्तरीय अखाडा प्रतियोगिता, जिला केसरी एवं कुमार दंगल प्रतियोगिता में पुरस्कार जीतने के बाद व