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तीन बार जुर्माना लगने वाले अधिकारियों को सेवामुक्त करने की आयोग करेगा सिफारिश
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Commission will recommend to discharge officers who have been fined three times
- फोटो : Ambala
अंबाला। हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग के मुख्य आयुक्त टीसी गुप्ता ने मंगलवार को छावनी के एसडी कॉलेज में हरियाणा सेवा का अधिकारी विषय पर अधिकारियों की बैठक ली। साथ ही अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि तीन बार किसी पर जुर्माना लगा तो आयोग उसकी सेवाएं समाप्त करने की सरकार से सिफारिश कर देगा जिसे केवल हाईकोर्ट में चैलेंज किया जा सकता है।
मुख्य आयुक्त टीसी गुप्ता ने कहा कि वर्ष 2014 में आयोग की स्थापना की गई थी। उन्होंने सेवानिवृत्ति के बाद तीन महीने पहले ही आयोग में बतौर मुख्य आयुक्त कमान संभाली है। पाया कि सात साल में केवल 7 शिकायतें ही आयोग के पास आईं। क्योंकि लोग नीचे ही शिकायत देकर थक चुके होते हैं। उन्हें लगता है कि अब ऊपर भी क्या सुनवाई होगी। इसीलिए अंत्योदय सरल पोर्टल पर सरकारी सेवाओं से संबंधित 546 अधिसूचित सेवाएं हैं जिनमें से 277 सेवाएं अंत्योदय सरल पोर्टल पर ऑनलाइन उपलब्ध करवा दी गई हैं। कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से इन सेवाओं का लाभ ले सकता है।
गुप्ता ने बताया कि अब किसी भी व्यक्ति को आयोग में अपील करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। निर्धारित अवधि में यदि काम नहीं हुआ या व्यक्ति को जवाब नहीं मिला तो पोर्टल खुद फाइल को उच्चाधिकारी के पास प्रेषित कर देगा। उन्होंने यह भी बताया कि आयोग प्रार्थी की शिकायत का समयबद्ध तरीके से निवारण न होने पर नियमों के तहत 20 हजार रुपये तक का जुर्माना भी लगा सकता है। साथ ही प्रार्थी को 5 हजार रुपये की राशि भी आयोग दिलवा सकता है।
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अधिकारियों के छूटे पसीने, जवाब तक नहीं दे सके
इस दौरान अधूरी तैयारियों के साथ पहुंचे अधिकारियों को उन्हें खूब सुनाया इससे अधिकारियों के पसीने छूट गए। टीसी गुप्ता ने कहा कि आपको भी नहीं पता था कि आज की बैठक में क्या होगा? सभी सोच रहें होंगे चाय पीकर लेक्चर सुनकर चले जाएंगे। इस दौरान बिजली निगम के एसई विनय बरनवाल से उन्होंने सवाल पूछा कि बिजली चोरी के केस में उतारे गए मीटर की कितने दिनों में लैब से जांच करवाते हैं? इस पर एसई ने कहा कि 1-2 दिनों में। यह सुनते ही गुप्ता बोले एसई साहब यदि आप 1-2 दिनों में यह काम करवा देंगे तो आपको मैं प्रशंसा पत्र दूंगा? सोच समझकर बात करें और अपनी कार्यप्रणाली सुधार लें। इस दौरान आयोग की सचिव मीनाक्षी राज भी उनके साथ मौजूद रहीं।
कितनी देर में ठीक हो जाते हैं फ्यूज, एसई बोले एक घंटे में...
इस दौरान मुख्य आयुक्त ने बिजली निगम की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े किए। पूछा कि एसई साहब बिजली निगम जिले में बिजली जाने पर साधारण फ्यूज कितनी देरी में लगा देता है? इसके लिए चार घंटे का समय है। इस पर एसई वीके बरनवाल ने कहा कि चार घंटे में कर ही देते हैं। गुप्ता ने कहा कि हरियाणा का औसतन रेट 1 घंटा 20 मिनट है आप सोचकर बताएं? एसई ने कहा 45 से 1 घंटे के बीच। यह सुनकर उन्होंने सभा में बैठे लोगों से जवाब मांगा? अंबाला शहर कपड़ा मार्केट से मोहन गोयल ने बताया कि हर रविवार को छह घंटे कट लगता है। कोई नहीं सुनता।
जिले ही नहीं प्रदेश में भी अंबाला बिजली निगम का रिकॉर्ड खराब
90 दिनों में बिजली निगम के पास 54 हजार 162 नए कनेक्शन के आवेदन आए। इनमें से 34.50 को अधिकारियों ने रिजेक्ट कर दिया। 1794 लोगों ने संतुष्टि के लिए 3 नंबर ही दिए। इसी तरह लोड घटाने के लिए 3770 आवेदन आए इनमें से भी करीब 28.60 प्रतिशत रिजेक्ट कर दिए गए। इसमें भी संतुष्टि के लिए 93 लोगों ने औसतन 3 नंबर दिए। बिल संबंधित शिकायतों में भी 862 लोगों ने एक नंबर दिया। इस पर गुप्ता ने कहा कि आपके विभाग से कोई भी संतुष्ट नहीं है। आपकी एवरेज संतुष्टि रेट 3.1 है जोकि जिले में सभी विभागों में ही नहीं पूरे हरियाणा में सबसे खराब है।
जिला समाज कल्याण और स्वास्थ्य विभाग अधिकारी नहीं दे पाए सवालों का जवाब
आयोग के मुख्य आयुक्त बोले स्वास्थ्य मंत्री के जिले में रहते हुए यह हाल, मंत्री को बता दूं क्या
माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला। हरियाणा सेवा अधिकार आयोग के मुख्य आयुक्त टीसी ने एसडी कॉलेज में जिलास्तरीय अधिकारियों की बैठक ली। इसमें उन्होंने अधिकारियों से सीधे सवाल किए। हाल यह रहे कि अधिकारी सवालों का जवाब तक नहीं दे सके। जिला समाज कल्याण विभाग के अधिकारी से पूछा कि बौने व्यक्तियों के छह फार्म आपके पास 90 दिनों में पेंशन के लिए आए सभी के आवेदन रिजेक्ट क्यों कर दिए गए? इस पर विनोद कुमार ने बताया कि उनकी निर्धारित लंबाई ज्यादा थी। इस पर टीसी गुप्ता ने उनसे पूछा कि कितनी लंबाई होनी चाहिए।
विनोद ने बताया कि 3.8 फुट पुरुषों की और 4.5 फुट महिलाओं की। इस पर गुप्ता ने दोबारा से सोचकर बोलने की बात कही विनोद कुमार ने कहा कि यही ठीक है। गुप्ता ने सुनकर कहा कि आपको तो यही नहीं पता हमें तो पूरा हरियाणा देखना है। महिलाओं की लंबाई 3.5 फुट निर्धारित है। इस पर विनोद कुमार ने क्षमा मांगी। गुप्ता ने कहा कि अब ऐसा पोर्टल बनाएंगे कि निर्धारित लंबाई से ज्यादा यदि कोई आवेदन पत्र में लिखेगा तो उसका आवेदन ही स्वीकार नहीं होगा ताकि आवेदन करने वाला बिना बात के परेशान न हो। इसी तरह स्वास्थ्य विभाग की ओर से पहुंची डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. बलविंद्र से पूछा कि 3 महीने में जन्म-मृत्यु के 8210 में से 32.90 प्रतिशत आवेदन रिजेक्ट कर दिए? क्यों नहीं बनाए। डॉ. बलविंद्र ने कहा कि कोरोना के चलते टीकाकरण में व्यस्त थे। अब कर देंगे। जवाब से असंतुष्ट अधिकारी ने कहा कि यह कोई जवाब नहीं है। अब कैसे कर देंगे? यह स्वास्थ्य मंत्री का जिला है। क्या उन्हें बता दूं? सीधे सिरसा ट्रांसफर होगा।
कृषि विभाग के अधिकारी को भी दी सीख
इस दौरान कृषि विभाग के अधिकारी से कहा कि आपका रिपोर्ट खराब बेहद खराब है। आप तो किसान को समय पर बीज भी नहीं दिला सकते। 99.20 प्रतिशत रिजेक्शन रेट है आपके विभाग का। आपको तो पद पर भी रहने का अधिकार नहीं है। यदि बार-बार आवेदन रिजेक्ट हो रहे हैं तो यह विभाग के लिए शर्म की बात है। इसमें सुधार करें। इसी तरह जिला रोजगार अधिकारी भी सवालों का जवाब नहीं दे पाई। अधिकारी ने कहा कि आप बिना तैयारी के आई हैं और हमें ही बता रही हैं कि क्या सही है क्या गलत। आपको तो यह भी नहीं पता कि यह जो रिकार्ड है यह अंबाला का ही है प्रदेश का नहीं है।
जनता ने दिए सुझाव
बैठक में आम जनता ने भी अपने सुझाव दिए, साथ ही अधिसूचित सेवाओं की जानकारी को लेकर आयुक्त सेवा का अधिकार के कार्य की प्रशंसा भी की। मनोज गोयल, रामचंद्र, दीपक आनंद, देशबंधु मेहता, केहर सिंह राणा, हरमेश पाल, साहब सिंह, अवतार सिंह तथा रामबाबू ने भी अपने सुझाव दिए।
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मुख्य आयुक्त टीसी गुप्ता ने कहा कि वर्ष 2014 में आयोग की स्थापना की गई थी। उन्होंने सेवानिवृत्ति के बाद तीन महीने पहले ही आयोग में बतौर मुख्य आयुक्त कमान संभाली है। पाया कि सात साल में केवल 7 शिकायतें ही आयोग के पास आईं। क्योंकि लोग नीचे ही शिकायत देकर थक चुके होते हैं। उन्हें लगता है कि अब ऊपर भी क्या सुनवाई होगी। इसीलिए अंत्योदय सरल पोर्टल पर सरकारी सेवाओं से संबंधित 546 अधिसूचित सेवाएं हैं जिनमें से 277 सेवाएं अंत्योदय सरल पोर्टल पर ऑनलाइन उपलब्ध करवा दी गई हैं। कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से इन सेवाओं का लाभ ले सकता है।
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गुप्ता ने बताया कि अब किसी भी व्यक्ति को आयोग में अपील करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। निर्धारित अवधि में यदि काम नहीं हुआ या व्यक्ति को जवाब नहीं मिला तो पोर्टल खुद फाइल को उच्चाधिकारी के पास प्रेषित कर देगा। उन्होंने यह भी बताया कि आयोग प्रार्थी की शिकायत का समयबद्ध तरीके से निवारण न होने पर नियमों के तहत 20 हजार रुपये तक का जुर्माना भी लगा सकता है। साथ ही प्रार्थी को 5 हजार रुपये की राशि भी आयोग दिलवा सकता है।
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अधिकारियों के छूटे पसीने, जवाब तक नहीं दे सके
इस दौरान अधूरी तैयारियों के साथ पहुंचे अधिकारियों को उन्हें खूब सुनाया इससे अधिकारियों के पसीने छूट गए। टीसी गुप्ता ने कहा कि आपको भी नहीं पता था कि आज की बैठक में क्या होगा? सभी सोच रहें होंगे चाय पीकर लेक्चर सुनकर चले जाएंगे। इस दौरान बिजली निगम के एसई विनय बरनवाल से उन्होंने सवाल पूछा कि बिजली चोरी के केस में उतारे गए मीटर की कितने दिनों में लैब से जांच करवाते हैं? इस पर एसई ने कहा कि 1-2 दिनों में। यह सुनते ही गुप्ता बोले एसई साहब यदि आप 1-2 दिनों में यह काम करवा देंगे तो आपको मैं प्रशंसा पत्र दूंगा? सोच समझकर बात करें और अपनी कार्यप्रणाली सुधार लें। इस दौरान आयोग की सचिव मीनाक्षी राज भी उनके साथ मौजूद रहीं।
कितनी देर में ठीक हो जाते हैं फ्यूज, एसई बोले एक घंटे में...
इस दौरान मुख्य आयुक्त ने बिजली निगम की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े किए। पूछा कि एसई साहब बिजली निगम जिले में बिजली जाने पर साधारण फ्यूज कितनी देरी में लगा देता है? इसके लिए चार घंटे का समय है। इस पर एसई वीके बरनवाल ने कहा कि चार घंटे में कर ही देते हैं। गुप्ता ने कहा कि हरियाणा का औसतन रेट 1 घंटा 20 मिनट है आप सोचकर बताएं? एसई ने कहा 45 से 1 घंटे के बीच। यह सुनकर उन्होंने सभा में बैठे लोगों से जवाब मांगा? अंबाला शहर कपड़ा मार्केट से मोहन गोयल ने बताया कि हर रविवार को छह घंटे कट लगता है। कोई नहीं सुनता।
जिले ही नहीं प्रदेश में भी अंबाला बिजली निगम का रिकॉर्ड खराब
90 दिनों में बिजली निगम के पास 54 हजार 162 नए कनेक्शन के आवेदन आए। इनमें से 34.50 को अधिकारियों ने रिजेक्ट कर दिया। 1794 लोगों ने संतुष्टि के लिए 3 नंबर ही दिए। इसी तरह लोड घटाने के लिए 3770 आवेदन आए इनमें से भी करीब 28.60 प्रतिशत रिजेक्ट कर दिए गए। इसमें भी संतुष्टि के लिए 93 लोगों ने औसतन 3 नंबर दिए। बिल संबंधित शिकायतों में भी 862 लोगों ने एक नंबर दिया। इस पर गुप्ता ने कहा कि आपके विभाग से कोई भी संतुष्ट नहीं है। आपकी एवरेज संतुष्टि रेट 3.1 है जोकि जिले में सभी विभागों में ही नहीं पूरे हरियाणा में सबसे खराब है।
जिला समाज कल्याण और स्वास्थ्य विभाग अधिकारी नहीं दे पाए सवालों का जवाब
आयोग के मुख्य आयुक्त बोले स्वास्थ्य मंत्री के जिले में रहते हुए यह हाल, मंत्री को बता दूं क्या
माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला। हरियाणा सेवा अधिकार आयोग के मुख्य आयुक्त टीसी ने एसडी कॉलेज में जिलास्तरीय अधिकारियों की बैठक ली। इसमें उन्होंने अधिकारियों से सीधे सवाल किए। हाल यह रहे कि अधिकारी सवालों का जवाब तक नहीं दे सके। जिला समाज कल्याण विभाग के अधिकारी से पूछा कि बौने व्यक्तियों के छह फार्म आपके पास 90 दिनों में पेंशन के लिए आए सभी के आवेदन रिजेक्ट क्यों कर दिए गए? इस पर विनोद कुमार ने बताया कि उनकी निर्धारित लंबाई ज्यादा थी। इस पर टीसी गुप्ता ने उनसे पूछा कि कितनी लंबाई होनी चाहिए।
विनोद ने बताया कि 3.8 फुट पुरुषों की और 4.5 फुट महिलाओं की। इस पर गुप्ता ने दोबारा से सोचकर बोलने की बात कही विनोद कुमार ने कहा कि यही ठीक है। गुप्ता ने सुनकर कहा कि आपको तो यही नहीं पता हमें तो पूरा हरियाणा देखना है। महिलाओं की लंबाई 3.5 फुट निर्धारित है। इस पर विनोद कुमार ने क्षमा मांगी। गुप्ता ने कहा कि अब ऐसा पोर्टल बनाएंगे कि निर्धारित लंबाई से ज्यादा यदि कोई आवेदन पत्र में लिखेगा तो उसका आवेदन ही स्वीकार नहीं होगा ताकि आवेदन करने वाला बिना बात के परेशान न हो। इसी तरह स्वास्थ्य विभाग की ओर से पहुंची डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. बलविंद्र से पूछा कि 3 महीने में जन्म-मृत्यु के 8210 में से 32.90 प्रतिशत आवेदन रिजेक्ट कर दिए? क्यों नहीं बनाए। डॉ. बलविंद्र ने कहा कि कोरोना के चलते टीकाकरण में व्यस्त थे। अब कर देंगे। जवाब से असंतुष्ट अधिकारी ने कहा कि यह कोई जवाब नहीं है। अब कैसे कर देंगे? यह स्वास्थ्य मंत्री का जिला है। क्या उन्हें बता दूं? सीधे सिरसा ट्रांसफर होगा।
कृषि विभाग के अधिकारी को भी दी सीख
इस दौरान कृषि विभाग के अधिकारी से कहा कि आपका रिपोर्ट खराब बेहद खराब है। आप तो किसान को समय पर बीज भी नहीं दिला सकते। 99.20 प्रतिशत रिजेक्शन रेट है आपके विभाग का। आपको तो पद पर भी रहने का अधिकार नहीं है। यदि बार-बार आवेदन रिजेक्ट हो रहे हैं तो यह विभाग के लिए शर्म की बात है। इसमें सुधार करें। इसी तरह जिला रोजगार अधिकारी भी सवालों का जवाब नहीं दे पाई। अधिकारी ने कहा कि आप बिना तैयारी के आई हैं और हमें ही बता रही हैं कि क्या सही है क्या गलत। आपको तो यह भी नहीं पता कि यह जो रिकार्ड है यह अंबाला का ही है प्रदेश का नहीं है।
जनता ने दिए सुझाव
बैठक में आम जनता ने भी अपने सुझाव दिए, साथ ही अधिसूचित सेवाओं की जानकारी को लेकर आयुक्त सेवा का अधिकार के कार्य की प्रशंसा भी की। मनोज गोयल, रामचंद्र, दीपक आनंद, देशबंधु मेहता, केहर सिंह राणा, हरमेश पाल, साहब सिंह, अवतार सिंह तथा रामबाबू ने भी अपने सुझाव दिए।