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अब बीबी जागीर संभालेंगी हरियाणा में कमान
ब्यूरो/अमर उजाला, अंबाला
Updated Sun, 20 Jul 2014 12:34 AM IST
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हरियाणा में अलग एसजीपीसी बनाने के मामले में पंजाब और हरियाणा के सिख नेताओं के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। एसजीपीसी अमृतसर से संबंधित हरियाणा के तमाम आठ बडे़ और 19 छोटे गुरुद्वारों पर पंजाब के सिख नेताओं की नफरी बढ़ती जा रही है।
पंजाब के सिख नेता किसी भी कीमत पर इन गुरुद्वारों का प्रबंधन हरियाणा की नव गठित एसजीपीसी के सुपुर्द नहीं करना चाहते। इसी के चलते अब हरियाणा में सिखों को समझाने और उनकी आस्था एसजीपीसी अमृतसर से जोड़े रखने का जिम्मा पंजाब सरकार ने एसजीपीसी अमृतसर की पूर्व अध्यक्ष एवं शिअद महिला नेता बीबी जागीर कौर को सौंपी है। बीबी के दौरे हरियाणा में 24 जुलाई से शुरू हो जाएंगे। ये दौरे अंबाला शहर से शुरू होंगे। बीबी हरियाणा के विभिन्न इलाकों में स्थित गुरुद्वारों में जाएंगी और वहां स्थिति का जायजा लेंगी। उसके बाद बीबी स्थानीय सिखों से भी मिलेंगी और अनुरोध करेंगी कि वे सरकार के इस पैंतरे को समझें। बीबी लोगों की आस्था एसजीपीसी अमृतसर से ही जोडे़ रखने का प्रयास करेंगी।
हुड्डा कौम दे मसलयां तों दूर रवै ते अच्छा : बीबी जागीर कौर
अंबाला सिटी। हरियाणा में अलग एसजीपीसी के मसले के चलते दौरा करने से पहले ‘अमर उजाला’ से बातचीत करते हुए बीबी जागीर कौर ने साफ कहा कि सीएम भूपेंद्र हुड्डा सिख कौम दे मसलां तों दूर रवै ते अच्छा रहेगा। उन्होंने कहा कि दस साल से कांग्रेस सरकार हरियाणा में अपनी अलग राजधानी और हाईकोर्ट तो बना नहीं सकी और अब अलग एसजीपीसी बनाने की बात कर रही है। बीबी ने कहा कि हुड्डा सरकार ने हरियाणा एसजीपीसी का गठन करके न केवल संविधान के साथ खिलवाड़ किया है, बल्कि पंजाब और हरियाणा के सिख भाइयों को लड़वाने का काम किया है, जिसमें हरियाणा के कुछ ऐसे सिख उनका साथ दे रहे हैं, जिन्हें कौम से ज्यादा राजनीति प्यारी है। हुड्डा सरकार और कौम विरोधी सिख नेताओं को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
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कौर ने कहा कि गुरुद्वारे चाहे पंजाब में हों या हरियाणा में कभी इन गुरुघरों पर राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं हुआ। कोई भी राजनीतिक पार्टी ने कभी इन गुरुघरों पर राजनीति नहीं की और न ही सिखों के कौमी मसलाें पर हस्तक्षेप किया है लेकिन हरियाणा में हुड्डा सरकार ने गुरुद्वारों को विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही अपनी राजनीति का केंद्र बिंदु बनाने की कोशिश की है।
इसका जवाब हरियाणा के सिख ही हुड्डा और उनके विधायकों व मंत्रियों को देंगे। बीबी ने कहा कि झींडा व अन्य सिख नेता जो यह दावा करते हैं कि हरियाणा के सिख उनके समर्थन में हैं, तो ये नेता पहले यह बताएं कि हरियाणा के सिख यदि उन्हें चाहते हैं तो एसजीपीसी के पूर्व चुनाव में हरियाणा की सभी 11 सीटों पर हरियाणा के सिखों ने उन्हें हरवाया क्यों? उस वक्त भी हरियाणा के सिखों ने एसजीपीसी अमृतसर में श्रद्धा रखने वाले प्रत्याशियों को ही विजयी बनाया था और आज भी हरियाणा का सिख अपने बड़े भाई पंजाब के सिखों के साथ है।
गुरुद्वारों में जमा हो रहे हैं हथियार : झींडा
अंबाला सिटी। हरियाणा एसजीपीसी के एडहॉक अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा ने कहा कि हरियाणा के गुरुघरों में जो पंजाब के सिख नेताओं की नफरी बढ़ रही है, वे हरियाणा एसजीपीसी के नए एक्ट के मुताबिक उचित नहीं है। झींडा ने आरोप लगाते हुए कहा कि पंजाब के सिख नेताओं ने गुरुद्वारों के कमरों को हथियारों से भर दिया है। उनका कहना है कि पंजाब के सिख नेता रोजाना पंजाब से भारी मात्रा में हथियार ला रहे हैं और गुरुघरों के कमरों में छिपा रहे हैं। ‘अमर उजाला’ से बातचीत में झींडा ने कहा कि हरियाणा एसजीपीसी की आपात बैठक में यह फैसला ले लिया गया है कि पंजाब के सिख नेताओं के मंसूबों का जवाब हरियाणा के सिख शांतिपूर्वक ढंग से देंगे। झींडा के अनुसार शुक्रवार रात को दिल्ली में सीएम हुड्डा से भी यही बात हुई है कि पंजाब के सिख नेताओं की इस करतूत का जवाब हरियाणा के सिख विनम्रता और शांतिपूर्वक ढंग से देंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सिख दंगा नहीं चाहते, लेकिन पंजाब के सिख नेता यही सोचकर हरियाणा के गुरुद्वारों में नफरी बढ़ा रहे हैं।
सूबे में निकालेंगे शांति मार्च
हरियाणा एसजीपीसी की आपातकालीन बैठक में यह फैसला लिया गया हरियाणा के सिख शांति मार्च निकालेंगे। इसकी शुरुआत रविवार को अंबाला से होगी। सोमवार को फतेहाबाद, मंगलवार को करनाल और बुधवार को कुरुक्षेत्र में शांति मार्च निकाला जाएगा। इसी तरह आगे शेड्यूल को बढ़ाया जाएगा। झींडा के अनुसार इस शांति मार्च में हरियाणा के सिख जिला उपायुक्तों को ज्ञापन सौंपेंगे और हरियाणा एसजीपीसी के नए कानून के तहत उनसे आग्रह करेंगे कि वे हरियाणा के गुरुद्वारों को सिख नेताओं की दबंगता से मुक्त करवाएं।
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पंजाब के सिख नेता किसी भी कीमत पर इन गुरुद्वारों का प्रबंधन हरियाणा की नव गठित एसजीपीसी के सुपुर्द नहीं करना चाहते। इसी के चलते अब हरियाणा में सिखों को समझाने और उनकी आस्था एसजीपीसी अमृतसर से जोड़े रखने का जिम्मा पंजाब सरकार ने एसजीपीसी अमृतसर की पूर्व अध्यक्ष एवं शिअद महिला नेता बीबी जागीर कौर को सौंपी है। बीबी के दौरे हरियाणा में 24 जुलाई से शुरू हो जाएंगे। ये दौरे अंबाला शहर से शुरू होंगे। बीबी हरियाणा के विभिन्न इलाकों में स्थित गुरुद्वारों में जाएंगी और वहां स्थिति का जायजा लेंगी। उसके बाद बीबी स्थानीय सिखों से भी मिलेंगी और अनुरोध करेंगी कि वे सरकार के इस पैंतरे को समझें। बीबी लोगों की आस्था एसजीपीसी अमृतसर से ही जोडे़ रखने का प्रयास करेंगी।
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हुड्डा कौम दे मसलयां तों दूर रवै ते अच्छा : बीबी जागीर कौर
अंबाला सिटी। हरियाणा में अलग एसजीपीसी के मसले के चलते दौरा करने से पहले ‘अमर उजाला’ से बातचीत करते हुए बीबी जागीर कौर ने साफ कहा कि सीएम भूपेंद्र हुड्डा सिख कौम दे मसलां तों दूर रवै ते अच्छा रहेगा। उन्होंने कहा कि दस साल से कांग्रेस सरकार हरियाणा में अपनी अलग राजधानी और हाईकोर्ट तो बना नहीं सकी और अब अलग एसजीपीसी बनाने की बात कर रही है। बीबी ने कहा कि हुड्डा सरकार ने हरियाणा एसजीपीसी का गठन करके न केवल संविधान के साथ खिलवाड़ किया है, बल्कि पंजाब और हरियाणा के सिख भाइयों को लड़वाने का काम किया है, जिसमें हरियाणा के कुछ ऐसे सिख उनका साथ दे रहे हैं, जिन्हें कौम से ज्यादा राजनीति प्यारी है। हुड्डा सरकार और कौम विरोधी सिख नेताओं को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
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कौर ने कहा कि गुरुद्वारे चाहे पंजाब में हों या हरियाणा में कभी इन गुरुघरों पर राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं हुआ। कोई भी राजनीतिक पार्टी ने कभी इन गुरुघरों पर राजनीति नहीं की और न ही सिखों के कौमी मसलाें पर हस्तक्षेप किया है लेकिन हरियाणा में हुड्डा सरकार ने गुरुद्वारों को विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही अपनी राजनीति का केंद्र बिंदु बनाने की कोशिश की है।
इसका जवाब हरियाणा के सिख ही हुड्डा और उनके विधायकों व मंत्रियों को देंगे। बीबी ने कहा कि झींडा व अन्य सिख नेता जो यह दावा करते हैं कि हरियाणा के सिख उनके समर्थन में हैं, तो ये नेता पहले यह बताएं कि हरियाणा के सिख यदि उन्हें चाहते हैं तो एसजीपीसी के पूर्व चुनाव में हरियाणा की सभी 11 सीटों पर हरियाणा के सिखों ने उन्हें हरवाया क्यों? उस वक्त भी हरियाणा के सिखों ने एसजीपीसी अमृतसर में श्रद्धा रखने वाले प्रत्याशियों को ही विजयी बनाया था और आज भी हरियाणा का सिख अपने बड़े भाई पंजाब के सिखों के साथ है।
गुरुद्वारों में जमा हो रहे हैं हथियार : झींडा
अंबाला सिटी। हरियाणा एसजीपीसी के एडहॉक अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा ने कहा कि हरियाणा के गुरुघरों में जो पंजाब के सिख नेताओं की नफरी बढ़ रही है, वे हरियाणा एसजीपीसी के नए एक्ट के मुताबिक उचित नहीं है। झींडा ने आरोप लगाते हुए कहा कि पंजाब के सिख नेताओं ने गुरुद्वारों के कमरों को हथियारों से भर दिया है। उनका कहना है कि पंजाब के सिख नेता रोजाना पंजाब से भारी मात्रा में हथियार ला रहे हैं और गुरुघरों के कमरों में छिपा रहे हैं। ‘अमर उजाला’ से बातचीत में झींडा ने कहा कि हरियाणा एसजीपीसी की आपात बैठक में यह फैसला ले लिया गया है कि पंजाब के सिख नेताओं के मंसूबों का जवाब हरियाणा के सिख शांतिपूर्वक ढंग से देंगे। झींडा के अनुसार शुक्रवार रात को दिल्ली में सीएम हुड्डा से भी यही बात हुई है कि पंजाब के सिख नेताओं की इस करतूत का जवाब हरियाणा के सिख विनम्रता और शांतिपूर्वक ढंग से देंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सिख दंगा नहीं चाहते, लेकिन पंजाब के सिख नेता यही सोचकर हरियाणा के गुरुद्वारों में नफरी बढ़ा रहे हैं।
सूबे में निकालेंगे शांति मार्च
हरियाणा एसजीपीसी की आपातकालीन बैठक में यह फैसला लिया गया हरियाणा के सिख शांति मार्च निकालेंगे। इसकी शुरुआत रविवार को अंबाला से होगी। सोमवार को फतेहाबाद, मंगलवार को करनाल और बुधवार को कुरुक्षेत्र में शांति मार्च निकाला जाएगा। इसी तरह आगे शेड्यूल को बढ़ाया जाएगा। झींडा के अनुसार इस शांति मार्च में हरियाणा के सिख जिला उपायुक्तों को ज्ञापन सौंपेंगे और हरियाणा एसजीपीसी के नए कानून के तहत उनसे आग्रह करेंगे कि वे हरियाणा के गुरुद्वारों को सिख नेताओं की दबंगता से मुक्त करवाएं।