{"_id":"61fd850e290c826eca7810e6","slug":"civic-other-ambala-news-knl979875196","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेलवे की लंबित परियोजनाओं फिर होंगी शुरु, दिल्ली-अंबाला रेलवे ट्रैक पर ट्रेनों की बढ़ेगी गति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रेलवे की लंबित परियोजनाओं फिर होंगी शुरु, दिल्ली-अंबाला रेलवे ट्रैक पर ट्रेनों की बढ़ेगी गति
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आम बजट के साथ रेलवे की लंबित परियोजनाओं को रफ्तार मिलने की उम्मीद जगी है। बजट में दिल्ली-अंबाला रेल मार्ग पर आने वाले चार मोड़ को सीधा करने के लिए राशि निर्धारित की गई है, ताकि आने वाले समय में ट्रेनों की गति इस मार्ग पर बढ़ाई जा सके। उत्तर रेलवे द्वारा बजट सेशन के बाद जारी की गई पिंक बुक में इसकी जानकारी दी गई है।
वहीं चंडीगढ़-बद्दी, चंडीगढ़ वाया नारायणगढ़ होते हुए यमुनानगर तक, चंडीगढ़ से दप्पर सहित अन्य कुछ मार्ग शामिल हैं। जिन्हें दोहरीकरण के साथ आधुनिक सिग्नल सिस्टम से लैस किया जाएगा ताकि दुर्घटनाओं को रोक कर ट्रेनों का समुचित संचालन हो सके।
वहीं, आमजन को भी राहत प्रदान करते हुए अंबाला-लुधियाना रेल मार्ग पर आने वाले रेल फाटकों पर रेलवे ओवरब्रिज व अंडरब्रिज का निर्माण भी किया जाएगा। दूसरी तरफ अंबाला छावनी सहित चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन को भी आधुनिक तरीके से विकसित करते हुए यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। इस बुक रिपोर्ट में इसमें प्रत्येक कार्य के लिए निर्धारित राशि, कितना काम हुआ, कितना बाकि है और इस साल आगामी परियोजनाओं को पूरा करने के लिए कितना बजट केंद्र सरकार की तरफ से जारी किया गया है।
विज्ञापन
चंडीगढ़ से वाया नारायणगढ़ होते हुए यमुनानगर तक रेल लाइन बिछाने को लेकर इस बार फिर सर्वे को लेकर कुछ खर्च निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार पानीपत से मेरठ रेलवे लाइन, चंडीगढ़-बद्दी परियोजना, रेवाड़ी-रोहतक 81.26 किमी लंबी लाइन, जींद-सोनीपत की 88.9 किमी लाइन, चंडीगढ़-बद्दी 33.23 किमी लाइन, रोहतक-महम-हांसी 86.8 किमी, दिल्ली-सोहाना-नूंह-फिरोजपुर झिरका-अलवर 104 किमी, यमुनानगर-चंडीगढ़ वाया साढौरा-नारायणगढ़ की 91 किमी लंबी रेल लाइन सहित मेरठ-पानीपत की 104 किमी रेल लाइन के लिए थोड़ी और राशि मंजूर की गई है।
पिंक बुक में रेलवे के लंबित कार्यों को लेकर बजट जारी किया गया है। यह सभी कार्य मुख्यालय की निगरानी में ही किए जाते हैं। प्रत्येक कार्य के लिए अलग से रूपरेखा तैयार कर भेजी गई थी। पूरी जानकारी लेने के बाद ही इस पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी जा सकती है।
- गुरिंदर मोहन सिंह, रेल प्रबंधक, अंबाला मंडल।
विज्ञापन
वहीं चंडीगढ़-बद्दी, चंडीगढ़ वाया नारायणगढ़ होते हुए यमुनानगर तक, चंडीगढ़ से दप्पर सहित अन्य कुछ मार्ग शामिल हैं। जिन्हें दोहरीकरण के साथ आधुनिक सिग्नल सिस्टम से लैस किया जाएगा ताकि दुर्घटनाओं को रोक कर ट्रेनों का समुचित संचालन हो सके।
विज्ञापन
वहीं, आमजन को भी राहत प्रदान करते हुए अंबाला-लुधियाना रेल मार्ग पर आने वाले रेल फाटकों पर रेलवे ओवरब्रिज व अंडरब्रिज का निर्माण भी किया जाएगा। दूसरी तरफ अंबाला छावनी सहित चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन को भी आधुनिक तरीके से विकसित करते हुए यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। इस बुक रिपोर्ट में इसमें प्रत्येक कार्य के लिए निर्धारित राशि, कितना काम हुआ, कितना बाकि है और इस साल आगामी परियोजनाओं को पूरा करने के लिए कितना बजट केंद्र सरकार की तरफ से जारी किया गया है।
विज्ञापन
चंडीगढ़ से वाया नारायणगढ़ होते हुए यमुनानगर तक रेल लाइन बिछाने को लेकर इस बार फिर सर्वे को लेकर कुछ खर्च निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार पानीपत से मेरठ रेलवे लाइन, चंडीगढ़-बद्दी परियोजना, रेवाड़ी-रोहतक 81.26 किमी लंबी लाइन, जींद-सोनीपत की 88.9 किमी लाइन, चंडीगढ़-बद्दी 33.23 किमी लाइन, रोहतक-महम-हांसी 86.8 किमी, दिल्ली-सोहाना-नूंह-फिरोजपुर झिरका-अलवर 104 किमी, यमुनानगर-चंडीगढ़ वाया साढौरा-नारायणगढ़ की 91 किमी लंबी रेल लाइन सहित मेरठ-पानीपत की 104 किमी रेल लाइन के लिए थोड़ी और राशि मंजूर की गई है।
पिंक बुक में रेलवे के लंबित कार्यों को लेकर बजट जारी किया गया है। यह सभी कार्य मुख्यालय की निगरानी में ही किए जाते हैं। प्रत्येक कार्य के लिए अलग से रूपरेखा तैयार कर भेजी गई थी। पूरी जानकारी लेने के बाद ही इस पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी जा सकती है।
- गुरिंदर मोहन सिंह, रेल प्रबंधक, अंबाला मंडल।