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पुलिस कंट्रोलरूम का नंबर 100 नहीं 112, पंचकूला से चलेगा इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम
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पुलिस कंट्रोल रूम का नंबर अब 100 नहीं बल्कि 112 होगा। पुराने नंबर पर लोगों की कॉल करने की आदत बदलने के लिए पुराने नंबर को अभी फिलहाल सिस्टम से अलग नहीं किया गया है। इस नंबर पर की जाने वाली कॉल स्वयं 112 नंबर पर फारवर्ड हो जाएंगी। पंचकूला में इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम को लागू करने के लिए नए भवन का निर्माण हो चुका है। कंप्यूटर व अन्य मशीनरी जल्द फिट कर दी जाएगी। तीन माह में सिस्टम का उद्घाटन कर दिया जाएगा। सिस्टम के साथ फायर व एंबुलेंस की सुविधा भी जोड़ी जाएगी, ताकि मुसीबत की घड़ी में एक साथ सुविधाएं पहुंचाई जा सके। इसके लागू होने से शहरी लोगों के पास 15 तथा ग्रामीण इलाकों में आधे घंटे के भीतर पुलिस सुरक्षा व सहयोग पहुंच पाएगा। गृह विभाग ने विश्व की सबसे विश्वसनीय आईटी कंपनी के साथ अनुबंध कर लिया है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस 600 नए वाहन होंगे बेड़े में शामिल
600 नए वाहन पुलिस बेड़े में अटैच कर दिए गए हैं। इनमें साथ पुराने वाहनों को भी इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम के साथ जोड़ा जाएगा, ताकि मुसीबत की घड़ी में तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके। गृह विभाग ने इस बारे आईटी कंपनी से अनुबंध कर लिया है। सिस्टम में कर्मचारियों को ट्रेनिंग भी दी जाएगी। पंचकूला में बनने बनने वाले भवन से यह सिस्टम चार माह में काम करने लगेगा।
अनिल विज, गृहमंत्री, प्रदेश सरकार।
हर थाने में भेजी जाएंगे दो-दो नए वाहन
भारत सरकार की सहयोगी आईटी कंपनी ने एक नया सॉफ्टवेयर बनाकर प्रदेश सरकार को मुफ्त में दिया है। अत्याधुनिक 600 वाहनों में से दो-दो सभी थानों में खड़े किए जाएंगे, ताकि कंट्रोलरूम से आदेश मिलते ही घटनास्थल को रवाना होंगे। इसमें 4500 मुलाजिमों के अलावा कंट्रोलरूम में 150 कर्मी ड्यूटी पर रहेंगे। यह विश्व का सबसे विश्वसनीय सिस्टम है। आने वाले समय में समय अवधि कम भी की जाएगी।
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मनोज यादव, डीजीपी, हरियाणा।
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आधुनिक सुविधाओं से लैस 600 नए वाहन होंगे बेड़े में शामिल
600 नए वाहन पुलिस बेड़े में अटैच कर दिए गए हैं। इनमें साथ पुराने वाहनों को भी इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम के साथ जोड़ा जाएगा, ताकि मुसीबत की घड़ी में तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके। गृह विभाग ने इस बारे आईटी कंपनी से अनुबंध कर लिया है। सिस्टम में कर्मचारियों को ट्रेनिंग भी दी जाएगी। पंचकूला में बनने बनने वाले भवन से यह सिस्टम चार माह में काम करने लगेगा।
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अनिल विज, गृहमंत्री, प्रदेश सरकार।
हर थाने में भेजी जाएंगे दो-दो नए वाहन
भारत सरकार की सहयोगी आईटी कंपनी ने एक नया सॉफ्टवेयर बनाकर प्रदेश सरकार को मुफ्त में दिया है। अत्याधुनिक 600 वाहनों में से दो-दो सभी थानों में खड़े किए जाएंगे, ताकि कंट्रोलरूम से आदेश मिलते ही घटनास्थल को रवाना होंगे। इसमें 4500 मुलाजिमों के अलावा कंट्रोलरूम में 150 कर्मी ड्यूटी पर रहेंगे। यह विश्व का सबसे विश्वसनीय सिस्टम है। आने वाले समय में समय अवधि कम भी की जाएगी।
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मनोज यादव, डीजीपी, हरियाणा।