{"_id":"6a233f34e6d28e588a05e0a2","slug":"children-learnt-haryanvi-folk-art-ambala-news-c-36-1-amb1001-164324-2026-06-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: बच्चों ने सीखी हरियाणवी लोक कला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: बच्चों ने सीखी हरियाणवी लोक कला
Sat, 06 Jun 2026 02:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Sat, 06 Jun 2026 02:57 AM IST
विज्ञापन
अंबाला। लघु बाल भवन में चल रही 10 दिवसीय संगीत कार्यशाला में शुक्रवार को बच्चों ने देशभक्ति और हरियाणवी संस्कृति के सुर सीखे। उपायुक्त अजय सिंह तोमर के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यशाला के पांचवें दिन प्रशिक्षुओं को गायत्री वंदना, सरस्वती वंदना और वंदे मातरम का अभ्यास कराया गया।
संगीत निर्देशक दीपक गुलजार की देखरेख में बच्चों ने हरियाणवी लोकगीतों, हो बुड्डी न्यू सुबके और हो हटजा ताऊ पाछे, पर प्रस्तुति दी। जिला बाल कल्याण अधिकारी विश्वास मलिक ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, भाषा और समृद्ध इतिहास से जोड़ना है। कार्यशाला में बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा है। संवाद
विज्ञापन
संगीत निर्देशक दीपक गुलजार की देखरेख में बच्चों ने हरियाणवी लोकगीतों, हो बुड्डी न्यू सुबके और हो हटजा ताऊ पाछे, पर प्रस्तुति दी। जिला बाल कल्याण अधिकारी विश्वास मलिक ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, भाषा और समृद्ध इतिहास से जोड़ना है। कार्यशाला में बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा है। संवाद
विज्ञापन