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छठ पूजा महोत्सव : पूजा के लिए घाट तैयार
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अंबाला सिटी। छठ पूजा को आस्था का महापर्व कहा जाता है। यह पर्व बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल व हरियाणा पंजाब के विभिन्न राज्यों में बसे निवासी इस पर्व को धूमधाम से मनाते हैं। इस पर्व को लेकर सिटी के नसीरपुर, चंडीगढ़ रोड स्थित नजदीक पासपोर्ट कार्यालय, घग्गर नदी, सेक्टर-9 में घाट तैयार कर पूजा करने की तैयारियां की जा रही हैं।
इसी प्रकार छावनी के रेलवे कॉलोनी, नाचघर महेश नगर स्थित टांगरी नदी में श्रद्धालुओं द्वारा डूबते को अर्ध्य दिया जाएगा। इस पर्व पर की जाने वाली विशेष पूजा-अर्चना के लिए पानी के घाट सुनिश्चित कर दिए गए हैं। ज्योतिषियों के अनुसार छठ पर्व कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर शुरू होता है। पहले दिन नहाय खाय किया जाता है। उसके बाद पंचमी तिथि पर खरना होता है और षष्ठी पर डूबते सूर्य की पूजा की जाती है। अगले दिन सप्तमी तिथि पर उगते सूर्य को अर्ध्य देकर छठ पूजा पर्व व्रत को विधिवत संपूर्ण माना जाता है। छठ का व्रत रखकर माताएं अपनी संतान की सलामती के लिए दुआएं मांगती हैं। यह माना जाता है कि छठ पूजा करने से छठी मैया द्वारा विशेष आशीर्वाद दिया जामा है। जिससे जहां संतान को सुखमय जीवन के वरदान का आशीर्वाद दिया जाता है।
सिटी पटेल नगर की रहने वाली संगीता पाठक ने बताया कि पंचांग के अनुसार इस बार छठ पूजा शुक्रवार से की जाएगी। जिसका समापन सोमवार को विधिवत किया जाएगा। नहाय खाय इन दिनों में पारिवारिक सदस्य शाकाहारी भोजन ही ग्रहण करते हैं।
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सिटी जंडली की रहने वाली वंदना पांडे ने बताया कि खरना में व्रती एक समय मीठा भोजन करते हैं। मीठे में गुड़ से बनी चावल की खीर खाना बेहद शुभ माना गया है। चूल्हे पर आम की लकड़ी से आग जलाई जाती है और फिर प्रसाद तैयार किया जाता है।
सिटी के शर्मा कॉलोनी निवासी पंडित धर्मपाल शास्त्री ने बताया कि छठ पूजा के पहले दिन नहान-खान 17 नवंबर के दिन सूर्योदय सुबह 6 बजकर 45 मिनट पर होगा, सूर्यास्त शाम 5 बजकर 27 मिनट, दूसरे दिन खरना 18 नवंबर को होगा जिसमें सूर्योदय सुबह 6 बजकर 46 मिनट, सूर्यास्त शाम 5 बजकर 26 मिनट पर होगा, तीसरे दिन संध्या अघ्र्य 19 नवंबर को किया जाएगा, सूर्यास्त शाम 5 बजकर 26 मिनट होगा, चौथे दिन चौथा दिन उषा घाट भोर घाट, सूर्योदय 6 बजकर 47 मिनट पर होगा।
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इसी प्रकार छावनी के रेलवे कॉलोनी, नाचघर महेश नगर स्थित टांगरी नदी में श्रद्धालुओं द्वारा डूबते को अर्ध्य दिया जाएगा। इस पर्व पर की जाने वाली विशेष पूजा-अर्चना के लिए पानी के घाट सुनिश्चित कर दिए गए हैं। ज्योतिषियों के अनुसार छठ पर्व कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर शुरू होता है। पहले दिन नहाय खाय किया जाता है। उसके बाद पंचमी तिथि पर खरना होता है और षष्ठी पर डूबते सूर्य की पूजा की जाती है। अगले दिन सप्तमी तिथि पर उगते सूर्य को अर्ध्य देकर छठ पूजा पर्व व्रत को विधिवत संपूर्ण माना जाता है। छठ का व्रत रखकर माताएं अपनी संतान की सलामती के लिए दुआएं मांगती हैं। यह माना जाता है कि छठ पूजा करने से छठी मैया द्वारा विशेष आशीर्वाद दिया जामा है। जिससे जहां संतान को सुखमय जीवन के वरदान का आशीर्वाद दिया जाता है।
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सिटी पटेल नगर की रहने वाली संगीता पाठक ने बताया कि पंचांग के अनुसार इस बार छठ पूजा शुक्रवार से की जाएगी। जिसका समापन सोमवार को विधिवत किया जाएगा। नहाय खाय इन दिनों में पारिवारिक सदस्य शाकाहारी भोजन ही ग्रहण करते हैं।
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सिटी जंडली की रहने वाली वंदना पांडे ने बताया कि खरना में व्रती एक समय मीठा भोजन करते हैं। मीठे में गुड़ से बनी चावल की खीर खाना बेहद शुभ माना गया है। चूल्हे पर आम की लकड़ी से आग जलाई जाती है और फिर प्रसाद तैयार किया जाता है।
सिटी के शर्मा कॉलोनी निवासी पंडित धर्मपाल शास्त्री ने बताया कि छठ पूजा के पहले दिन नहान-खान 17 नवंबर के दिन सूर्योदय सुबह 6 बजकर 45 मिनट पर होगा, सूर्यास्त शाम 5 बजकर 27 मिनट, दूसरे दिन खरना 18 नवंबर को होगा जिसमें सूर्योदय सुबह 6 बजकर 46 मिनट, सूर्यास्त शाम 5 बजकर 26 मिनट पर होगा, तीसरे दिन संध्या अघ्र्य 19 नवंबर को किया जाएगा, सूर्यास्त शाम 5 बजकर 26 मिनट होगा, चौथे दिन चौथा दिन उषा घाट भोर घाट, सूर्योदय 6 बजकर 47 मिनट पर होगा।