फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   Chhath Mahaparv will start from today with Nahay Khai

नहाय खाय के साथ आज से शुरू होगा छठ महापर्व

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 28 Oct 2022 01:03 AM IST
विज्ञापन
Chhath Mahaparv will start from today with Nahay Khai
अंबाला सिटी। नहाय खाय के साथ चार दिवसीय छठ पर्व शुक्रवार से शुरू हो रहा है। शनिवार को खरना पूजा के बाद छठ व्रती निर्जला उपवास पर रहेंगी। इसको लेकर जिलेभर में तैयारियों का दौर जारी रहा। बाजारों में दुकानदारों ने पहले ही पूजा का सामान लाकर बेचने के लिए जमा कर लिया है और ग्राहक खरीदारी कर रहे हैं। दूसरी ओर, छावनी रेलवे स्टेशन पर घर जाने वाले लोगों की भारी भीड़ दिखाई दी।
विज्ञापन

वहीं जिन लोगों को ट्रेन नहीं मिली बस के सहारे अपने गंतव्य के लिए रवाना हुए। इसके अलावा घाट तैयार करने का काम भी शुरू हो गया। घाटों की सफाई का कार्य जारी है। नहाय खाय से पूजा शुरू होने के साथ ही रविवार को शाम में अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। सोमवार सुबह भगवान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही यह पर्व संपन्न हो जाएगा।
विज्ञापन

छठ महापर्व शुद्घता, निष्ठा व पूरी श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। छठ पर्व पर स्वच्छता को लेकर बारीकी से नजर रखी जाती है। नहाय खाय के दिन कद्दू भात खाकर छठ व्रतियां महापर्व का शुभारंभ करती हैं। इसी दिन से पूजा की विधिवत शुरुआत हो जाती है। आस्था के इस महापर्व को लेकर श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है। खरना पूजा की तैयारी भी की जा रही है। छठ को लेकर दूसरे राज्यों व शहरों में रहने वालों का अपने घरों को लौटने का सिलसिला जारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

महापर्व में खरना का विशेष महत्व
दीपू मेहतो ने बताया कि महापर्व पर विशेष रूप से बनने वाले पकवानों के लिए प्रयुक्त होने वाला आटा तैयार करने में पवित्रता का पूरा ध्यान रखा जाता है। गेहूं धोने से लेकर सुखाने और पिसाई का काम भी व्रतियों द्वारा ही किया जाता है। छठ पर्व को लेकर भक्ति गीतों व लोकगीतों के बीच छठ मईया के गीत से वातावरण गुंजायमान होता है। महापर्व में खरना का विशेष महत्व होता है। इस दिन की पूजा सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है। खरना की तैयारी को लेकर नए चूल्हे व नए बर्तन में पकवान व खीर बनाया जाता है। इसकी विशेष तैयारी होती है। शाम को व्रतियां खरना की पूजा कर छठवर्ती के प्रसाद ग्रहण करने के बाद ही सगे संबंधी व अन्य लोग खरना का प्रसाद ग्रहण करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed