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ई पोर्टल के खिलाफ केमिस्ट एसोसिएशनों की हड़ताल

Wed, 31 May 2017 12:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला अंबाला
ब्यूरो/अमर उजाला अंबाला Updated Wed, 31 May 2017 12:05 AM IST
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Chemist Associations strike against E-portal, Ambala
ई पोर्टल के खिलाफ केमिस्ट एसोसिएशनों की हड़ताल - फोटो : Amar Ujala

ई पोर्टल के खिलाफ लामबंद हुई केमिस्ट एसोसिएशन की हड़ताल जिला में जहां 80 प्रतिशत तक कामयाब रही, वहीं अंबाला सिटी व बराड़ा में दुकानें खुली रहीं। अंबाला कैंट, साहा, नारायणगढ़, शहजादपुर, मुलाना में हड़ताल का असर दिखा। अब एक दिन की सांकेतिक हड़ताल के बाद केमिस्ट एसोसिएशन सरकार के रुख का इंतजार कर रही हैं, जबकि इसके बाद ही आगामी रणनीति तैयार की जाएगी।

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यह है ई पोर्टल
सरकार द्वारा केंद्रीय ई पोर्टल को एक जुलाई से शुरू किया जा रहा है। इसके तहत दवा निर्माता को यदि किसी को दवा बेचनी है, तो उसका बिल ई पोर्टल पर अपलोड करना होगा और इसके बाद ही वह अपनी दवा बेच सकता है। इसी तरह सी एंड एफ, डिस्ट्रीब्यूटर को भी इसी तरह से ई पोर्टल पर बिलिंग अपलोड करने के बाद ही अपनी दवा आगे बेचनी होगी। खास बात है कि जब रिटेलर किसी मरीज को दवा देगा, तो उसे भी दवा की पर्ची को स्कैन करके आनलाइन अपलोड करना होगा, जिसके बाद ही वह मरीज को दवा देगा।
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कैंट में दिखा असर, सिटी में खुली दुकानें
केमिस्ट एसोसिएशनों की हड़ताल के चलते अंबाला कैंट में हड़ताल पूरी तरह से कामयाब रही। कैंट में लगभग सभी दुकानें पूरी तरह से बंद रहीं। हालांकि सुबह के समय कुछ मरीज केमिस्ट शॉप पर पहुंचे, लेकिन बाद में इन दुकानों पर मरीज भी नहीं दिखे। दूसरी ओर अंबाला सिटी में इस हड़ताल का ज्यादा असर दिखाई नहीं दिया। हालांकि सुबह के कुछ घंटे तो केमिस्ट शॉप बंद रहीं, लेकिन बाद में धीरे-धीरे यह दुकानें खुलने लगीं। कैंट के रहने वाले दीपक बेदी, रोहित, गुरजीत सिंह, राजबीर ने बताया कि कैंट में केमिस्ट शॉप बंद होने के कारण परेशानियां हुईं। हालांकि रिक्वेस्ट करने पर दवा तो मिल गई, लेकिन बंद के कारण दिक्कतें हुई हैं। इसी तरह सिटी के जगजीत सिंह, प्रभजोत सिंह, रमन वालिया, सुरेश शर्मा, जानकी दास ने बताया कि सुबह के समय तो दवा की दुकानें, बंद रहीं, लेकिन बाद में कई दुकानें मिल गईं। डाक्टर ने जो दवा लिखी थी, वह तीन चार जगहों पर घूमने के बाद मिली।
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शहजादपुर व नारायणगढ़ में परेशान हुई जनता
नारायणगढ़ में मेडिकल स्टोर संचालकों की हड़ताल से जनता को परेशानियां हुईं। दवाइयों को लेने के लोग बाजारों को झांकते हुए नजर आए। हड़ताल के कारण मरीजों को अच्छी खासी दिक्कतें उठानी पड़ीं। स्थानीय निवासियों में पंकज गुप्ता, महेंद्र जोशी, ऋषभ कुमार, सतीश आर्य, कपिल गुप्ता, राजीव कुमार का कहना है कि आज के समय में करीब चालीस प्रतिशत लोग ऐसे हैं, जो किसी न किसी बीमारी से पीड़ित हैं। ऐसे में यह हड़ताल बेशक सरकार और कारोबारियों के बीच है, लेकिन इस में जनता को नुकसान हो रहा है। मेडिकल स्टोर संचालक मेघराज राणा का कहना था कि सरकार मनमानी योजना थोप रही है, जबकि सरकार की नई पॉलिसी के कारण अधिकतर मेडिकल स्टोर बंद हो जाएंगे।

मुलाना व बराड़ा में दिखा आंशिक असर
ऑल इंडिया आर्गेनाईजेशन ऑफ कैमिस्ट एंड ड्रगिस्ट के आह्वान पर मुलाना व बराड़ा के केमिस्टों ने दोपहर तक दुकानें बंद रखी, जिसके चलते बराड़ा क्षेत्र के उगाला, दोसड़का, मुलाना और अधोया सहित अन्य कस्बों में इस एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल का मिलाजुला असर दिखाई दिया। बराड़ा संघ के प्रधान प्रदीप गुप्ता के अनुसार दवाओं की ऑनलाइन बिक्री के नए नियमों से स्थानीय केमिस्ट एवं ड्रगिस्टस के हितों पर कुठाराघात होगा। दवा बिक्री के नए नियमों के विरोध में केमिस्ट्स की दुकानों को बंद रखा गया है। परंतु मरीजों की परेशानी के मद्देनजर दोपहर बाद दवाइयों की दुकान खोलने का निर्णय लिया गया है।

साहा में भी रहा मिलाजुला असर
साहा में इस हड़ताल का मिलाजुला असर दिखाई दिया। सुबह के समय सभी केमिस्ट शॉप पूरी तरह से बंद दिखीं, लेकिन जैसे-जैसे समय बीता, उसशी तरह यह दुकानें भी खुलती गईं। हालांकि कई दुकानें शाम तक बंद रहीं, लेकिन अधिकतर ने मरीजों की परेशानियों का हवाला देते हुए दुकानों को खोल दिया। स्थानीय निवासियों में राजेश कश्यप, सचिन कुमार, मनोज वर्मा ने कहा कि सुबह के समय क्लीनिक से डाक्टर ने प्रिस्क्रप्शन लिया था, लेकिन केमिस्ट शॉप बंद होने के कारण दवा नहीं मिली। कुछ जगह तलाश की गई, लेकिन दोपहर के बाद कुछ दुकानें खुली, तब कहीं जाकर दवा मिली।

सिविल अस्पतालों व निजी क्लीनिकों से मिली राहत
केमिस्ट एसोसिएशनों की हड़ताल के चलते सिविल अस्पताल से मरीजों को राहत मिली। स्वास्थ्य विभाग की मानें, तो ओपीडी में मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी रही, जबकि अस्पताल से ही मरीजों को दवाइयां दी गईं। इसके अलावा कई मरीजों ने प्राइवेट अस्पताल व क्लीनिकों से चेकअप कराया और वहीं से उनको दवाइयां दी गईं।


हड़ताल में केमिस्टों का पूरा सहयोग मिला
सरकार के ई पोर्टल व ई फार्मेसी के खिलाफ यह एक दिन की सांकेतिक हड़ताल है, जो सफल रही। केमिस्टों ने इस में पूरा सहयोग दिया, जबकि जनता की परेशानी का भी ध्यान रखा गया। फिलहाल सरकार के समक्ष इस हड़ताल के जरिये रोष जताया गया है, जबकि अब देखते हैं सरकार इस मामले में क्या रुख अपनाती है।
- राजकुमार शर्मा, जिला प्रधान, जिला अंबाला केमिस्ट एसोसिएशन

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