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बिजली दरबार से पहले चेयरमैन ने पढ़ाया बैठक में आए सभी एसडीओ को सर्कल कोड के नियमों का पाठ
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विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच की बलदेव नगर अधीक्षक अभियंता कार्यालय में शुक्रवार को अधिकारियों की बैठक और बिजली दरबार का आयोजन किया गया। सवा छह घंटे तक चले बिजली दरबार में 23 शिकायतें पहुंची। इनमें से 20 शिकायतों का मौके पर समाधान किया गया, वहीं तीन लंबित मामलों की सुनवाई अगली बैठक में की जाएगी। इस दौरान चेयरमैन आरके शर्मा ने बैठक में मौजूद सभी एसडीओ को सर्कल कोड के नियमों का पाठ भी पढ़ाया।
बैठक शुरू होते ही उपभोक्ता तेजपाल ने अधिकारियों के सामने रखी शिकायत में बताया कि घर से बाहर लगे मीटर को किसी वाहन चालक ने क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके बाद बाद दूसरा मीटर लगवाया तो वो भी खराब निकला लेकिन उनका बिल 57 हजार का आया है। इस पर जब चेयरमैन आरके शर्मा ने संबधित एसडीओ से पूछा कि क्या आपने बिजली का मीटर उतारने के बाद उपभोक्ता के साइन करवाकर लैब में भेजा था। इस पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। इस पर चेयरमैन ने एसडीओ से पूछा कि क्या आप सर्कल कोड के बारे में जानते हैं। तो अधिकारी ने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद चेयरमैन ने सभी एसडीओ को सर्कल कोड 2020 के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि और कहा कि आप सब के लिए सर्कल कोड एक ग्रंथ जैैसा है। जिसे पढ़ने के बाद आप शिकायतें लेकर पहुंच रहे उपभोक्ता की समस्या का हल कर सकते हो। नहीं तो उपभोक्ताओं ऐसे ही प्रताड़ित होते रहेंगे।
10 बजे अधिकारियों से पहले पहुंचे चेयरमैन
बैठक सुबह तय समय 10 बजे से करीब 45 मिनट देरी से शुरू हुई। हालांकि बैठक लेने के लिए चेयरमैन आरके शर्मा अपने तय समय पर पहुंच गए थे लेकिन तब तक न तो कोई फरियादी आया था और न ही कोई संबधित एसडीओ पहुंचा था। धीरे-धीरे सभी अधिकारी पहुंचे और उपभोक्ताओं की फरियाद सुनी गई।
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दुर्गा नगर से बैठक में फरियाद लेकर पहुंचे बुजुर्ग ने बताया कि घर में हम दोनों पति-पत्नी रहते हैं। लॉकडाउन की चलते हम बिजली का बिल नहीं भर पाए थे। हमने एसडीओ से गुहार लगाई थी कि हमारे बिल की किस्तें बना दो, हम बिल जमा करवा देंगे लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई तो आज दरबार में आए हैं।
- किस्मत राज।
बलदेव नगर से बैठक में शिकायत लेकर पहुंचे व्यक्ति ने बिजली विभाग पर आरोप लगाते हुए कहा कि पहला मीटर तेज चल रहा था। जिसकी शिकायत पिछले माह लगे बिजली दरबार में दी थी। उसके एक हफ्ते बाद नया मीटर लगा दिया गया। और चार दिन बाद ही घर पर सुबह 4 बजे विजिलेंस की टीम ने दरवाजा खटखटाया। उन्होंने कहा कि आप बिजली चोरी कर रहे हो। आपके मीटर की बत्तियां बंद पड़ी हैं। मैंने कहा कि साहब यह तो अभी चार दिन पहले ही लगा है और वो भी घर के बाहर है। ऐसे में मैं चोरी कैसे कर सकता हूं। मेरी बात सुन कर टीम चली गई और मैं बिजली मीटर की शिकायत लेकर एसडीओ मॉडल टाउन के पास गया। तो उन्होंने मेरी समस्या सुने बिना ही मुझे कमरे से बाहर निकाल दिया।
- राहुल।
गांव काकरू से आए व्यक्ति ने बैठक में बताया कि साहब मेरे पास पिछले दो साल से बिजली का बिल नहीं आ रहा है। संबधित कार्यालय में पिछले सात महीने से बिल के लिए चक्कर काट रहा हूं। मुझे बताया गया कि आपका तो मीटर नंबर ही नहीं चढ़ा है तो बिल कहां से आएगा। ऐसे में जब मेरे पास निगम एक साथ भारी भरकम बिजली का बिल भेज देगा तो मैं कहां से अदा करूंगा।
- राजेश कुमार।
घेल से आए किसान ने संबधित कार्यालय पर आरोप लगाते हुए बताया कि खेतों में बिजली की आपूर्ति का समय बिजली निगम ने तय किया हुआ है। जेई मनमर्जी से काम करते हुए समय से पहले ही बिजली की सप्लाई बाधित कर रहा है। जिसकी शिकायत हमने तीन बार 1912 पर की लेकिन इस नंबर पर शिकायत का निवारण भी वहीं बैठकर कागजों में ही कर दिया जाता है। वहीं जेई को फोन करते हैं तो वह सही तरीके से जवाब नहीं देता। चेयरमैन ने तुरंत जेई को बैठक में हाजिर होने के आदेश दे दिए।
- बलवंत सिंह।
छावनी के रामबाग रोड़ स्थित गऊशाला से बिजली दर की शिकायत लेकर पहुंचे मैनेजर ने बताया कि बिजली निगम के नए फरमानों के चलते जो हमारे पास नई दरों से बिजली का बिल भेज दिया गया है। हमारे पास बिजली बिल पहले से चली आ रही दरों यानि 2 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से आता है लेकिन इस बार हमें वाणिज्यिक दरों के अनुरूप 50 हजार का बिल थमा दिया गया। इसलिए हमने बिजली दरबार में ये शिकायत रखी है।
- पवन।
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बैठक शुरू होते ही उपभोक्ता तेजपाल ने अधिकारियों के सामने रखी शिकायत में बताया कि घर से बाहर लगे मीटर को किसी वाहन चालक ने क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके बाद बाद दूसरा मीटर लगवाया तो वो भी खराब निकला लेकिन उनका बिल 57 हजार का आया है। इस पर जब चेयरमैन आरके शर्मा ने संबधित एसडीओ से पूछा कि क्या आपने बिजली का मीटर उतारने के बाद उपभोक्ता के साइन करवाकर लैब में भेजा था। इस पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। इस पर चेयरमैन ने एसडीओ से पूछा कि क्या आप सर्कल कोड के बारे में जानते हैं। तो अधिकारी ने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद चेयरमैन ने सभी एसडीओ को सर्कल कोड 2020 के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि और कहा कि आप सब के लिए सर्कल कोड एक ग्रंथ जैैसा है। जिसे पढ़ने के बाद आप शिकायतें लेकर पहुंच रहे उपभोक्ता की समस्या का हल कर सकते हो। नहीं तो उपभोक्ताओं ऐसे ही प्रताड़ित होते रहेंगे।
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10 बजे अधिकारियों से पहले पहुंचे चेयरमैन
बैठक सुबह तय समय 10 बजे से करीब 45 मिनट देरी से शुरू हुई। हालांकि बैठक लेने के लिए चेयरमैन आरके शर्मा अपने तय समय पर पहुंच गए थे लेकिन तब तक न तो कोई फरियादी आया था और न ही कोई संबधित एसडीओ पहुंचा था। धीरे-धीरे सभी अधिकारी पहुंचे और उपभोक्ताओं की फरियाद सुनी गई।
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दुर्गा नगर से बैठक में फरियाद लेकर पहुंचे बुजुर्ग ने बताया कि घर में हम दोनों पति-पत्नी रहते हैं। लॉकडाउन की चलते हम बिजली का बिल नहीं भर पाए थे। हमने एसडीओ से गुहार लगाई थी कि हमारे बिल की किस्तें बना दो, हम बिल जमा करवा देंगे लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई तो आज दरबार में आए हैं।
- किस्मत राज।
बलदेव नगर से बैठक में शिकायत लेकर पहुंचे व्यक्ति ने बिजली विभाग पर आरोप लगाते हुए कहा कि पहला मीटर तेज चल रहा था। जिसकी शिकायत पिछले माह लगे बिजली दरबार में दी थी। उसके एक हफ्ते बाद नया मीटर लगा दिया गया। और चार दिन बाद ही घर पर सुबह 4 बजे विजिलेंस की टीम ने दरवाजा खटखटाया। उन्होंने कहा कि आप बिजली चोरी कर रहे हो। आपके मीटर की बत्तियां बंद पड़ी हैं। मैंने कहा कि साहब यह तो अभी चार दिन पहले ही लगा है और वो भी घर के बाहर है। ऐसे में मैं चोरी कैसे कर सकता हूं। मेरी बात सुन कर टीम चली गई और मैं बिजली मीटर की शिकायत लेकर एसडीओ मॉडल टाउन के पास गया। तो उन्होंने मेरी समस्या सुने बिना ही मुझे कमरे से बाहर निकाल दिया।
- राहुल।
गांव काकरू से आए व्यक्ति ने बैठक में बताया कि साहब मेरे पास पिछले दो साल से बिजली का बिल नहीं आ रहा है। संबधित कार्यालय में पिछले सात महीने से बिल के लिए चक्कर काट रहा हूं। मुझे बताया गया कि आपका तो मीटर नंबर ही नहीं चढ़ा है तो बिल कहां से आएगा। ऐसे में जब मेरे पास निगम एक साथ भारी भरकम बिजली का बिल भेज देगा तो मैं कहां से अदा करूंगा।
- राजेश कुमार।
घेल से आए किसान ने संबधित कार्यालय पर आरोप लगाते हुए बताया कि खेतों में बिजली की आपूर्ति का समय बिजली निगम ने तय किया हुआ है। जेई मनमर्जी से काम करते हुए समय से पहले ही बिजली की सप्लाई बाधित कर रहा है। जिसकी शिकायत हमने तीन बार 1912 पर की लेकिन इस नंबर पर शिकायत का निवारण भी वहीं बैठकर कागजों में ही कर दिया जाता है। वहीं जेई को फोन करते हैं तो वह सही तरीके से जवाब नहीं देता। चेयरमैन ने तुरंत जेई को बैठक में हाजिर होने के आदेश दे दिए।
- बलवंत सिंह।
छावनी के रामबाग रोड़ स्थित गऊशाला से बिजली दर की शिकायत लेकर पहुंचे मैनेजर ने बताया कि बिजली निगम के नए फरमानों के चलते जो हमारे पास नई दरों से बिजली का बिल भेज दिया गया है। हमारे पास बिजली बिल पहले से चली आ रही दरों यानि 2 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से आता है लेकिन इस बार हमें वाणिज्यिक दरों के अनुरूप 50 हजार का बिल थमा दिया गया। इसलिए हमने बिजली दरबार में ये शिकायत रखी है।
- पवन।