{"_id":"67c5fd3680889a28bc025217","slug":"cantonment-board-will-open-a-creche-working-women-will-get-facilities-ambala-news-c-36-1-amb1001-138543-2025-03-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: कैंटोनमेंट बोर्ड खोलेगा क्रेच, कामकाजी महिलाओं को मिलेगी सुविधा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: कैंटोनमेंट बोर्ड खोलेगा क्रेच, कामकाजी महिलाओं को मिलेगी सुविधा
विज्ञापन
सेना क्षेत्र स्थित कैंटोनमेंट बोर्ड कार्यालय। फाइल फोटो
अंबाला। कैंटोनमेंट बोर्ड एक बार फिर नगर परिषद से अव्वल आने की तैयारी में जुट गया है। स्थानीय निवासियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के बाद अब उन्होंने अपने अधीनस्थ कर्मचारियों की भी सुध लेने का फैसला किया है। इसकी शुरुआत बोर्ड कार्यालय सहित अधीनस्थ स्कूलों में तैनात महिला कर्मचारियों के लिए क्रेच की सुविधा शुरू करने का फैसला लिया है।
इस योजना के तहत छोटे बच्चों की देखभाल के लिए एक विशेष कक्ष बनाया जाएगा। यहां खेल-खिलौनों के अलावा छोटे बच्चों की जरूरत अनुसार खानपान की सुविधा और अन्य सामान भी उपलब्ध करवाया जाएगा। बच्चों की सुविधा के प्रशिक्षित स्टाफ को तैनात किया जाएगा जोकि बच्चों की देखभाल करने सक्षम होंगे। इसके अलावा सुरक्षा को लेकर भी कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। वहीं किसी भी आपात परिस्थिति से निपटने के लिए भी डाक्टर की सुविधा भी मौके पर उपलब्ध करवाई जाएगी।
बोर्ड के अधीन हैं सात स्कूल
कैंटोनमेंट बोर्ड अंबाला के अधीन मौजूदा समय में सात स्कूल चल रहे हैं। इनमें एक पब्लिक स्कूल भी शामिल है। इसके तहत तीन माध्यमिक विद्यालय, दो प्राथमिक स्कूल और विशेष बच्चों के लिए 1 स्कूल शामिल है। इसके अलावा स्कूलों में जरूरतमंद बच्चों को निशुल्क शिक्षा उपलब्ध करवाई जा रही है। इसके अलावा दोपहर का भोजन, कक्षा पहली से आठ तक निशुल्क पुस्तकें, खेल और शारीरिक शिक्षा गतिविधियां, संगीत की शिक्षा, निशुल्क चिकित्सा जांच व कंप्यूटर शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
विज्ञापन
आठ वार्ड, 60 हजार आबादी
बोर्ड क्षेत्र में आठ वार्ड हैं और वार्डों की कुल आबादी लगभग 60 हजार है। यहां पढ़ाई के अलावा मूलभूत सुविधाओं के विस्तार को लेकर भी लगातार कार्रवाई की जा रही है। आठ वार्डों में एक समान कार्य के लिए बोर्ड के मनोनीत सदस्य अजय बवेजा द्वारा प्रस्ताव भी रखे जाते हैं। इसके आधार पर वार्ड स्तर पर नए ट्यूबवेल स्थापित करना, नई स्ट्रीट लाइट लगाना और सड़कों के निर्माण की रूपरेखा तैयार की जा रही है ताकि अगर कहीं कोई खामी है तो उसे भी दुरुस्त करके स्थानीय निवासियों को राहत पहुंचाई जा सके।
वर्जन
हमारा पूरा प्रयास रहता है कि बोर्ड क्षेत्र में रहने वाले लोगों को किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो। जहां जो भी कमी नजर आती है तो उसे अविलंब बोर्ड बैठक में रखा जाता है, जिससे कि इसमें सुधार किया जा सके। इसी कड़ी में अब छोटे बच्चों के लिए क्रेच की सुविधा पर भी मंत्रणा की गई है, जिससे कि जल्द ही इस पर कार्य शुरु हो सके।
राहुल आनंद शर्मा, सीईओ कैंट बोर्ड।
विज्ञापन
इस योजना के तहत छोटे बच्चों की देखभाल के लिए एक विशेष कक्ष बनाया जाएगा। यहां खेल-खिलौनों के अलावा छोटे बच्चों की जरूरत अनुसार खानपान की सुविधा और अन्य सामान भी उपलब्ध करवाया जाएगा। बच्चों की सुविधा के प्रशिक्षित स्टाफ को तैनात किया जाएगा जोकि बच्चों की देखभाल करने सक्षम होंगे। इसके अलावा सुरक्षा को लेकर भी कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। वहीं किसी भी आपात परिस्थिति से निपटने के लिए भी डाक्टर की सुविधा भी मौके पर उपलब्ध करवाई जाएगी।
विज्ञापन
बोर्ड के अधीन हैं सात स्कूल
कैंटोनमेंट बोर्ड अंबाला के अधीन मौजूदा समय में सात स्कूल चल रहे हैं। इनमें एक पब्लिक स्कूल भी शामिल है। इसके तहत तीन माध्यमिक विद्यालय, दो प्राथमिक स्कूल और विशेष बच्चों के लिए 1 स्कूल शामिल है। इसके अलावा स्कूलों में जरूरतमंद बच्चों को निशुल्क शिक्षा उपलब्ध करवाई जा रही है। इसके अलावा दोपहर का भोजन, कक्षा पहली से आठ तक निशुल्क पुस्तकें, खेल और शारीरिक शिक्षा गतिविधियां, संगीत की शिक्षा, निशुल्क चिकित्सा जांच व कंप्यूटर शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
विज्ञापन
आठ वार्ड, 60 हजार आबादी
बोर्ड क्षेत्र में आठ वार्ड हैं और वार्डों की कुल आबादी लगभग 60 हजार है। यहां पढ़ाई के अलावा मूलभूत सुविधाओं के विस्तार को लेकर भी लगातार कार्रवाई की जा रही है। आठ वार्डों में एक समान कार्य के लिए बोर्ड के मनोनीत सदस्य अजय बवेजा द्वारा प्रस्ताव भी रखे जाते हैं। इसके आधार पर वार्ड स्तर पर नए ट्यूबवेल स्थापित करना, नई स्ट्रीट लाइट लगाना और सड़कों के निर्माण की रूपरेखा तैयार की जा रही है ताकि अगर कहीं कोई खामी है तो उसे भी दुरुस्त करके स्थानीय निवासियों को राहत पहुंचाई जा सके।
वर्जन
हमारा पूरा प्रयास रहता है कि बोर्ड क्षेत्र में रहने वाले लोगों को किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो। जहां जो भी कमी नजर आती है तो उसे अविलंब बोर्ड बैठक में रखा जाता है, जिससे कि इसमें सुधार किया जा सके। इसी कड़ी में अब छोटे बच्चों के लिए क्रेच की सुविधा पर भी मंत्रणा की गई है, जिससे कि जल्द ही इस पर कार्य शुरु हो सके।
राहुल आनंद शर्मा, सीईओ कैंट बोर्ड।