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Ambala News: तारबंदी की प्रक्रिया में जुटा कैंटोनमेंट बोर्ड
Tue, 08 Jul 2025 02:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Tue, 08 Jul 2025 02:53 AM IST
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अंबाला। तोपखाना परेड में तारबंदी को लेकर कैंटोनमेंट बोर्ड ने सामान की खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी है। तारबंदी के दौरान पुलिस की मदद ली जाएगी। जल्द ही इस संबंध में पुलिस अधीक्षक अंबाला को भी पत्र भेजा जाएगा। वहीं दूसरी तरफ सोमवार को तोपखाना परेड में तीसरे दिन भी लोगों का धरना जारी रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक उन्हें उनका हक नहीं मिल जाता तब तक उनका धरना जारी रहेगा।
कैंटोनमेंट बोर्ड तोपखाना परेड में कार्रवाई को लेकर पूरी गंभीरता से विचार कर रही है ताकि हालात न बिगड़ें। तोपखाना परेड में चल रहे धरने-प्रदर्शन की जानकारी भी लगातार उनके पास पहुंच रही है कि स्थानीय निवासियों में किस बात को लेकर आक्रोश है। इसलिए कैंटोनमेंट बोर्ड कोई भी ऐसा कदम उठाना नहीं चाहता, जिससे लोगों या फिर उनके कर्मचारियों का कोई नुकसान हो और हालात बिगड़ें।
मामला तोपखाना परेड की 21 एकड़ जमीन से जुड़ा है। यह जमीन कैंटोनमेंट बोर्ड के अधिकार क्षेत्र है। जबकि दूसरी तरफ स्थानीय निवासी इस खेतीहर जमीन को लेकर अपन हक जता रहे हैं। हालांकि जमीन के दस्तावेज उनके पास नहीं हैं। वहीं वो 182 वर्ष से की जा रही खेती का हवाला दे रहे हैं जोकि मालिकाना हक को साबित करने के लिए नाकाफी है। संवाद
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नोटिस के बाद की थी कार्रवाई : तोपखाना परेड में दो जुलाई को कैंटोनमेंट बोर्ड ने जमीन पर कार्रवाई की थी।
हालांकि इससे पहले बोर्ड की तरफ से 22 लोगों को नोटिस दिए गए थे जोकि इस जमीन पर फसल उगाकर परिवार का भरण पोषण कर रहे थे। लेकिन अचानक हुई कार्रवाई से वो भी हैरान-परेशान हैं क्योंकि उनकी सब्जियों से जुड़ी लाखों रुपये की फसल तबाह हो गई है तो दूसरी तरफ उनके हाथ से जमीन भी निकल गई है।
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कैंटोनमेंट बोर्ड तोपखाना परेड में कार्रवाई को लेकर पूरी गंभीरता से विचार कर रही है ताकि हालात न बिगड़ें। तोपखाना परेड में चल रहे धरने-प्रदर्शन की जानकारी भी लगातार उनके पास पहुंच रही है कि स्थानीय निवासियों में किस बात को लेकर आक्रोश है। इसलिए कैंटोनमेंट बोर्ड कोई भी ऐसा कदम उठाना नहीं चाहता, जिससे लोगों या फिर उनके कर्मचारियों का कोई नुकसान हो और हालात बिगड़ें।
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मामला तोपखाना परेड की 21 एकड़ जमीन से जुड़ा है। यह जमीन कैंटोनमेंट बोर्ड के अधिकार क्षेत्र है। जबकि दूसरी तरफ स्थानीय निवासी इस खेतीहर जमीन को लेकर अपन हक जता रहे हैं। हालांकि जमीन के दस्तावेज उनके पास नहीं हैं। वहीं वो 182 वर्ष से की जा रही खेती का हवाला दे रहे हैं जोकि मालिकाना हक को साबित करने के लिए नाकाफी है। संवाद
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नोटिस के बाद की थी कार्रवाई : तोपखाना परेड में दो जुलाई को कैंटोनमेंट बोर्ड ने जमीन पर कार्रवाई की थी।
हालांकि इससे पहले बोर्ड की तरफ से 22 लोगों को नोटिस दिए गए थे जोकि इस जमीन पर फसल उगाकर परिवार का भरण पोषण कर रहे थे। लेकिन अचानक हुई कार्रवाई से वो भी हैरान-परेशान हैं क्योंकि उनकी सब्जियों से जुड़ी लाखों रुपये की फसल तबाह हो गई है तो दूसरी तरफ उनके हाथ से जमीन भी निकल गई है।