{"_id":"66633eee29a7d519b0016619","slug":"cantonment-board-bought-vehicle-operated-machine-nagarpalika-in-confusion-ambala-news-c-36-1-amb1001-124205-2024-06-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: कैंटोनमेंट बोर्ड ने खरीदी वाहन संचालित मशीन, उलझन में नप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: कैंटोनमेंट बोर्ड ने खरीदी वाहन संचालित मशीन, उलझन में नप
विज्ञापन
नालों की सफाई के लिए कैंटोनमेंट बोर्ड द्वारा खरीदी गई सकिंग मशीन। संवाद
हरिंदर पाल सिंह
अंबाला। नगर परिषद की दो लाख आबादी को जिन सुविधाओं का दरकार है, वो सुविधाएं कैंटोनमेंट बोर्ड के आठ वार्डों में रहने वाली लगभग 60 हजार की आबादी को मिल रही है, जिससे कि पूरे देश के 61 कैंटोनमेंट बोर्ड में से अंबाला कैंटोनमेंट बोर्ड अच्छे नंबर पर आ जाए।
कैंटोनमेंट बोर्ड ने स्थानीय निवासियों को गंदगी मुक्त वातावरण प्रदान करने के लिए 40 लाख की लागत से लिटल पिकर नाम की मशीन खरीदी है जोकि गीले और सूखे कचरे को पाइप के माध्यम से खींचने में सक्षम है। यह मशीन बारीक से बारीक और मोटे कचरे को भी खींच सकती है। इस वाहन संचालित मशीन को मुंबई में बनाया है जोकि आने वाले समय में स्वच्छता के मापदंडों पर खरा उतरेगी।
मशीन के पंजीकरण को लेकर भी बोर्ड ने कार्रवाई शुरू कर दी है, जिससे कि वाहन नंबर आते ही मशीन को सफाई के लिए वार्डाें में उतारा जा सके। इस मशीन के लिए बोर्ड की तरफ से 70 लाख रुपये के बजट का निर्धारण किया था। प्राप्त जानकारी अनुसार बोर्ड की ओर से एक और मशीन खरीदने की योजना भी बनाई है। दूसरी तरफ इस कार्य के लिए नगर परिषद के अधीन 31 वार्डों से कूड़ा निस्तारण के तहत 2330 रुपये प्रतिटन के हिसाब से प्राइवेट कंपनी को ठेका जारी किया है।
विज्ञापन
बावजूद इसके छावनी के अधिकतर क्षेत्रों की गली-मोहल्लों में गंदगी का आलम है। हालांकि नगर परिषद ने डोर-टू-डोर कूड़ा निस्तारण का शुल्क संपत्ति कर के साथ जोड़ना शुरू कर दिया है, बावजूद इसके अभी भी कुछ क्षेत्र ऐसे हैं जहां प्राइवेट कर्मी ही पैसे देकर अपने कूड़े का निस्तारण करा रहे हैं। जबकि नगर परिषद द्वारा सभी घरों से कूड़ा उठान के दावे किए जा रहे हैं।
डोर-टू-डोर कूड़ा निस्तारण एक मिसाल
स्वच्छता की कड़ी में कैंटोनमेंट बोर्ड अंबाला ने अप्रैल माह में डोर-टू-डोर कूड़ा निस्तारण की सुविधा शुरु की थी और वो भी अपने कर्मचारियों के दम पर। इस सुविधा का बोर्ड के प्रत्येक घर को फायदा हो रहा है। सुबह ही कर्मचारी गली-मोहल्ले में पहुंचकर दस्तक देते हैं और लोग घरों के कूड़े को थैलियों में डालकर सफाई कर्मी को सौंप देते हैं। इस कार्य की निगरानी के लिए टीमें भी कार्य कर रही हैं जोकि औचक निरीक्षण करते हुए स्थानीय निवासियों से फीडबैक भी ले रही हैं।
स्वच्छता रैंकिंग में होगा सुधार
जनवरी माह में केंद्रीय एजेंसी द्वारा देश के 62 कैंटोनमेंट बोर्ड के स्वच्छता सर्वेक्षण की रिपोर्ट जारी की गई थी। इसमें पिछले साल के मुकाबले कैंटोनमेंट बोर्ड अंबाला की रैंकिंग में सुधार हुआ था और 26 वें पायदान को पीछे धकेलते हुए बोर्ड ने 23 वां रैंक हासिल किया था। हालांकि इस दौरान सर्वेक्षण में डोर-टू-डोर सुविधा न होने से कुछ बिंदु कट गए थे। लेकिन अब उम्मीद है कि अंबाला का कैंटोनमेंट बोर्ड प्रथम 10 रैंक में अपना स्थान सुनिश्चित कर लेगा।
वर्ज
कैंटोनमेंट बोर्ड को स्वच्छता के मामले में पूरे देश के 61 बोर्ड में अव्वल लाना है। इसलिए हमारा प्रयास है कि साफ-सफाई को लेकर जो भी कार्य किए जा सकते हैं, वो किए जाएं ताकि पूरा क्षेत्र हरा-भरा व साफ-सुथरा रहे। इसी कड़ी में 40 लाख की लागत से सकिंग मशीन खरीदी गई है जोकि नालों की सफाई करने में सक्षम है। इसमें बारीक से बारीक और मोटे से मोटे गीले व सूखे कचरे का निस्तारण किया जा सकेगा।
विनीत लोटे, मुख्य अधिशासी अधिकारी, सीबीए।
विज्ञापन
अंबाला। नगर परिषद की दो लाख आबादी को जिन सुविधाओं का दरकार है, वो सुविधाएं कैंटोनमेंट बोर्ड के आठ वार्डों में रहने वाली लगभग 60 हजार की आबादी को मिल रही है, जिससे कि पूरे देश के 61 कैंटोनमेंट बोर्ड में से अंबाला कैंटोनमेंट बोर्ड अच्छे नंबर पर आ जाए।
कैंटोनमेंट बोर्ड ने स्थानीय निवासियों को गंदगी मुक्त वातावरण प्रदान करने के लिए 40 लाख की लागत से लिटल पिकर नाम की मशीन खरीदी है जोकि गीले और सूखे कचरे को पाइप के माध्यम से खींचने में सक्षम है। यह मशीन बारीक से बारीक और मोटे कचरे को भी खींच सकती है। इस वाहन संचालित मशीन को मुंबई में बनाया है जोकि आने वाले समय में स्वच्छता के मापदंडों पर खरा उतरेगी।
विज्ञापन
मशीन के पंजीकरण को लेकर भी बोर्ड ने कार्रवाई शुरू कर दी है, जिससे कि वाहन नंबर आते ही मशीन को सफाई के लिए वार्डाें में उतारा जा सके। इस मशीन के लिए बोर्ड की तरफ से 70 लाख रुपये के बजट का निर्धारण किया था। प्राप्त जानकारी अनुसार बोर्ड की ओर से एक और मशीन खरीदने की योजना भी बनाई है। दूसरी तरफ इस कार्य के लिए नगर परिषद के अधीन 31 वार्डों से कूड़ा निस्तारण के तहत 2330 रुपये प्रतिटन के हिसाब से प्राइवेट कंपनी को ठेका जारी किया है।
विज्ञापन
बावजूद इसके छावनी के अधिकतर क्षेत्रों की गली-मोहल्लों में गंदगी का आलम है। हालांकि नगर परिषद ने डोर-टू-डोर कूड़ा निस्तारण का शुल्क संपत्ति कर के साथ जोड़ना शुरू कर दिया है, बावजूद इसके अभी भी कुछ क्षेत्र ऐसे हैं जहां प्राइवेट कर्मी ही पैसे देकर अपने कूड़े का निस्तारण करा रहे हैं। जबकि नगर परिषद द्वारा सभी घरों से कूड़ा उठान के दावे किए जा रहे हैं।
डोर-टू-डोर कूड़ा निस्तारण एक मिसाल
स्वच्छता की कड़ी में कैंटोनमेंट बोर्ड अंबाला ने अप्रैल माह में डोर-टू-डोर कूड़ा निस्तारण की सुविधा शुरु की थी और वो भी अपने कर्मचारियों के दम पर। इस सुविधा का बोर्ड के प्रत्येक घर को फायदा हो रहा है। सुबह ही कर्मचारी गली-मोहल्ले में पहुंचकर दस्तक देते हैं और लोग घरों के कूड़े को थैलियों में डालकर सफाई कर्मी को सौंप देते हैं। इस कार्य की निगरानी के लिए टीमें भी कार्य कर रही हैं जोकि औचक निरीक्षण करते हुए स्थानीय निवासियों से फीडबैक भी ले रही हैं।
स्वच्छता रैंकिंग में होगा सुधार
जनवरी माह में केंद्रीय एजेंसी द्वारा देश के 62 कैंटोनमेंट बोर्ड के स्वच्छता सर्वेक्षण की रिपोर्ट जारी की गई थी। इसमें पिछले साल के मुकाबले कैंटोनमेंट बोर्ड अंबाला की रैंकिंग में सुधार हुआ था और 26 वें पायदान को पीछे धकेलते हुए बोर्ड ने 23 वां रैंक हासिल किया था। हालांकि इस दौरान सर्वेक्षण में डोर-टू-डोर सुविधा न होने से कुछ बिंदु कट गए थे। लेकिन अब उम्मीद है कि अंबाला का कैंटोनमेंट बोर्ड प्रथम 10 रैंक में अपना स्थान सुनिश्चित कर लेगा।
वर्ज
कैंटोनमेंट बोर्ड को स्वच्छता के मामले में पूरे देश के 61 बोर्ड में अव्वल लाना है। इसलिए हमारा प्रयास है कि साफ-सफाई को लेकर जो भी कार्य किए जा सकते हैं, वो किए जाएं ताकि पूरा क्षेत्र हरा-भरा व साफ-सुथरा रहे। इसी कड़ी में 40 लाख की लागत से सकिंग मशीन खरीदी गई है जोकि नालों की सफाई करने में सक्षम है। इसमें बारीक से बारीक और मोटे से मोटे गीले व सूखे कचरे का निस्तारण किया जा सकेगा।
विनीत लोटे, मुख्य अधिशासी अधिकारी, सीबीए।