फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   camesanare-in-rejact-dimand

कमिश्नरी भंग करने के खिलाफ लामबंदी शुरू

Sun, 16 Oct 2016 12:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/नारायणगढ़/बराड़ा।
अमर उजाला ब्यूरो/नारायणगढ़/बराड़ा। Updated Sun, 16 Oct 2016 12:27 AM IST
विज्ञापन
नारायणगढ़/बराड़ा। अंबाला-पंचकूला पुलिस कमिश्नरी पर आगामी कैबिनेट बैठक में फैसला लिए जाने की संभावना है। ये कमिश्नरी रहेगी या टूटेगी, इस पर मंथन चल रहा है। उल्लेखनीय है कि मंत्री अनिल विज अंबाला-पंचकूला कमिश्नरी भंग करने की आवाज बुलंद किए हुए हैं, उनका कहना है कि इससे क्राइम ग्राफ बढ़ा है, न कि कम हुआ है, इसलिए अंबाला पुलिस कमिश्नरी को भंग कर पहले वाली व्यवस्था ही बहाल की जाए। लेकिन अभी सरकार इस पर फैसला ले, इस फैसले का विरोध तेज हो गया है। नारायणगढ़ और बराड़ा में समाज सेवियों व अधिवक्ताओं ने इसका कड़ा विरोध करना शुरू कर दिया है। नारायणगढ़ में पूर्व सीनियर डिप्टी महाधिवक्ता एवं समाज सेवी  सुखविंद्र नारा ने प्रदेश सरकार द्वारा अंबाला पंचकूला कमिश्नरी तोडने की संभावना पर कड़ी प्रतिक्रिया जताते हुए इसे जनविरोधी करार दिया। नारा शनिवार को नारायणगढ़ में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। पूर्व वरिष्ठ उपमहाधिवक्ता ने कहा कि बेहतर कानून व्यवस्था के लिए वर्ष 2011 में तत्कालीन सरकार ने अंबाला-पंचकूला कमिश्नरी का गठन किया था। कानूनी पहलुओं पर विचार व्यक्त करते हुए नारा ने कहा कि पुलिस व कानून व्यवस्था में सुधार के लिए केंद्र सरकार द्वारा नेशनल पुलिस कमिश्नरी का गठन किया गया था। सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस दिशा में सुधारों के लिए प्रकाश सिंह बनाम यूनियन ऑफ  इंडिया के केस में दिए गए दिशा निर्देशों को ध्यान में रखते हुए वर्ष 1998, 2000 में गठित विभिन्न समितियों पर विचार करने के बाद 2004 में गृह मंत्रालय द्वारा रिव्यू कमेटी का गठन किया गया था। जिसने 49 सिफारिशें की थी जिसमें से क्रम संख्या 13 में बेहतर कानून व्यवस्था के लिए पुलिस कमिश्नरी मॉडल अपनाने की सलाह दी गई थी। जिसका मसौदा सभी राज्य सरकारों को भी भेजा गया था और हरियाणा सरकार ने हरियाणा पुलिस एक्ट 2008 पास किया था। इसी एक्ट की दफा 8 के तहत अंबाला पंचकुला कमिश्नरी का गठन 2011 में किया गया था।
विज्ञापन

नारा के साथ उपस्थित अधिवक्ता संजीव ज्यौली ने बताया कि पुलिस कमिश्नरी बनने के बाद से पहले की तुलना में क्राइम पर अंकुश लगा है व आंकड़ों के हिसाब से भी क्राइम रेट में गिरावट आई है। नारा ने कहा कि यदि कमिश्नरी तोड़ी गई तो हाईकोर्ट में याचिका दायर की जायेगी।
विज्ञापन

इस अवसर पर मौजूद पूर्व जिला परिषद सदस्यों धूम सिंह नगौली व लाभ सिंह भूखड़ी ने भी पुलिस कमिश्नरी तोड़ने का विरोध किया है। इस अवसर पर रामेश्वर दास नंबरदार, आरटीआई एक्टिविस्ट अमरनाथ ढींगरा, संजीव नारा, गौरव बक्शी, अनिल हुसैनी, वेद लखनौरा, नरेश कुमार, संजीव नंबरदार, अली शेर, रजत भूखड़ी आदि उपस्थित थे। इस बारे में नारायणगढ़ में वकीलों की बार एसोसिएशन भी इस बात का विरोध जताते हुए इस बाबत वर्क सस्पेंड रख चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अंबाला कमिश्नरी को भंग न करने की मांग

बराड़ा। अंबाला पुलिस कमिश्नरी को भंग करने के कयासों के बीच जिला अंबाला में कमिश्नरी को कायम रखने की मांग जोर पकड़ने लगी है। बराड़ा क्षेत्र के लोगों ने मांग की है कि पुलिस कमिश्नरी को भंग न किया जाए। इस मांग को लेकर क्षेत्र के समाजसेवियों व प्रबुद्ध लोगो की एक बैठक जंगबीर राणा थंबड़ की अध्यक्षता में बराड़ा में हुई जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों की सुविधाओं को देखते हुए पुलिस कमिश्नरी को को भंग न करने की मांग की गई। लोगों की मानें कि जब से अंबाला कमिश्नरी बनी है तब से यहां अपराधों के ग्राफ में कमी आई है और लोगों को छोटे-छोटे कामों के लिए अंबाला के चक्कर नही लगाने पड़ रहे। अपराधों के मामले में आई गिरावट का श्रेय पुलिस कमिश्नरी को ही जाता है अगर यहां पुलिस कमिश्नरी भंग हुई तो अपराध फिर से चरम पर होंगे। इस मौके पर भारत भूषण गेलड़ी, राजीव राणा थंबड़, रादीप शर्मा, अमित अरोड़ा, संजय राणा, राजू, राहुल, सतीश, सुरेश आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed