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Ambala News: कारोबारी सौर ऊर्जा से कम कर सकते हैं बिजली का बोझ
Tue, 10 Feb 2026 06:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Tue, 10 Feb 2026 06:03 AM IST
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अंबाला। बढ़ते बिजली बिल और भारी उत्पादन लागत से जूझ रहे सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) के लिए राहत भरी खबर है।
केंद्र और राज्य सरकार के एमएसएमई विभाग ने कारोबारियों के लिए सौर ऊर्जा संयंत्र (सोलर प्लांट) लगाने की राह आसान कर दी है। योजना के तहत संयंत्र लगाने पर भारी सब्सिडी दी जा रही है, जिससे न केवल पर्यावरण बचेगा बल्कि कारोबारियों का मुनाफा भी बढ़ेगा।
योजना धरातल पर तो है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि जागरूकता की कमी के कारण कारोबारी इसका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। कई उद्यमियों को यह जानकारी ही नहीं है कि आवेदन कहां करना है और किन दस्तावेजों की आवश्यकता है। विभाग अब जिला उद्योग केंद्रों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाने की योजना बना रहा है ताकि आवेदन प्रक्रिया सरल बन सके।
राज्य सरकार ऊर्जा संरक्षण के लिए आवश्यक पूंजीगत उपकरणों की लागत पर 50 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान करती है, जिसमें सोलर रूफटॉप इंस्टॉलेशन भी शामिल हैं।
जो हर 5 साल में एक बार अधिकतम 20 लाख तक सीमित है। इसी प्रकार वस्त्र उद्योग में हरियाणा आत्मनिर्भर वस्त्र नीति 2022-25 के तहत, नए और मौजूदा वस्त्र सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के लिए सौर छतों की स्थापना के लिए विशिष्ट वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
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इस योजना में पात्रता की शर्त यह है कि कारोबार एमएसएमई में पंजीकृत होना चाहिए, वाणिज्यिक उत्पादन में होना चाहिए और प्रतिबंधित सूची में नहीं होना चाहिए। इस योजना की जानकारी एमएसएमई विभाग से ली जा सकती है। संवाद
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केंद्र और राज्य सरकार के एमएसएमई विभाग ने कारोबारियों के लिए सौर ऊर्जा संयंत्र (सोलर प्लांट) लगाने की राह आसान कर दी है। योजना के तहत संयंत्र लगाने पर भारी सब्सिडी दी जा रही है, जिससे न केवल पर्यावरण बचेगा बल्कि कारोबारियों का मुनाफा भी बढ़ेगा।
योजना धरातल पर तो है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि जागरूकता की कमी के कारण कारोबारी इसका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। कई उद्यमियों को यह जानकारी ही नहीं है कि आवेदन कहां करना है और किन दस्तावेजों की आवश्यकता है। विभाग अब जिला उद्योग केंद्रों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाने की योजना बना रहा है ताकि आवेदन प्रक्रिया सरल बन सके।
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राज्य सरकार ऊर्जा संरक्षण के लिए आवश्यक पूंजीगत उपकरणों की लागत पर 50 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान करती है, जिसमें सोलर रूफटॉप इंस्टॉलेशन भी शामिल हैं।
जो हर 5 साल में एक बार अधिकतम 20 लाख तक सीमित है। इसी प्रकार वस्त्र उद्योग में हरियाणा आत्मनिर्भर वस्त्र नीति 2022-25 के तहत, नए और मौजूदा वस्त्र सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के लिए सौर छतों की स्थापना के लिए विशिष्ट वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
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इस योजना में पात्रता की शर्त यह है कि कारोबार एमएसएमई में पंजीकृत होना चाहिए, वाणिज्यिक उत्पादन में होना चाहिए और प्रतिबंधित सूची में नहीं होना चाहिए। इस योजना की जानकारी एमएसएमई विभाग से ली जा सकती है। संवाद