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भाई की डांट तो किसी ने गायक बनने की चाह में छोड़ा घर
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अंबाला। कुरुक्षेत्र निवासी आठ वर्षीय बच्चा जामुन तोड़ने गया तो उसके भाई ने डांट लगा दी। इससे नाराज होकर वह अंबाला पहुंच गया। वहीं, फरीदाबाद की 15 वर्षीय युवती गायिका बनना चाहती थी। पंजाबी गायक जस मानक को आइडल मानते हुए उसे मिलने के लिए निकली थी और अंबाला पहुंच गई। लोगों ने इसकी सूचना चाइल्डलाइन की टीम को दी। टीम ने काउंसिलिंग के जरिए बच्चों से उनके परिजनों का पता लगाया और जांच के बाद उन्हें परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
चाइल्डलाइन की टीम ने बताया कि कुरुक्षेत्र निवासी बच्चे की सूचना नौ जुलाई को बलदेव नगर पुलिस से मिली थी। चाइल्डलाइन के डायरेक्टर गुरदेव सिंह मंडेर ने टीम का गठन करते हुए समन्वयक अजय तिवारी व टीम सदस्य नीरज को बलदेव नगर पुलिस चौकी भेजा। सदस्यों ने बच्चे को अपने संरक्षण में लिया। बच्चे ने बताया उसके माता-पिता गांव मथाना जिला कुरुक्षेत्र में ईंट-भटठे् पर मजदूरी करते हैं। वह जामुन तोड़ने गया तो बड़े भाई ने डांट दिया था। इससे गुस्सा होकर वह गांव से बस में बैठकर पिपली पहुंच गया। वह गलती से चंडीगढ़ वाली बस में बैठ गया। बलदेव नगर के पास बस ड्राइवर ने उसे नीचे उतार दिया।
चाइल्डलाइन टीम ने कुरुक्षेत्र पुलिस से संपर्क करके गांव मथाना में ईट-भट्ठा मालिक को बच्चे की सूचना दी। भट्ठा मालिक की मदद से परिजनों से टीम की बात करवाई गई। चाइल्डलाइन टीम ने बच्चे की डीडीआर व मेडिकल करवाकर बाल कल्याण समिति अंबाला के समक्ष पेश किया। बाल कल्याण समिति की चेयरपर्सन रंजीता सचदेवा ने बच्चे को शेल्टर होम छावनी में भेज दिया। इसके बाद दस्तावेज की जांच कर बच्चा परिजनों को सुपुर्द कर दिया।
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मां गायिका बनने में नहीं करती सहयोग
चाइल्डलाइन के डायरेक्टर गुरदेव सिंह मंडेर ने बताया कि नौ जुलाई की रात बाल कल्याण समिति की चेयरपर्सन रंजीता सचदेवा ने बताया कि एक युवती फरीदाबाद से भागकर वन स्टॉप सेंटर अंबाला आ गई है। काउंसिलिंग में उसने बताया वह पंजाबी सिंगर जस मानक को आइडल मानती है। वह जस मानक से मिलने अंबाला पहुंची थी। उसने बताया कि उसका सपना गायिका बनना है। इसके लिए उसकी मां उसका सपोर्ट नहीं करती। युवती ने परिजनों की जानकारी चाइल्डलाइन टीम को बताई।
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चाइल्डलाइन की टीम ने बताया कि कुरुक्षेत्र निवासी बच्चे की सूचना नौ जुलाई को बलदेव नगर पुलिस से मिली थी। चाइल्डलाइन के डायरेक्टर गुरदेव सिंह मंडेर ने टीम का गठन करते हुए समन्वयक अजय तिवारी व टीम सदस्य नीरज को बलदेव नगर पुलिस चौकी भेजा। सदस्यों ने बच्चे को अपने संरक्षण में लिया। बच्चे ने बताया उसके माता-पिता गांव मथाना जिला कुरुक्षेत्र में ईंट-भटठे् पर मजदूरी करते हैं। वह जामुन तोड़ने गया तो बड़े भाई ने डांट दिया था। इससे गुस्सा होकर वह गांव से बस में बैठकर पिपली पहुंच गया। वह गलती से चंडीगढ़ वाली बस में बैठ गया। बलदेव नगर के पास बस ड्राइवर ने उसे नीचे उतार दिया।
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चाइल्डलाइन टीम ने कुरुक्षेत्र पुलिस से संपर्क करके गांव मथाना में ईट-भट्ठा मालिक को बच्चे की सूचना दी। भट्ठा मालिक की मदद से परिजनों से टीम की बात करवाई गई। चाइल्डलाइन टीम ने बच्चे की डीडीआर व मेडिकल करवाकर बाल कल्याण समिति अंबाला के समक्ष पेश किया। बाल कल्याण समिति की चेयरपर्सन रंजीता सचदेवा ने बच्चे को शेल्टर होम छावनी में भेज दिया। इसके बाद दस्तावेज की जांच कर बच्चा परिजनों को सुपुर्द कर दिया।
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मां गायिका बनने में नहीं करती सहयोग
चाइल्डलाइन के डायरेक्टर गुरदेव सिंह मंडेर ने बताया कि नौ जुलाई की रात बाल कल्याण समिति की चेयरपर्सन रंजीता सचदेवा ने बताया कि एक युवती फरीदाबाद से भागकर वन स्टॉप सेंटर अंबाला आ गई है। काउंसिलिंग में उसने बताया वह पंजाबी सिंगर जस मानक को आइडल मानती है। वह जस मानक से मिलने अंबाला पहुंची थी। उसने बताया कि उसका सपना गायिका बनना है। इसके लिए उसकी मां उसका सपोर्ट नहीं करती। युवती ने परिजनों की जानकारी चाइल्डलाइन टीम को बताई।