फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   Broke Industries's hope, Farmer is happy

उद्योगों की टूटी आस, किसानों के चेहरे खिले

Tue, 01 Mar 2016 01:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला अंबाला
ब्यूरो/अमर उजाला अंबाला Updated Tue, 01 Mar 2016 01:05 AM IST
विज्ञापन
Broke Industries's hope, Farmer is happy
जेटली के आम बजट की पोटली में देशभर में विख्यात अंबाला के साइंस व मिक्सी उद्योग को कुछ भी नहीं मिला। इतना ही नहीं दवा उद्यमी और अन्य कारोबारी भी नाखुश है। उद्यपत्तियों का कहना है कि उन्होंने बजट से काफी पहले वित्तमंत्री को पत्र भेजकर बकायदा अंबाला के उद्योग के लिए आर्थिक पैकेज की मांग की थी। लेकिन इस बजट में देश और विदेश में पहचान बन चुके अंबाला के उद्योगों के लिए कुछ नहीं है। उद्याोगपत्तियों के अनुसार इस बजट ने अंबाला के उद्योगों को मायूस किया है।
विज्ञापन

उल्लेखनीय है कि अंबाला का साइंस उद्योग  साइंस एजुकेशन, मेडिकल व रिसर्च उपकरणों के लिए देश और विदेश में प्रख्यात है। विदेश में भी अंबाला के साइंस उद्योग का डंका है। उधर, अंबाला का मिक्सी उद्योग भी देशभर में प्रख्यात है। देश को अपनी पहली मिक्सी भी अंबाला ने ही दी थी। दूसरी ओर, अंबाला का दवा उद्योग भी हरियाणा में सबसे बड़ा उद्योग रहा है, लेकिन सरकार से प्रोत्साहन न मिलने की वजह से ये धीरे-धीरे हिमाचल में पलायन होता गया।
विज्ञापन

इन तमाम उद्योगों के उद्यमियों को हर साल की तरह इस बार भी वित्तमंत्री के आम बजट से बहुत आस थी, लेकिन आस टूट गई।  दि साइंसटिफिक अपैरटस एंड मैन्युफेक्चरर एसोसिएशन के प्रेजीडेंट ज्ञानचंद अग्रवाल, बाल किशन ठाकुर, बाल मुकंद अग्रवाल, राजीव अग्रवाल, नरेंद्र धमीजा का कहना है कि इस बजट से उद्यमियों की आस टूटी है। उनके अनुसार उन्होंने सी फार्म से मुक्ति दिलवाने व देश-दुनिया में विख्यात अंबाला के साइंस उद्योग में जान फूंकने को विशेष आर्थिक पैकेज दिए जाने की मांग की थी। लेकिन उनकी किसी मांग पर वित्तमंत्री ने गौर ही नहीं किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

उधर, दि अंबाला साइंसटिफिक इंस्ट्रूमेंट एंड मैन्युफेक्चरर एसोसिएशन के प्रेजीडेंट राकेश गुप्ता, अश्वनी गोयल, अमरजीत सिंह, आलोक सूद व संजय गुप्ता कहते हैं कि बजट को उद्योगों के लिहाज से बढिय़ा नहीं कहा जा सकता। क्योंकि एमएसएमई सेक्टर को मजबूती देने वाला इसमें कुछ है ही नहीं। अंबाला के उद्यमियों की बहुत पुरानी मांग है कि कम से कम अंबाला को औपचारिक रूप से सांइस सिटी का दर्जा तो दिया जाए, ताकि उसके बाद इस साइंस सिटी के लिए स्पेशल बजट का प्रावधान किया जा सके। उनके अनुसार भले ही बजट किसानों व गरीब तबके लोगों के लिहाज से अच्छा हो, लेकिन उद्योगों के लिहाज से बजट संतोषजनक नहीं है।
---

-मध्यम वर्ग, युवा, गृहिणियां नाराज, किसान खुश-



बजट बहुत ही निराशाजनक है, कुछ भी ऐसा नहीं है, जिससे मध्यम वर्ग को फायदा पहुंचे। कच्चा तेज जिस रफ्तार से गिर रहा है, उस रफ्तार से पेट्रोल और डीजल के दाम क्यों नहीं गिर रहे हैं? सरकार कमजोर तबके और किसानों के लिए सोचे, लेकिन मध्यम वर्ग को अनदेखा न करे।
-हेमंत मेहता, कारोबारी-
---

आम बजट में महिलाओं की रसोई को कुछ नहीं मिला। रसोई गैस सिलेंडर की सब्सिडी छोडना तो ठीक है, लेकिन रसोई गैस के दाम कौन से सस्ते हुए हैं? ब्रांडिड कपड़े, सौंदर्य प्रसाधान की वस्तुएं भी महंगा हो गया है। गृहिणियों के लिहाज से बजट निराशाजनक है।
-शालिनी छिब्बर, गृहिणि-
---

मध्यम वर्ग के लोगों को इससे कोई राहत नहीं है। मध्यम परिवार के रसोई का बजट बढने वाला है। किसी भी तरीके से जेतली साहब ने महिलाओं की रसोई का ध्यान नहीं रखा है। हैरान हूं कि  इस देश में मध्यम वर्ग के परिवारों को तवज्जों क्यों नहीं दी जाती?  सोने और हीरे के जेवर महंगे करना भी निराशाजनक है।
-डिंपल मित्तल, गृहिणि-
---

बजट की समीक्षा यदि की जाए तो मध्यम वर्ग इससे बहुत ज्यादा नाखुश है। सबकुछ तो किसानों और गरीब तबके को जाता दिख रहा है। आयकर में भी कुछ खास छूट नहीं दी गई। कुछ मिलाकर मध्यम वर्ग के लोगों के घरों का बजट बढ़ सकता है। कई जरूरी चीजों को महंगा करना भी गलत है।
-बृजकिशोर मारवाह, रिटायर्ड कर्मचारी-
---

आम बजट में एजुकेशन को लेकर अच्छी घोषणाएं की गई है। ये सराहनीय है, सर्व शिक्षा अभियान के लिए अच्छा आबंटन किया गया है, नवोदय विद्यालय खोले जाने का फैसला भी तारीफे काबिल है, एजुकेशन के लिहाज से बजट अच्छा है।
-साक्षी, युवा-
---

बजट में पंद्रह सौ स्किल डेवलमेंट सेंटर खोले जाने की घोषणा की गई है। ये भी बहुत बढिय़ा है। हमारे देश में युवाओं के पास क्षमता तो है, लेकिन कोई स्कील नहीं है, इसलिए युवा पिछड़ता है, लेकिन इससे युवाओं को अच्छा फायदा होगा।
-तेजस्वी, युवा-
---

एजुकेशन लोन में युवाओं को ज्यादा फायदा होता नहीं दिखाई दे रहा है। एजुकेशन लोन और ज्यादा सस्ता होना चाहिए था, ताकि युवा हायर एजुकेशन के लिए पैसे की कमी आड़े न आए। एजुकेशन लोन सस्ते होंगे तो युवाओं में उत्साह बढ़ेगा।
-दिव्या, युवा
---

आम बजट में शृंगार का सामान काफी महंगा हो गया है। दूसरा ब्राडिंड चीजें व रेस्तरां में खाना भी काफी महंगा हो गया है। बजट में कई चीजें ऐसी है, जो मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए साकारात्मक नहीं है।
-राखी, युवा-
---

सभी जिलों में डायलसिस की सुविधाएं देने और सस्ती दवाओं की दुकानें खोलने की घोषणा जो की गई है, उसे सरकार जल्द से जल्द इंपलीमेंट करवाएं। ये दोनों सुविधाएं बहुत जरूरी थी, लेकिन इससे ज्यादा जरूरी यह है कि इन घोषणा को जल्द से जल्द अमलीजामा पहनाया जाए, ताकि आम लोगों को इससे लाभ हो।
-शैलेश शर्मा, मध्यम वर्ग परिजन-
---

आम बजट में टैक्सों में कोई राहत नहीं दी गई है। उम्मीद थी कि आयकर स्लैब में संशोधन कर उसमें छूट दी जाएगी। लेकिन पांच लाख की आय में केवल तीन हजार तक का जो फायदा सरकार आयकर दाता को दे रही है, वे ऊंट के मुंह में जीरा है।
-देवेंद्र सिंह, कारोबारी-
---

बजट में बीमा पॉलिसी को महंगा कर दिया है। वैसे ही लोग बीमा सेक्टर की ओर ज्यादा रुझान नहीं दिखाते हैं, जबकि ये सेक्टर महत्वपूर्ण है। बीमा पॉलिसियों को सस्ता कर लोगों का रुझान इस ओर बढ़ाने की बजाए, सरकार इस सेक्टर को और महंगा कर रही है।
-मोहिंद्र ङ्क्षसह, कारोबारी-
---

सरकार ग्रामीणों की आय को पांच साल में दोगुना करने की बात कर रही है, लेकिन शहर में छोटे कारोबारियों की शायद किसी को सुध नहीं है। छोटे कारोबारी कई तरह के इंस्पेक्टरी राज से जूझता रहता है, करों में उसे राहत नहीं है। छोटे कारोबारियों की सुध सरकार कब लेगी?
-रमेश कुमार, दुकानदार-
---

सरकार ने कृषि सेक्टर को मजबूत बनाने का अच्छा प्रयास किया है। लेकिन अच्छा होता यदि डेयरी फार्मिंग की ओर भी सरकार थोड़ा ध्यान देती। ये सेक्टर भी बहुत ज्यादा संभावनाएं रखता है, लेकिन आज तक सरकारी मदद को तरस रहा है। डेयरी फार्मिंग का काम करने वाले लोगों का भी ध्यान सरकार को रखना चाहिए।
-बलजिंद्र सिंह, डेयरी कारोबारी-
---

सरकार ने कृषि सेक्टर का खास ध्यान बजट में रखा है, इसके लिए किसान सरकार के आभारी है। लेकिन बड़ी बात यह है कि सरकार यह तय करे कि किसानों के लिए जो घोषणा की गई है, वे जल्द से जल्द क्रियान्वित हो। जिससे किसानों को लाभ मिले।
-बलविंद्र जलबेहड़ा, किसान,
---

आम बजट में किसानों और किसान परिवारों की आय को बढ़ाने का संकल्प लिया गया है। अरबों रुपये की घोषणाएं की गई है। सिंचाई के लिए बड़े बजट का प्रावधान किया गया है।  लेकिन सरकार ये भी सुनिश्चित करें कि इन घोषणाओं का लाभ किसानों तक पहुंच रहा है या नहीं।
-जरनैल सिंह, किसान-
---

यह आम बजट बहुत ही ज्यादा निराशाजनक है। अमीरों की आय पर भले ही सरकार ने कैंची चलाई हो, लेकिन आम बजट जारी करते हुए पूरी राजनीति की गई है। आम बजट में भाजपा ने सिर्फ किसानों और गरीबों को साधने का प्रयास किया है। हमारा कहना है कि दोनों वर्गों का ध्यान रखा जाना चाहिए, लेकिन साथ ही मध्यम वर्ग के लोगों व छोटे कारोबारियों को भी कुछ राहत मिल जाती, तो बजट को हम भी मानतें।
-ओंकार सिंह, इनेलो नेता-
---

देश का वार्षिक बजट को संतुलित और जनभावनाओं के अनुरूप है। इससे देश के विकास को गति मिलेगी और बजट में बिना कोई नया कर लगाए समाज के सभी वर्गों के हितों को प्राथमिकता दी गई है। इस बजट के जरिए  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी नीतियों को सफल बनाने की नीति झलकी है।
-अनिल विज, स्वास्थ्य मंत्री, हरियाणा सरकार-
---

वित्त मंत्री ने भाजपा की जन कल्याण और अंतोदय की भावना को कार्य रूप देने के लिए अलग-अलग मदों में गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी और रोजगार योजनाओं के लिए पर्याप्त प्रावधान किये हैं। इससे शहरी और ग्रामीण विकास के साथ-साथ कृषि, उद्योग, व्यवसाय से जुडे लोगों को आगे बढने के पर्याप्त अवसर मिलेंगे।
-असीम गोयल, सिटी विधायक-
---

बजट में समाज के मध्यम और गरीब वर्ग के परिवरों के हितों को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसके अलावा देश में बिजली, पानी, सडक, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित अन्य क्षेत्रों में ढांचागत  विकास को बढ़ावा देने पर भी विशेष बल दिया गया है।
-नायब सैनी, राज्यमंत्री, हरियाणा सरकार-
---

इस बजट से विकास को ओर अधिक गति मिलेगी तथा समाज के हर व्यक्ति को बजट के प्रावधानों का लाभ मिलेगा। बजट के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी की विकासात्मक और जन कल्याण की भावना प्रतिबिंबित होती है।  बजट संतुलित और विकास को गति देने वाला है।

-रतनलाल कटारिया, सांसद, अंबाला-
---

बजट में सभी वर्गों के हितों को प्राथमिकता दी गई है और ग्रामीण विकास में तेजी लाने व कृषि क्षेत्र को लाभकारी बनाने के लिए बजट में धनराशि का विशेष प्रावधान किया गया है।
-संतोष सारवान, मुलाना विधायक-

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed