{"_id":"6954376594c333948800c881","slug":"boxer-says-we-train-under-the-open-sky-womens-cricket-needs-support-ambala-news-c-36-1-amb1002-155570-2025-12-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: बॉक्सर बोले- खुले आसमान के नीचे करते हैं तैयारी, महिला क्रिकेट को सहारे की दरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: बॉक्सर बोले- खुले आसमान के नीचे करते हैं तैयारी, महिला क्रिकेट को सहारे की दरकार
Wed, 31 Dec 2025 02:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Wed, 31 Dec 2025 02:04 AM IST
विज्ञापन
अमर उजाला कार्यालय में संवाद कार्यक्रम में अपनी राय रखते खिलाड़ी। संवाद
माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला। अमर उजाला कार्यालय में मंगलवार को खिलाड़ियों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बॉक्सिंग, फुटबॉल, स्वीमिंग व अन्य खेलों के कोच व खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया। इस कार्यक्रम में खिलाड़ियों ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि बॉक्सिंग में उनके पास कोई इंडोर हॉल नही है, इसके के चलते वह खुले आसमान के नीचे तैयारी करती हैं। सर्दी और बारिश के मौसम में उनके लिए तैयारी करना मुश्किल हो जाता है। बारिश के समय तो तैयारी ही बंद हो जाती है। इसी प्रकार क्रिकेट में महिला खिलाड़ियों को छोटी से छोटी प्रतियोगिताओं तक पहुंचने में काफी दिक्कत पेश आती है, उनके पास न तो कोच है और न ही कोई मेंटर है। वह अपने खेल को बचाने के लिए दूसरे राज्यों में जाकर प्रशिक्षण लेते हैं। इसी प्रकार फुटबॉल को लेकर अंबाला बेहतर कोच तो हैं मगर आवासीय भवन होने के कारण उन्हें रुकने की सुविधा नहीं मिल पा रही है।
अंबाला में बॉक्सिंग सेंटर और अन्य सुविधाएं तो हैं। हम प्रशिक्षण भी ले रहे हैं, मगर सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि हम खुले में तैयारी करते हैं। सेंटर के नाम पर बॉक्सिंग रिंग है, जो खुले आसमान के नीचे है, ऐसे में सर्दी में हमारी प्रैक्टिस बाधित हो रही है। ठीक से वार्मअप भी नहीं कर पाते हैं, इसके साथ ही बारिश में तो तैयारी ही बंद करनी पड़ती है।
-शियांशी, बॉक्सर
वर्ष 2006 तक वाले खिलाड़ियों के लिए नर्सरी आती है मगर वर्ष 2005 वालों के लिए नर्सरी का प्रावधान खेल विभाग की तरफ से नहीं है, जबकि समान रूप से सभी को यह सुविधा मिलनी चाहिए।
विज्ञापन
-- गुनगुन, बॉक्सर
कई खिलाड़ी ऐसे हैं जिनके घर की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वह डाइट की पूर्ति कर सकें, ऐसे में सरकार की ओर से डाइट को लेकर जो खर्चा दिया जाता है वह काफी मदद देता है। मगर यह खर्चा समय से ही नहीं आएगा तो खिलाड़ी के किस काम का है, इसके समय से आने को लेकर कोई कदम उठाना चाहिए।
-- खुशी, बॉक्सर
खिलाड़ियों ने खेल की तैयारी तो कर ली, अगर उसे आराम करना हो तो कोई आराम कक्ष ही नहीं है, जिसमें बैठकर वह राहत प्राप्त कर सके। खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारना है ताे एक-एक सुविधा पर ध्यान देना होगा।-आदित्य, बॉक्सर
क्रिकेट को लेकर प्रदेश में अभी काफी काम करने की जरूरत है। यहां जिला स्तर पर क्रिकेट की टीम नहीं है। कोई कोच नहीं है जिससे वह सीख सकें। अगर कहीं प्राइवेट कोचिंग लेने जाओ तो काफी खर्च होता है।-मुस्कान, महिला क्रिकेटर
अंबाला से कई क्रिकेटर आईपीएल जैसे फार्मेट में नाम कमा रहे हैं मगर यहां रहकर वह कुछ नहीं कर पाते हैं। उन्हें आगे बढ़ने के लिए किसी और राज्य जाकर वहां की टीम से खेलना पड़ता है। अगर ट्रायल देने जाओ तो चयनकर्ता अकादमी का नाम पूछते हैं, काफी हौसला तो यहीं कम हो जाता है।-ध्रुव, क्रिकेटर
अंबाला फुटबॉल को लेकर हमेशा से समृद्ध रहा है। हमारी एक ही मांग है कि खिलाड़ियों को रहने की सुविधा मिले। यहां कोच अच्छे हैं, खिलाड़ी भी हैं मगर रुकने की व्यवस्था न होने से खिलाड़ी परेशान रहते हैं, जबकि एक हॉस्टल खिलाड़ियों के लिए बना है मगर सुविधा नहीं दी जा रही है।-- भावेश, फुटबॉलर
अंबाला में स्वीमिंग काे लेकर उच्च स्तरीय सुविधाएं हैं, मगर हमारे पास कोई सीनियर खिलाड़ी नहीं है जो हमारा मेंटॉर के तौर पर मार्गदर्शन कर सके। प्रैक्टिस के लिए खिलाड़ी काफी कम ही आते हैं, जबकि पंजीकरण कईयों ने कराया हुआ है।-सागर, स्वीमर
खिलाड़ियों ने यह दिए पांच बड़े सुझाव-- --
- बाॅक्सिंग का रिंग इंडोर हो।
- खिलाड़ियों की डाइट मनी समय से आए।
- स्वीमिंग जैसे खेलों में बड़े खिलाड़ियों का मिले सानिध्य।
- खेल को निखारने के लिए वीडियो कक्ष भी होना चाहिए।
- खिलाड़ियों को आवासीय सुविधा मिले।
विज्ञापन
अंबाला। अमर उजाला कार्यालय में मंगलवार को खिलाड़ियों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बॉक्सिंग, फुटबॉल, स्वीमिंग व अन्य खेलों के कोच व खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया। इस कार्यक्रम में खिलाड़ियों ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि बॉक्सिंग में उनके पास कोई इंडोर हॉल नही है, इसके के चलते वह खुले आसमान के नीचे तैयारी करती हैं। सर्दी और बारिश के मौसम में उनके लिए तैयारी करना मुश्किल हो जाता है। बारिश के समय तो तैयारी ही बंद हो जाती है। इसी प्रकार क्रिकेट में महिला खिलाड़ियों को छोटी से छोटी प्रतियोगिताओं तक पहुंचने में काफी दिक्कत पेश आती है, उनके पास न तो कोच है और न ही कोई मेंटर है। वह अपने खेल को बचाने के लिए दूसरे राज्यों में जाकर प्रशिक्षण लेते हैं। इसी प्रकार फुटबॉल को लेकर अंबाला बेहतर कोच तो हैं मगर आवासीय भवन होने के कारण उन्हें रुकने की सुविधा नहीं मिल पा रही है।
अंबाला में बॉक्सिंग सेंटर और अन्य सुविधाएं तो हैं। हम प्रशिक्षण भी ले रहे हैं, मगर सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि हम खुले में तैयारी करते हैं। सेंटर के नाम पर बॉक्सिंग रिंग है, जो खुले आसमान के नीचे है, ऐसे में सर्दी में हमारी प्रैक्टिस बाधित हो रही है। ठीक से वार्मअप भी नहीं कर पाते हैं, इसके साथ ही बारिश में तो तैयारी ही बंद करनी पड़ती है।
विज्ञापन
-शियांशी, बॉक्सर
वर्ष 2006 तक वाले खिलाड़ियों के लिए नर्सरी आती है मगर वर्ष 2005 वालों के लिए नर्सरी का प्रावधान खेल विभाग की तरफ से नहीं है, जबकि समान रूप से सभी को यह सुविधा मिलनी चाहिए।
विज्ञापन
कई खिलाड़ी ऐसे हैं जिनके घर की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वह डाइट की पूर्ति कर सकें, ऐसे में सरकार की ओर से डाइट को लेकर जो खर्चा दिया जाता है वह काफी मदद देता है। मगर यह खर्चा समय से ही नहीं आएगा तो खिलाड़ी के किस काम का है, इसके समय से आने को लेकर कोई कदम उठाना चाहिए।
खिलाड़ियों ने खेल की तैयारी तो कर ली, अगर उसे आराम करना हो तो कोई आराम कक्ष ही नहीं है, जिसमें बैठकर वह राहत प्राप्त कर सके। खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारना है ताे एक-एक सुविधा पर ध्यान देना होगा।-आदित्य, बॉक्सर
क्रिकेट को लेकर प्रदेश में अभी काफी काम करने की जरूरत है। यहां जिला स्तर पर क्रिकेट की टीम नहीं है। कोई कोच नहीं है जिससे वह सीख सकें। अगर कहीं प्राइवेट कोचिंग लेने जाओ तो काफी खर्च होता है।-मुस्कान, महिला क्रिकेटर
अंबाला से कई क्रिकेटर आईपीएल जैसे फार्मेट में नाम कमा रहे हैं मगर यहां रहकर वह कुछ नहीं कर पाते हैं। उन्हें आगे बढ़ने के लिए किसी और राज्य जाकर वहां की टीम से खेलना पड़ता है। अगर ट्रायल देने जाओ तो चयनकर्ता अकादमी का नाम पूछते हैं, काफी हौसला तो यहीं कम हो जाता है।-ध्रुव, क्रिकेटर
अंबाला फुटबॉल को लेकर हमेशा से समृद्ध रहा है। हमारी एक ही मांग है कि खिलाड़ियों को रहने की सुविधा मिले। यहां कोच अच्छे हैं, खिलाड़ी भी हैं मगर रुकने की व्यवस्था न होने से खिलाड़ी परेशान रहते हैं, जबकि एक हॉस्टल खिलाड़ियों के लिए बना है मगर सुविधा नहीं दी जा रही है।
अंबाला में स्वीमिंग काे लेकर उच्च स्तरीय सुविधाएं हैं, मगर हमारे पास कोई सीनियर खिलाड़ी नहीं है जो हमारा मेंटॉर के तौर पर मार्गदर्शन कर सके। प्रैक्टिस के लिए खिलाड़ी काफी कम ही आते हैं, जबकि पंजीकरण कईयों ने कराया हुआ है।-सागर, स्वीमर
खिलाड़ियों ने यह दिए पांच बड़े सुझाव
- बाॅक्सिंग का रिंग इंडोर हो।
- खिलाड़ियों की डाइट मनी समय से आए।
- स्वीमिंग जैसे खेलों में बड़े खिलाड़ियों का मिले सानिध्य।
- खेल को निखारने के लिए वीडियो कक्ष भी होना चाहिए।
- खिलाड़ियों को आवासीय सुविधा मिले।

अमर उजाला कार्यालय में संवाद कार्यक्रम में अपनी राय रखते खिलाड़ी। संवाद