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भाजपा की रणनीति: शत प्रतिशत मतदान से साधेंगे मेयर की कुर्सी पर निशाना
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भाजपा के सिटी स्थित अम्ब कमल कार्यालय में कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों से बात करते हरियाणा भाजपा
वैभव शर्मा
अंबाला सिटी। लोकसभा और विधानसभा चुनाव में भाजपा ने कई सीटें गवां दीं थी। खासकर लोकसभा चुनाव में अंबाला सीट, विधानसभा चुनाव में अंबाला सिटी, नारायणगढ़ और मुलाना सीट पर भी भाजपा प्रत्याशियों को हार का सामना करना पड़ा था।
इन हारों का प्रमुख कारण वोटिंग के प्रति मतदाताओं का कम रुझान बताया था। इसी बात से सबक लेते हुए नगर निकाय के चुनावों में भाजपा पूर्व के चुनावों की विसंगतियों को दोहराना नहीं चाहती है। यही कारण है कि निकाय के चुनाव में भाजपा शत प्रतिशत मतदान के फार्मूले की रणनीति साथ मैदान में उतर गई है। दरअसल सोमवार को हरियाणा भाजपा के संगठन मंत्री हरियाणा फणीन्द्र नाथ शर्मा ने भाजपा जिला कार्यालय में जिला स्तरीय पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के साथ बैठक ली। इस बैठक में उन्होंने एक ही मंत्र दिया कि भाजपा इस चुनाव में मजबूती से खड़ी है। मगर फिर भी पन्ना प्रमुखों को एक-एक व्यक्ति को मतदान के लिए प्रेरित करना है। कई बार बीएलओ पर्चियां नहीं देते तो उन्हें खुद भी पर्चियां देनी होगी। इसी तरफ जीत को मजबूत किया जा सकता है।
पिछले चुनावों में मतदाताओं ने नहीं ली थी रुचि
इस दौरान बताया गया कि विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव में एक ऐसा माहौल बन गया था कि भाजपा के प्रत्याशी मजबूत स्थिति में हैं। यही कारण रहा कि लोगों की रुचि अक्सर मजबूत परिस्थितियों में चुनाव से कम हो जाती है तो वह मतदान करने कम ही निकलते हैं। विधानसभा चुनाव में भी ऐसी स्थिति देखने को मिली। भाजपा का अपना वोटर भी पूरी तादाद में नहीं निकल पाया। यही कारण है कि ऐसी परिस्थितियों से सबक लेकर भाजपा चाहती है कि मतदाता को हर हाल में मतदान के लिए आगे लाया जाए।
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शंभू बॉर्डर बंद होने का असर भी बताया
भाजपा के कार्यकर्ताओं ने फणींद्र नाथ शर्मा को यह भी बताया कि शंभू बॉर्डर को बंद हुए एक वर्ष से अधिक समय बीत चुका है। इस बॉर्डर के बंद होने से हरियाणा और पंजाब के सीमावर्ती जिलों के लोगों को काफी दिक्कत हो रही है। इसका समाधान जल्द से जल्द हो जाए तो काफी राहत मिलेगी। विधानसभा चुनाव में भी इसका असर जीटी बेल्ट की सीटों पर देखने को मिला था।
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अंबाला सिटी। लोकसभा और विधानसभा चुनाव में भाजपा ने कई सीटें गवां दीं थी। खासकर लोकसभा चुनाव में अंबाला सीट, विधानसभा चुनाव में अंबाला सिटी, नारायणगढ़ और मुलाना सीट पर भी भाजपा प्रत्याशियों को हार का सामना करना पड़ा था।
इन हारों का प्रमुख कारण वोटिंग के प्रति मतदाताओं का कम रुझान बताया था। इसी बात से सबक लेते हुए नगर निकाय के चुनावों में भाजपा पूर्व के चुनावों की विसंगतियों को दोहराना नहीं चाहती है। यही कारण है कि निकाय के चुनाव में भाजपा शत प्रतिशत मतदान के फार्मूले की रणनीति साथ मैदान में उतर गई है। दरअसल सोमवार को हरियाणा भाजपा के संगठन मंत्री हरियाणा फणीन्द्र नाथ शर्मा ने भाजपा जिला कार्यालय में जिला स्तरीय पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के साथ बैठक ली। इस बैठक में उन्होंने एक ही मंत्र दिया कि भाजपा इस चुनाव में मजबूती से खड़ी है। मगर फिर भी पन्ना प्रमुखों को एक-एक व्यक्ति को मतदान के लिए प्रेरित करना है। कई बार बीएलओ पर्चियां नहीं देते तो उन्हें खुद भी पर्चियां देनी होगी। इसी तरफ जीत को मजबूत किया जा सकता है।
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पिछले चुनावों में मतदाताओं ने नहीं ली थी रुचि
इस दौरान बताया गया कि विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव में एक ऐसा माहौल बन गया था कि भाजपा के प्रत्याशी मजबूत स्थिति में हैं। यही कारण रहा कि लोगों की रुचि अक्सर मजबूत परिस्थितियों में चुनाव से कम हो जाती है तो वह मतदान करने कम ही निकलते हैं। विधानसभा चुनाव में भी ऐसी स्थिति देखने को मिली। भाजपा का अपना वोटर भी पूरी तादाद में नहीं निकल पाया। यही कारण है कि ऐसी परिस्थितियों से सबक लेकर भाजपा चाहती है कि मतदाता को हर हाल में मतदान के लिए आगे लाया जाए।
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शंभू बॉर्डर बंद होने का असर भी बताया
भाजपा के कार्यकर्ताओं ने फणींद्र नाथ शर्मा को यह भी बताया कि शंभू बॉर्डर को बंद हुए एक वर्ष से अधिक समय बीत चुका है। इस बॉर्डर के बंद होने से हरियाणा और पंजाब के सीमावर्ती जिलों के लोगों को काफी दिक्कत हो रही है। इसका समाधान जल्द से जल्द हो जाए तो काफी राहत मिलेगी। विधानसभा चुनाव में भी इसका असर जीटी बेल्ट की सीटों पर देखने को मिला था।