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गुड बॉय मम्मा: 'अगले जन्म में बनूंगा साइंटिस्ट...', नोट में छात्र ने लिखी ये बात; ट्रेन के आगे कूदकर दी जान
Tue, 14 Oct 2025 11:43 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, अंबाला
अमर उजाला नेटवर्क, अंबाला
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 14 Oct 2025 11:43 AM IST
सार
अंबाला में बीए के छात्र ने सोमवार सुबह मोहड़ा रेलवे स्टेशन के पास मालगाड़ी के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट में तुषार ने लिखा, तीसरी कक्षा में पढ़ता था तब से घर में घरेलू हिंसा देखता आ रहा हूं। सच कहूं तो मैं इससे तंग आ चुका हूं।
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Suicide in ambala
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
पापा को शुरू से मेरे से ही दिक्कत थी आपसे नहीं मम्मा। मेरा सपना आईआईएससी बेंगलुरू से रिसर्च करने का था लेकिन कोई बात नहीं, अगले जन्म में साइंटिस्ट बन जाऊंगा। मुझे कभी अपना बर्थ डे पसंद नहीं था तो सोचा कि 2 नवंबर को सुसाइड करूंगा। पर कल जो भी हुआ, मैं अब और सहन नहीं कर सकता, गुड बॉय मम्मा... ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या करने वाले अंबाला कैंट के एसडी कॉलेज में बीए तृतीय वर्ष के छात्र तुषार के सुसाइड नोट में यह शब्द जिसने भी पढ़े उसकी आंखें नम हो गईं।
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शाहाबाद के हुड्डा पार्ट-2 निवासी तुषार ने सोमवार सुबह सवा 9 बजे मोहड़ा रेलवे स्टेशन के पास मालगाड़ी के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली थी। जीआरपी ने क्षत विक्षत हालत में ट्रैक पर पड़े शव का कैंट के नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया।
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मृतक के माता-पिता सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं। बहन न्यूजीलैंड में पढ़ाई कर रही है। तुषार इकलौता बेटा था। जीआरपी को दिए बयान में मृतक की मां रेखा ने कहा कि बेटा कुछ समय से मानसिक रूप से परेशान चल रहा था।
'मालगाड़ी के आगे कूदकर छात्र ने की आत्महत्या'
जीआरपी के सब इंस्पेक्टर राजकुमार ने बताया कि मां, मामा व अन्य रिश्तेदारों के बयान पर इत्तिफाकन मौत की कार्रवाई अमल में लाई गई है। मां रेखा ने बताया कि बेटा कुछ समय से मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। मालगाड़ी के आगे कूदकर छात्र ने आत्महत्या की है। एक पेज का सुसाइड नोट भी मिला है।
जीआरपी के सब इंस्पेक्टर राजकुमार ने बताया कि मां, मामा व अन्य रिश्तेदारों के बयान पर इत्तिफाकन मौत की कार्रवाई अमल में लाई गई है। मां रेखा ने बताया कि बेटा कुछ समय से मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। मालगाड़ी के आगे कूदकर छात्र ने आत्महत्या की है। एक पेज का सुसाइड नोट भी मिला है।
सुसाइड नोट में यह लिखा: गैरजिम्मेदार पिता मेरी आत्महत्या के लिए जिम्मेदार
तुषार, कभी सोचा नहीं था कि ऐसा कुछ लिखूंगा... यह कहानी तब शुरू हुई थी जब मैं तीसरी कक्षा में पढ़ता था। मैं तब से घर में घरेलू हिंसा देखता आ रहा हूं। सच कहूं तो मैं इससे तंग आ चुका हूं। मेरी मानसिक स्थिति भी कुछ ठीक नहीं रहती और मैं पहले भी कोशिश करता था कि कैसे सुसाइड करूं कि हादसा लगे लेकिन अब मुझे लगता है कि आत्महत्या करने में कोई शर्म नहीं है। मेरे गैरजिम्मेदार पिता मेरी आत्महत्या के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार हैं।
तुषार, कभी सोचा नहीं था कि ऐसा कुछ लिखूंगा... यह कहानी तब शुरू हुई थी जब मैं तीसरी कक्षा में पढ़ता था। मैं तब से घर में घरेलू हिंसा देखता आ रहा हूं। सच कहूं तो मैं इससे तंग आ चुका हूं। मेरी मानसिक स्थिति भी कुछ ठीक नहीं रहती और मैं पहले भी कोशिश करता था कि कैसे सुसाइड करूं कि हादसा लगे लेकिन अब मुझे लगता है कि आत्महत्या करने में कोई शर्म नहीं है। मेरे गैरजिम्मेदार पिता मेरी आत्महत्या के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार हैं।
एंड सॉरी मम्मा, मैं आपका अच्छा बेटा नहीं बन पाया। मैंने जो मांगा आपने मुझे दिया और अब एक आखिरी चीज मांग रहा हूं। मेरे जाने के बाद पापा को तलाक देकर बहन के साथ न्यूजीलैंड चले जाना। पापा को शुरू से मेरे से ही दिक्कत थी आपसे नहीं।
मेरा सपना आईआईएससी बंगलुरू से रिसर्च करने का था लेकिन कोई बात नहीं, अगले जन्म में साइंटिस्ट बन जाऊंगा। मुझे कभी अपना बर्थ डे पसंद नहीं था तो सोचा कि 2 नवंबर को सुसाइड करूंगा। पर कल जो भी हुआ, मैं अब ओर सहन नहीं कर सकता। -गुड बॉय मम्मा, तुषार
मानसिक तनाव किसी को भी हो सकता है। काम का प्रेशर, नौकरी की चिंता, परिवार के मसले.. ये हर इंसान के जीवन में है, इससे तनाव होता है, ये आता है और चला जाता है, लेकिन जब आपको स्ट्रेस हमेशा रहने लगता है तो यह जानलेवा बन सकता है। सभी को अपने बच्चों को समय देना चाहिए और बातचीत करते रहना चाहिए कि वो अपनी अच्छी व बुरी हर बात को आपसे साझा करें। बच्चों से माता-पिता नहीं बल्कि एक दो दोस्त या मार्ग दर्शक बनकर पेश आना चाहिए। जरूरत पड़ने पर तनाव व डिप्रेशन के लक्षणों को अनदेखा न करें। समय रहते मनोवैज्ञानिक की सलाह लें।-डॉ.कुलदीप, मनोवैज्ञानिक अंबाला सिटी
मां, मामा व अन्य रिश्तेदारों के बयान पर इत्तिफाकन मौत की कार्रवाई अमल में लाई गई है। मां रेखा ने बताया कि बेटा कुछ समय से मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। मालगाड़ी के आगे कूदकर छात्र ने आत्महत्या की है। एक पेज का सुसाइड नोट भी मिला है।-राजकुमार, सब इंस्पेक्टर जीआरपी