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Ambala News: एनएचएम की हड़ताल को आयुष्मान मित्र का समर्थन
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सिटी नागरिक अस्पताल में बने फिजियोथेरेपी कमरे पर लगा ताला। संवाद
अंबाला सिटी। नियमित करने की मांग को लेकर मंगलवार को पांचवें दिन भी एनएचएम कर्मी हड़ताल पर बैठे रहे। इतना ही नहीं, सोमवार से आयुष्मान मित्र भी वेतन बढ़ोतरी की मांग और नियमित करने को लेकर हड़ताल पर बैठ गए हैं। इधर कर्मचारियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। एनएचएम के तहत चलने वाले लगभग 50 कार्यक्रम प्रभावित हो रहे हैं।
इसके साथ ही जिला नागरिक अस्पताल में आयुष्मान केंद्र बंद होने से मरीजों को मायूस होकर वापिस लौटना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग फिलहाल एचकेआरएन कर्मचारियों के सहारे ही अपने सेवाओं को चलाने का प्रयास कर रहा है। जिला प्रधान तरणदीप सिंह ने बताया कि मंगलवार को मिशन निदेशक ने हरियाणा एनएचएम कर्मचारी सांझा मोर्चा को बातचीत के लिए बुलाया है लेकिन कर्मचारियों को सरकार से ज्यादा और अधिकारियों से उम्मीद कम है।
टीकाकरण और गर्भवति पंजीकरण प्रभावित
जिले में लगभग 700 एनएचएम कर्मी हैं। इनमें 130 एएनएम हैं जो टीकाकरण और गर्भवतियों का पंजीकरण करवाती है। इससे समय पर गर्भवतियों की जांच और अन्य उपचार करवाया जा सके। रोजाना 100 गर्भवतियों का पंजीकरण करवाया जाता है। इसके साथ ही बच्चों के टीकाकरण में भी एएनएम महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं लेकिन हड़ताल के चलते यह काम भी अब नियमित कर्मचारियों को करना पड़ेगा। जिनकी संख्या बहुत कम है। इससे काम में देरी होना तय है।
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फिजियोथेरेपी कमरे के दरवाजे पर लटका ताला
सिटी नागरिक अस्पताल में बने फिजियोथेरेपी कमरे में रोजाना 70 से 100 मरीज रोजाना अपना उपचार करवाने के लिए आते हैं। लेकिन बीते पांच दिनों से कमरा बंद है। इससे मरीजों को अब हड़ताल समाप्त होने तक इंतजार करना होगा। जिससे मरीजों की परेशानी बढ़ने वाली है। यहां पर जो स्टाफ नियुक्त किया गया है वह सभी एनएचएम के अंतर्गत आते हैं। इसलिए वे भी अपने साथियों के साथ धरने पर बैठे हैं।
आयुष्मान बनवाए बिना ही लौटना पड़ा
सिटी नागरिक अस्पताल में बनी आयुष्मान विंडो पर भी ताला लग गया है। सोमवार से आयुष्मान मित्र भी एनएचएम कर्मियों के साथ हड़ताल पर बैठे हैं। नागरिक अस्पताल में रोजाना 100 से अधिक लोग उपचार करवाने के लिए अपना आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए आते थे। ऐसे में जिन मरीजों का आयुष्मान कार्ड नहीं बनेगा उन्हें बाजार से महंगे दामों पर यह काम करवाना पड़ेगा।
एंबुलेंस चलाने के लिए लगाए सात निजी ड्राइवर
सीएमओ डॉ राकेश सहल ने बताया कि हड़ताल के चलते विभाग ने रोजाना शुल्क के आधार पर सात ड्राइवर नियुक्त किए हैं। जिन्हें रोजाना 550 रुपए के हिसाब से भुगतान किया जा रहा है। इसके साथ ही जो ड्राइवर अधिकारियों की गाड़ियां चला रहे हैं। वे भी एंबुलेंस सेवा में काम करेंगे। इसके साथ ही विभाग के पास छह ड्राइवर एचकेआरएन के तहत उपलब्ध है। जो 12 -12 घंटों की शिफ्ट में काम कर रहें हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अगर काम है तो वह अपने वाहन से जाएं। आपातकाल के लिए दो ड्राइवर रखे गए हैं।
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इसके साथ ही जिला नागरिक अस्पताल में आयुष्मान केंद्र बंद होने से मरीजों को मायूस होकर वापिस लौटना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग फिलहाल एचकेआरएन कर्मचारियों के सहारे ही अपने सेवाओं को चलाने का प्रयास कर रहा है। जिला प्रधान तरणदीप सिंह ने बताया कि मंगलवार को मिशन निदेशक ने हरियाणा एनएचएम कर्मचारी सांझा मोर्चा को बातचीत के लिए बुलाया है लेकिन कर्मचारियों को सरकार से ज्यादा और अधिकारियों से उम्मीद कम है।
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टीकाकरण और गर्भवति पंजीकरण प्रभावित
जिले में लगभग 700 एनएचएम कर्मी हैं। इनमें 130 एएनएम हैं जो टीकाकरण और गर्भवतियों का पंजीकरण करवाती है। इससे समय पर गर्भवतियों की जांच और अन्य उपचार करवाया जा सके। रोजाना 100 गर्भवतियों का पंजीकरण करवाया जाता है। इसके साथ ही बच्चों के टीकाकरण में भी एएनएम महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं लेकिन हड़ताल के चलते यह काम भी अब नियमित कर्मचारियों को करना पड़ेगा। जिनकी संख्या बहुत कम है। इससे काम में देरी होना तय है।
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फिजियोथेरेपी कमरे के दरवाजे पर लटका ताला
सिटी नागरिक अस्पताल में बने फिजियोथेरेपी कमरे में रोजाना 70 से 100 मरीज रोजाना अपना उपचार करवाने के लिए आते हैं। लेकिन बीते पांच दिनों से कमरा बंद है। इससे मरीजों को अब हड़ताल समाप्त होने तक इंतजार करना होगा। जिससे मरीजों की परेशानी बढ़ने वाली है। यहां पर जो स्टाफ नियुक्त किया गया है वह सभी एनएचएम के अंतर्गत आते हैं। इसलिए वे भी अपने साथियों के साथ धरने पर बैठे हैं।
आयुष्मान बनवाए बिना ही लौटना पड़ा
सिटी नागरिक अस्पताल में बनी आयुष्मान विंडो पर भी ताला लग गया है। सोमवार से आयुष्मान मित्र भी एनएचएम कर्मियों के साथ हड़ताल पर बैठे हैं। नागरिक अस्पताल में रोजाना 100 से अधिक लोग उपचार करवाने के लिए अपना आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए आते थे। ऐसे में जिन मरीजों का आयुष्मान कार्ड नहीं बनेगा उन्हें बाजार से महंगे दामों पर यह काम करवाना पड़ेगा।
एंबुलेंस चलाने के लिए लगाए सात निजी ड्राइवर
सीएमओ डॉ राकेश सहल ने बताया कि हड़ताल के चलते विभाग ने रोजाना शुल्क के आधार पर सात ड्राइवर नियुक्त किए हैं। जिन्हें रोजाना 550 रुपए के हिसाब से भुगतान किया जा रहा है। इसके साथ ही जो ड्राइवर अधिकारियों की गाड़ियां चला रहे हैं। वे भी एंबुलेंस सेवा में काम करेंगे। इसके साथ ही विभाग के पास छह ड्राइवर एचकेआरएन के तहत उपलब्ध है। जो 12 -12 घंटों की शिफ्ट में काम कर रहें हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अगर काम है तो वह अपने वाहन से जाएं। आपातकाल के लिए दो ड्राइवर रखे गए हैं।

सिटी नागरिक अस्पताल में बने फिजियोथेरेपी कमरे पर लगा ताला। संवाद