{"_id":"9d4bc94973b7b78f573a3f84c6b08719","slug":"asi-comits-suicide-after-being-accused-of-rape","type":"story","status":"publish","title_hn":"दबाव में पुलिस ने दर्ज की थी एफआईआर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दबाव में पुलिस ने दर्ज की थी एफआईआर
अंबाला
Updated Sat, 30 Nov 2013 04:26 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंबाला कैंट के पड़ाव थाने में तैनात एएसआई खुदकुशी मामले में बराड़ा पुलिस की भूमिका पर सवालिया निशान लग गए हैं। बराड़ा पुलिस ने एएसआई के खिलाफ दुराचार का मामला दबाव में आकर दर्ज किया था।
एफआईआर दर्ज करने से पहले बराड़ा पुलिस ने मामले की प्राथमिक जांच करना भी उचित नहीं समझा। नतीजा यह हुआ कि एफआईआर दर्ज होते ही आरोपी एएसआई करण सिंह राणा ने सुसाइड नोट लिखकर खुदकुशी कर ली।
एएसआई करण सिंह ने सुसाइड नोट में इस बात को खुलासा किया है एक पुलिस दंपति सुरेश और संगीता, एक मीडिया कर्मी अमित, दुराचार का आरोप लगाने वाली महिला और अनिल राणा उसके खिलाफ पूरी तरह गुट बनाकर उसे झूठे मामले में फंसाने की कोशिशें काफी समय से बना रहे थे।
विज्ञापन
इसमें पुलिस इंस्पेक्टर सुरेश और उसकी पत्नी तो उसे फंसाने पर पूरी तरह से आमादा थे। इसलिए कई बार दुराचार का आरोप लगाने वाली महिला को आगे रखकर उसके खिलाफ अफसरों से झूठी शिकायतें करवाईं। इसकी बाकायदा जांच भी होती गई, लेकिन बेकसूर होने की वजह से जांच में उसे क्लीन चिट भी मिलती गई।
लेकिन करण के विरोधी खेमे ने अब फिर से बराड़ा थाने में महिला को आगे कर उससे दुराचार करने का आरोप लगाते हुए एएसआई करण सिंह के खिलाफ शिकायत दिलवा दी।
पुलिस के मुताबिक करण के विरोधी खेमे का बराड़ा पुलिस पर इतना प्रेशर हो गया कि बराड़ा पुलिस ने भी बिना सोचे समझे और मामले की प्राथमिक जांच करने से पूर्व तुरंत एएसआई करण के खिलाफ रेप का केस दर्ज कर लिया। जबकि इस दौरान पूर्व शिकायतों की जांच रिपोर्टों में उसे मिली क्लीन चिट को भी बराड़ा पुलिस ने नहीं देखा।
बराड़ा पुलिस पर कोई दबाव नहीं था। बराड़ा पुलिस के पास शिकायत आई थी, इसलिए एएसआई करण के खिलाफ रेप का केस दर्ज किया गया।
ये केस भी इसलिए दर्ज किया गया था ताकि मामले की जांच की जा सके। पहले एएसआई को क्लीन चिट मिली है, तो यदि वह बेकसूर होता, तो इस एफआईआर में भी उसे क्लीन चिट मिल जाती। लेकिन उससे पहले ही एक दुखद घटना हो गई।
-हामिद अख्तर, डीसीपी ग्रामीण, अंबाला-
विज्ञापन
एफआईआर दर्ज करने से पहले बराड़ा पुलिस ने मामले की प्राथमिक जांच करना भी उचित नहीं समझा। नतीजा यह हुआ कि एफआईआर दर्ज होते ही आरोपी एएसआई करण सिंह राणा ने सुसाइड नोट लिखकर खुदकुशी कर ली।
विज्ञापन
एएसआई करण सिंह ने सुसाइड नोट में इस बात को खुलासा किया है एक पुलिस दंपति सुरेश और संगीता, एक मीडिया कर्मी अमित, दुराचार का आरोप लगाने वाली महिला और अनिल राणा उसके खिलाफ पूरी तरह गुट बनाकर उसे झूठे मामले में फंसाने की कोशिशें काफी समय से बना रहे थे।
विज्ञापन
इसमें पुलिस इंस्पेक्टर सुरेश और उसकी पत्नी तो उसे फंसाने पर पूरी तरह से आमादा थे। इसलिए कई बार दुराचार का आरोप लगाने वाली महिला को आगे रखकर उसके खिलाफ अफसरों से झूठी शिकायतें करवाईं। इसकी बाकायदा जांच भी होती गई, लेकिन बेकसूर होने की वजह से जांच में उसे क्लीन चिट भी मिलती गई।
लेकिन करण के विरोधी खेमे ने अब फिर से बराड़ा थाने में महिला को आगे कर उससे दुराचार करने का आरोप लगाते हुए एएसआई करण सिंह के खिलाफ शिकायत दिलवा दी।
पुलिस के मुताबिक करण के विरोधी खेमे का बराड़ा पुलिस पर इतना प्रेशर हो गया कि बराड़ा पुलिस ने भी बिना सोचे समझे और मामले की प्राथमिक जांच करने से पूर्व तुरंत एएसआई करण के खिलाफ रेप का केस दर्ज कर लिया। जबकि इस दौरान पूर्व शिकायतों की जांच रिपोर्टों में उसे मिली क्लीन चिट को भी बराड़ा पुलिस ने नहीं देखा।
बराड़ा पुलिस पर कोई दबाव नहीं था। बराड़ा पुलिस के पास शिकायत आई थी, इसलिए एएसआई करण के खिलाफ रेप का केस दर्ज किया गया।
ये केस भी इसलिए दर्ज किया गया था ताकि मामले की जांच की जा सके। पहले एएसआई को क्लीन चिट मिली है, तो यदि वह बेकसूर होता, तो इस एफआईआर में भी उसे क्लीन चिट मिल जाती। लेकिन उससे पहले ही एक दुखद घटना हो गई।
-हामिद अख्तर, डीसीपी ग्रामीण, अंबाला-