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जम्मू में आतंकी हमले के बाद सैन्य क्षेत्र में सेना का फ्लैग मार्च
अंबाला
Updated Fri, 27 Sep 2013 11:54 PM IST
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जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले के बाद सेना हाईकमान के आदेश पर अंबाला में लोकल मिलटरी अथॉरिटी का अलर्ट दूसरे दिन भी जारी रहा।
सैन्य क्षेत्र सुबह से ही दोपहर बाद तक पूरी तरह सील रहा। सेना के आला अफसरों ने पूरे इलाके में काफिले के साथ फ्लैग मार्च भी किया।
इस दौरान व्यवस्था इतनी चाकचौबंद रही कि सैन्य क्षेत्र से होकर गुजरने वाले आम नागरिक को काफी परेशानियां झेलनी पड़ीं। उन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए कई किलोमीटर के चक्कर लगाने पड़े। दोपहर बाद तक यही सिलसिला जारी रहा।
बाद में सड़कों से आवाजाही सामान्य कर दी गई। मगर आर्मी जवानों की विभिन्न टीमें पूरा दिन जीपों में गश्त जारी रही।
खड्गा टू कोर व सब एरिया हेडक्वार्टर के आला अफसर ने अपने-अपने काफिले के साथ पूरे इलाके में फ्लैग मार्च किया और इस दौरान किसी को भी सैन्य क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। उधर, अंबाला सेना के जवानों की टीम ने पूरा आर्मी इलाका छाना और सुरक्षा को चाकचौबंद बनाए रखने के लिए गश्त और तेज कर दी।
ऐसे परेशान हुए लोग
दरअसल, अंबाला का सैन्य क्षेत्र काफी लंबा-चौड़ा फैला हुआ है। मगर इस सैन्य क्षेत्र के चारों ओर सिविल क्षेत्र ही है। इस वजह से इन सिविल लोगों को आवाजाही के लिए सैन्य क्षेत्र से ही होकर गुजरना पड़ता है।
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इस आवाजाही के लिए सेना प्रमुख कार्यालयों वाली कुछेक सड़कों को छोड़कर अमूमन सड़कों पर आवाजाही के लिए इजाजत दे रखी है।
सैन्य क्षेत्र की इन्हीं सड़कों का इस्तेमाल खासकर पंजोखरा, तोपखाना क्षेत्र, बोह, बब्याल, दिलीपगढ़, रामगढ़ माजरा, आनंद नगर, टुंडला, डिफेंस एनक्लेव, डिफेंस कालोनी, माली परेड, कलरहेड़ी इत्यादि इलाकों के लोग आवाजाही के लिए करते हैं।
मगर शुक्रवार को सैन्य क्षेत्र सील होने की वजह से इन लोगों को कई किलोमीटर का लंबा फेर काटकर अपने गंतव्यों तक पहुंचना पड़ा। दोपहर बाद भी आर्मी के लोगों ने लोगों के पहचान पत्र देखकर ही उन्हे अंदर घुसने की इजाजत दी। अब सैन्य क्षेत्र के अंतर्गत कई स्कूल ऐसे हैं, जहां सिविल लोगों के बच्चे भी पड़ते हैं।
अभिभावक अपने बच्चों को लेने रोजाना जाते हैं। अभिभावकों को भी दोपहर को अपने बच्चों को अपना पहचान पत्र दिखाकर लेकर आने पड़े।
उधर, स्थानीय सेना के एक अफसर ने कहा कि ये अलर्ट हाईकमान के आदेशों पर आया है।
जम्मू आने-जाने वाली ट्रेनेें खंगाली
आतंकी हमले के बाद सेना के अतिरिक्त रेलवे प्रशासन भी पूरी तरह से सतर्क हो गया है। सेना ने जम्मू से आने व जाने वाली कई ट्रेनों में विशेष चेकिंग शुरू कर दी है।
आरपीएफ और जीआरपी की टीमों ने शुक्रवार को भी इन ट्रेनों में विशेष चेकिंग अभियान छेड़ा। दोनों टीमों ने इन ट्रेनों को खंगाला और यात्रियों का सामान भी चेक किया। इसके अलावा स्टेशन परिसर में इन ट्रेनों से उतरने वाले कई यात्रियों के सामान की भी चेकिंग की गई।
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सैन्य क्षेत्र सुबह से ही दोपहर बाद तक पूरी तरह सील रहा। सेना के आला अफसरों ने पूरे इलाके में काफिले के साथ फ्लैग मार्च भी किया।
इस दौरान व्यवस्था इतनी चाकचौबंद रही कि सैन्य क्षेत्र से होकर गुजरने वाले आम नागरिक को काफी परेशानियां झेलनी पड़ीं। उन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए कई किलोमीटर के चक्कर लगाने पड़े। दोपहर बाद तक यही सिलसिला जारी रहा।
बाद में सड़कों से आवाजाही सामान्य कर दी गई। मगर आर्मी जवानों की विभिन्न टीमें पूरा दिन जीपों में गश्त जारी रही।
खड्गा टू कोर व सब एरिया हेडक्वार्टर के आला अफसर ने अपने-अपने काफिले के साथ पूरे इलाके में फ्लैग मार्च किया और इस दौरान किसी को भी सैन्य क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। उधर, अंबाला सेना के जवानों की टीम ने पूरा आर्मी इलाका छाना और सुरक्षा को चाकचौबंद बनाए रखने के लिए गश्त और तेज कर दी।
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ऐसे परेशान हुए लोग
दरअसल, अंबाला का सैन्य क्षेत्र काफी लंबा-चौड़ा फैला हुआ है। मगर इस सैन्य क्षेत्र के चारों ओर सिविल क्षेत्र ही है। इस वजह से इन सिविल लोगों को आवाजाही के लिए सैन्य क्षेत्र से ही होकर गुजरना पड़ता है।
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इस आवाजाही के लिए सेना प्रमुख कार्यालयों वाली कुछेक सड़कों को छोड़कर अमूमन सड़कों पर आवाजाही के लिए इजाजत दे रखी है।
सैन्य क्षेत्र की इन्हीं सड़कों का इस्तेमाल खासकर पंजोखरा, तोपखाना क्षेत्र, बोह, बब्याल, दिलीपगढ़, रामगढ़ माजरा, आनंद नगर, टुंडला, डिफेंस एनक्लेव, डिफेंस कालोनी, माली परेड, कलरहेड़ी इत्यादि इलाकों के लोग आवाजाही के लिए करते हैं।
मगर शुक्रवार को सैन्य क्षेत्र सील होने की वजह से इन लोगों को कई किलोमीटर का लंबा फेर काटकर अपने गंतव्यों तक पहुंचना पड़ा। दोपहर बाद भी आर्मी के लोगों ने लोगों के पहचान पत्र देखकर ही उन्हे अंदर घुसने की इजाजत दी। अब सैन्य क्षेत्र के अंतर्गत कई स्कूल ऐसे हैं, जहां सिविल लोगों के बच्चे भी पड़ते हैं।
अभिभावक अपने बच्चों को लेने रोजाना जाते हैं। अभिभावकों को भी दोपहर को अपने बच्चों को अपना पहचान पत्र दिखाकर लेकर आने पड़े।
उधर, स्थानीय सेना के एक अफसर ने कहा कि ये अलर्ट हाईकमान के आदेशों पर आया है।
जम्मू आने-जाने वाली ट्रेनेें खंगाली
आतंकी हमले के बाद सेना के अतिरिक्त रेलवे प्रशासन भी पूरी तरह से सतर्क हो गया है। सेना ने जम्मू से आने व जाने वाली कई ट्रेनों में विशेष चेकिंग शुरू कर दी है।
आरपीएफ और जीआरपी की टीमों ने शुक्रवार को भी इन ट्रेनों में विशेष चेकिंग अभियान छेड़ा। दोनों टीमों ने इन ट्रेनों को खंगाला और यात्रियों का सामान भी चेक किया। इसके अलावा स्टेशन परिसर में इन ट्रेनों से उतरने वाले कई यात्रियों के सामान की भी चेकिंग की गई।