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विभिन्न समस्याओं से संबंधित हल के लिए अफसरों के नंबर सार्वजनिक किए

Wed, 27 Jul 2016 12:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अंबाला कैंट।
अमर उजाला ब्यूरो/अंबाला कैंट। Updated Wed, 27 Jul 2016 12:16 AM IST
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अंबाला सिटी। अब अपनी बुनियादी समस्याओं को लेकर शायद म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन अंबाला (एमसीए) के कैंट व सिटी जोन कार्यालयों के धक्के न खाने पड़े। लोगों की सुनवाई अब एमसीए अफसर अपने मोबाइल के जरिये ही करेंगे। वे न केवल लोगों की सुनवाई करेंगे, बल्कि उनकी समस्याओं के समाधान का भी निराकरण करेंगे।
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अब एमसीए अफसरों के तमाम फोन नंबरों को जनता के लिए सार्वजनिक किया जा रहा है। ये फोन नंबर उनके सरकारी नहीं बल्कि निजी नंबर हैं। इन सभी नंबरों को ट्विनसिटी के चौराहों पर चस्पा किया जा रहा है, ताकि लोग अपनी-अपनी समस्याओं के मुताबिक सीधे अफसरों को फोन कर सकें।
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दुखी हैं लोग, मगर सुनने वाला कोई
ट्विनसिटी में इस वक्त लोग विभिन्न मूलभूत समस्याओं से बहुत ज्यादा दुखी हैं, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। स्थानीय निवासी राजीव लांबा, अरुण कुमार, प्रवीण, डिंपल मित्तल, अनिल तिवारी के अनुसार लोगों की ऐसी समस्याएं बहुत ज्यादा हैं, जिन्हे तुरंत एमसीए अफसर संज्ञान लेते  ही निपटा सकते हैं, लेकिन इन बुनियादी समस्याओं के लिए भी लोग एमसीए में भटकते रहते हैं। बाबू उनकी सुनते नहीं और अफसर की पहुंच से जनता दूर रहती है। लिहाजा उन्हें एमसीए कार्यालयों में भटककर लौटना पड़ता है। उक्त लोगों ने बताया कि यदि लोगों के शिकवे-शिकायत पर सिर्फ गंभीरता से सुनवाई भी हो जाए, तो  आधा परेशानी उनकी पहले ही खत्म हो जाती है, लेकिन जनता को समझ नहीं आता कि वे अपने दुखड़े लेकर किससे मिले?
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‘अमर उजाला’ बना जनता की आवाज

‘अमर उजाला’ लोगों की बुनियादी समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने का एक माध्यम बना, उनकी बुलंद आवाज बना। ‘अमर उजाला’ लगातार जनता की मूलभूत समस्याओं को सिलेसिलेवार प्रकाशित कर लोगों की समस्याओं को प्रशासनिक अफसरों व मेयर तक पहुंचाने का काम कर रहा है। विगत दिनों ‘गलियों में पसरा रहता है अंधेरा, डर लगता है’, ‘साहब! बाजार जाकर देखो, हालात समझ आएंगे, ‘जलनिकासी करवाओ, बीमारी से बचाओ...’ व ‘पहले गंदगी हटवाओ, बाकी बाद में...’ आदि समस्यात्मक पैकेज प्रकाशित किए। लेकिन अब एमसीए अफसरों ने जनता की इन्हीं मूलभूत समस्याओं को सुनने व उनके निदान के लिए अपने मोबाइल नंबरों को सार्वजनिक चौराहों पर लगाने की एक सराहनीय पहल की है। ताकि लोग अपनी समस्या से संबंधित सीधे अफसर को फोन करे और समस्या का समाधान पाए।


इन नंबरों पर मिलाओ फोन, अफसर करेंगे समाधान

पद    दूरभाष

नगर निगम आयुक्त    8295410001
ज्वाइंट कमिश्नर गगनदीप सिंह    7404888811
पंकज सैनी एक्सईएन    9416386838

सड़कों की मरम्मत व अन्य विकास कार्यों के लिए संपर्क करें

निगम अभियंता रामदास धीमान    9466269550
निगम अभियंता हरीश कुमार    9466934669
जेई एसके सांगवान    9810880504
जेई एम. भारद्वाज    8930159018

अवैध निर्माण की श्किायत व भवन निर्माण हेतु

बिल्डिंग इंस्पेक्टर तेजिंद्र सिंह    9466658383

सफाई से संबंधित शिकायतों के लिए

सचिव राजेंद्र कुमार    9416719490
सुनील दत्त सफाई निरीक्षक    8950106695
राजकुमार डोर-टू-डोर ठेकेदार    9813036936
मनीष कुमार शिकायत केंद्र    0171-6556677

स्ट्रीट लाइट की शिकायतें

लाइट इंस्पेक्टर    9416833861
सन्नी सुपरवाइजर    9034046191
शिकायत केंद्र    0171-2632644
टोल फ्री शिकायत    108
व्हॉट्सअप शिकायत    9138444411
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लोगों की समस्याओं के लिए एमसीए का हर अफसर और कर्मचारी प्रतिबद्ध हैं और लोगों की समस्याओं के समाधान में पूरी शिद्दत से जुटे भी हुए हैं। मोबाइल नंबर सभी के लिए सार्वजनिक हैं। लोग एमसीए में शिकायत करें, नहीं सुनवाई होती तो सीधे उन्हें कॉल करें। मोबाइल पर सभी लोगों की समस्याएं सुनी जाएंगी और शिकायतों व समस्याओं का समाधान भी होगा। लेकिन जनता से भी अपील है वे एमसीए अफसरों व कर्मचारियों को भी पूरा सहयोग करें। दोनों के सहयोग से ही समस्याओं का समाधान होगा।
-गगनदीप सिंह, ज्वाइंट डायरेक्टर, एमसीए

एमसीए का ये प्रयास सार्वजनिक है, लेकिन एमसीए अफसर इस बात को सुनिश्चित करवाएं कि अफसर और कर्मचारी सभी लोगों के मोबाइल नंबर जरूर उठाएं। यदि कोई मीटिंग में हैं, तो वो अलग बात है, लेकिन सामान्य स्थिति में लोगों की शिकायतें मोबाइल पर सुनी जाएं और उसका समाधान हो, तभी इसका सही मायनों में जनता को फायदा होगा।

- रमेश लाल मल, मेयर, एमसीए

जनता में इस बात का बहुत रोष है कि एमसीए में उनकी पहली बार में सुनवाई नहीं होती। यदि जनता के शिकवे शिकायत एमसीए स्टाफ नहीं सुनेगा तो कौन सुनेगा। वैसे एक बार में सुनवाई तो कई पार्षदों की भी नहीं होती। ये भी बड़ी विडंबना है। पार्षदों भी बुनियादी समस्याओं की शिकायतें करते रहते हैं, लेकिन कोई नहीं सुनता। अफसरों व कर्मचारियों को अपनी इस प्रवृत्ति को बदलना होगा।
-सुधीर जयसवाल, डिप्टी मेयर, एमसीए
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