{"_id":"654e8d16ad2d19a65909081b","slug":"ankit-started-chitta-business-at-the-age-of-21-ambala-news-c-36-1-amb1002-13627-2023-11-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: अंकित ने 21 की उम्र में शुरू किया था चिट्टे का धंधा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: अंकित ने 21 की उम्र में शुरू किया था चिट्टे का धंधा
विज्ञापन
अंबाला। मुलाना के गांव धनौरी-बिंजलपुर में पकड़ी नकली शराब की फैक्ट्री के मामले में मास्टर माइंड अंकित उर्फ मोगली कई वर्षों से नशे के धंधे में हाथ आजमा रहा था। स्थानीय लोगों की मानें तो उगाला का अंकित उर्फ मोगली शातिर था। उसने 21 साल की उम्र से ही नशे की दुनिया में कदम रखा था। वह आसपास के गांवों में चिट्टा बेचता था। इसके बाद उम्र बढ़ने के साथ शराब के धंधे में हाथ आजमाने लगा। धंधे के साथ शौक भी पूरे होने लगे। बड़ी एसयूवी गाड़ी में चलना, राजशाही ठाठ से रहना और गांव में आए दिन किसी ने किसी से झगड़ा करना आम हो गया।
संपत्ति बनाई पर अपने नाम नहीं
जब अंकित के नशा तस्करी से जुड़े मामले सामने आने लगे तो पुलिस सतर्क हो गई। कुछ समय पहले ही ऐसे नशा तस्करों की सूची तैयार हुई, जिन पर मामले दर्ज हैं। उस सूची में अंकित का नाम था। स्थानीय पुलिस आरोपी की संपत्ति अटैच करने के इरादे से गांव में भी गई, मगर उन्हें आरोपी के नाम एक भी संपत्ति नहीं मिली।
नशे ने भाई को भी निगला
बताया जाता है कि अंकित का एक भाई था। उसकी मौत का कारण भी नशा बना। इसके बावजूद आरोपी ने सबक नहीं लिया और नशे में पैर फैलाता गया। सिर्फ इतना ही नहीं, बल्कि इस कारोबार के माध्यम से अंकित ने कई गिरोहों से अपनी एक अच्छी पहचान बना ली। सिर्फ अंकित ही नहीं, बल्कि अवैध शराब के मामले से जुड़े एक दो लोग ऐसे हैं जिनका कुछ नामचीन गैंगस्टरों के साथ उठना बैठना था।
विज्ञापन
अंकित पर पांच से छह मामले दर्ज
पुलिसिया सूत्रों की मानें तो अंकित पर पांच से छह मामले दर्ज हैं। इसमें चार मामले एनडीपीएस एक्ट यानी नशा तस्करी से जुड़े हैं। इसके अलावा एक मामला साहा में नकली शराब की फैक्ट्री से जुड़ा है। वहीं, लड़ाई झगड़े का भी एक मामला दर्ज है। हाल ही में वह जमानत पर रिहा चल रहा था। मगर इसके बावजूद चिट्टा बेचने का काम जारी रहा।
विज्ञापन
संपत्ति बनाई पर अपने नाम नहीं
जब अंकित के नशा तस्करी से जुड़े मामले सामने आने लगे तो पुलिस सतर्क हो गई। कुछ समय पहले ही ऐसे नशा तस्करों की सूची तैयार हुई, जिन पर मामले दर्ज हैं। उस सूची में अंकित का नाम था। स्थानीय पुलिस आरोपी की संपत्ति अटैच करने के इरादे से गांव में भी गई, मगर उन्हें आरोपी के नाम एक भी संपत्ति नहीं मिली।
विज्ञापन
नशे ने भाई को भी निगला
बताया जाता है कि अंकित का एक भाई था। उसकी मौत का कारण भी नशा बना। इसके बावजूद आरोपी ने सबक नहीं लिया और नशे में पैर फैलाता गया। सिर्फ इतना ही नहीं, बल्कि इस कारोबार के माध्यम से अंकित ने कई गिरोहों से अपनी एक अच्छी पहचान बना ली। सिर्फ अंकित ही नहीं, बल्कि अवैध शराब के मामले से जुड़े एक दो लोग ऐसे हैं जिनका कुछ नामचीन गैंगस्टरों के साथ उठना बैठना था।
विज्ञापन
अंकित पर पांच से छह मामले दर्ज
पुलिसिया सूत्रों की मानें तो अंकित पर पांच से छह मामले दर्ज हैं। इसमें चार मामले एनडीपीएस एक्ट यानी नशा तस्करी से जुड़े हैं। इसके अलावा एक मामला साहा में नकली शराब की फैक्ट्री से जुड़ा है। वहीं, लड़ाई झगड़े का भी एक मामला दर्ज है। हाल ही में वह जमानत पर रिहा चल रहा था। मगर इसके बावजूद चिट्टा बेचने का काम जारी रहा।