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Haryana: पुलिस के बाद स्वास्थ्य विभाग पर भड़के विज, बोले- मेरी फाइल अटका रहे हैं, ज्ञान निकालना आता है मुझे
Wed, 25 Oct 2023 07:00 PM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, अंबाला (हरियाणा)
अमर उजाला ब्यूरो, अंबाला (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Wed, 25 Oct 2023 07:00 PM IST
सार
स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी फाइलें अटकी होने पर अनिल विज अधिकारियों से खफा नजर आए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अपना ज्ञान बांट रहे हैं। ज्ञान तो मुझे सबका निकालना आता है।
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अनिल विज।
- फोटो : ANI
विस्तार
हरियाणा के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि हर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) स्तर तक ईसीजी की सुविधा होनी चाहिए। थोड़ी सी दिल की समस्या हुई तो लोगों को ट्रालियों में डालकर दूर के अस्पतालों में ले जाना पड़ता है। यह पल काफी महत्वपूर्ण होते हैं। मगर मेरे कुछ अधिकारी उसमें भी रोड़े अटका रहे हैं। चार-चार महीने से फाइल नहीं निकाल रहे हैं।
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अपनी बुद्धि का बेबजह इस्तेमाल कर रहे हैं, कह रहे हैं कि क्या जरूरत है इसकी, अपना ज्ञान बांट रहे हैं। ज्ञान तो मुझे सबका निकालना आता है। विज ने कहा कि हम हर हरियाणवी यानि दो करोड़ लोगों का हेल्थ कार्ड बनाना चाह रहे हैं। हर आदमी के घर-घर जाकर हम बीमारियों को चिन्हित करने के लिए टेस्ट करना चाहते हैं। मगर इसमें भी टांग अड़ाई जा रही है।
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372 अधिकारियों को निलंबित करने का आदेश
एक साल में भी दर्ज एफआईआर के मामलों को नहीं निपटाने पर हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने कड़ा फैसला लिया है। एक दिन पहले ही लापरवाही बरतने वाले 372 जांच अधिकारियों (आईओ) को निलंबित करने का आदेश दिया है। इनमें हवलदार, एएसआई से लेकर एसआई तक के पुलिस कर्मचारी शामिल हैं। इन पुलिस कर्मचारियों को निलंबित करने के लिए विज ने डीजीपी शत्रुजीत कपूर को पत्र भेजा है।
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गृह मंत्री अनिल विज ने इस संबंध में गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को गत 11 मई को पत्र लिखकर सूचना भी मांगी थी। पुलिस महानिदेशक को लिखे पत्र के अनुसार विज ने कहा कि प्रदेश में दर्ज एफआईआर के शीघ्र निस्तारण के लिए उन्होंने कई बार कहा है। पिछले महीने उन्होंने आदेश दिया था कि उन सभी आईओ से स्पष्टीकरण मांगा जाए, जिन्होंने एक वर्ष में एफआईआर का निपटारा नहीं किया। इन मामलों की संख्या 3229 से अधिक है।
विज ने पत्र में दुख जताते हुए कहा है कि उनके निर्देश के बावजूद 372 आईओ ने मामलों का अंतिम रूप से निपटारा नहीं किया और उनके कारण भी संतोषजनक नहीं हैं। वे लोगों को उनकी शिकायतों पर कार्रवाई के लिए एक जगह से दूसरे जगह तक भटकने पर मजबूर कर रहे हैं। यह बेहद गंभीर है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। गृह मंत्री ने पत्र में कहा है कि इन सभी जांच अधिकारियों को तुरंत निलंबित कर दिया जाए और उनके मामलों को एक महीने में अंतिम निपटान के लिए संबंधित डीएसपी को स्थानांतरित कर दिया जाए, अन्यथा उन अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
निलंबित होने वालों में सबसे अधिक सिरसा के
| जिला | निलंबित अधिकारी |
| सिरसा | 66 |
| गुरुग्राम | 60 |
| यमुनानगर | 57 |
| फरीदाबाद | 32 |
| रोहतक | 31 |
| करनाल | 31 |
| अंबाला | 30 |
| जींद | 24 |
| हिसार | 14 |
| पंचकूला | 10 |
| सोनीपत | 09 |
| रेवाड़ी | 05 |
| पानीपत | 03 |