अंबाला का हरबिलास हत्याकांड: गोलीकांड के समय इनोवा में हरबिलास के साथ बैठा गूगल पंडित गिरफ्तार, तुषार भी काबू
नारायणगढ़ में बसपा के प्रदेश सचिव हरबिलास पेशे से वकील भी था। खेतीबाड़ी के साथ-साथ वह पुनीत डांग उर्फ चुन्नू के साथ जमीन बेचने व खरीदने का काम भी किया करता था।
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बसपा नेता व वकील हरबिलास गोलीकांड के सात दिन बाद एक गिरफ्तारी ने सभी को हैरान कर दिया है। यह गिरफ्तारी गोलीकांड के समय इनोवा कार में हरबिलास के साथ बैठे गूगल पंडित की है। हरबिलास व गूगल पंडित दोनों में दोस्ती थी। इसके अलावा पुलिस ने 2 लाख के ईनामी बदमाश वेंकेट गर्ग के भाई तुषार गर्ग को भी काबू कर लिया।
दरअसल, गूगल पंडित की गिरफ्तारी इस गोलीकांड में घायल चुन्नू के चंडीगढ़ पीजीआई में दर्ज बयानों पर की गई है। पेट में गोली लगने पर चुन्नू बयान देने की हालत में नहीं था। इसलिए पुलिस तबीयत में सुधार होने का इंतजार कर रही थी। शुक्रवार को दर्ज हुए चुन्नू के बयानों में गूगल पंडित की भी गोलीकांड में संलिप्ता जताई है। चुन्नू ने बताया कि गूगल पंडित ही 24 जनवरी को लगातार उनसे फोन पर संपर्क कर रहा था। उसने ही रात को फोन कर दोनों को बुलाया था। हरबिलास के फोन पर भी गूगल पंडित की करीब दर्जनभर कॉल थी।
गोलियां चलने पर भी बच गया था गूगल पंडित, तभी घुमी थी शक की सूई
24 जनवरी को नारायणगढ़ में हुए इस गोलीकांड के दौरान दर्जनभर गोलियां चली थी। इसमें से पांच गोलियां लगने पर हरबिलास की मौत हो गई थी। चुन्नू के पेट में भी एक गोली लगी थी। चारों तरफ से चार शूटरोंं द्वारा ताबड़तोड़ गोलियां चलने के बावजूद गूगल पंडित बच गया था। उसे मामूली रूप से चोट आई थी। यहां तक कि हरबिलास की कॉल डिटेल में गूगल पंडित से कई बार बात की गई थी। हालांकि पुलिस भी पहले दिन से ही गूगल पंडित से भी कई बार पूछताछ कर चुकी थी।
गूगल पंडित है ज्योतिष, जमीनी विवाद का करवा रहा था समझौता
नारायणगढ़ की सरगोधा कॉलोनी निवासी विजय दत्त मोदगिल उर्फ गूगल पंडित पेशे से ज्योतिष है। वह वेंकट गर्ग व हरबिलास दोनों का नजदीकी था और आपसी समझौते भी करवाता था। गूगल पंडित की पहली शादी से दो बेटे हैं। पत्नी के देहांत के बाद दूसरी शादी हुई थी। हरबिलास के जमीनी विवाद का समझौता गूगल पंडित करवा रहा था। 24 जनवरी को समझौते के लिए बुलाने का फोन भी हरबिलास व चुन्नू पर गूगल पंडित ने किया था।
हरबिलास की 95 मरले जमीन का था पूरा विवाद
नारायणगढ़ में बसपा के प्रदेश सचिव 41 वर्षीय हरबिलास पेशे से वकील भी था। खेतीबाड़ी के साथ-साथ वह पुनीत डांग उर्फ चुन्नू के साथ जमीन बेचने व खरीदने का काम भी किया करता था। इसके अलावा हरबिलास का राधे फार्म नाम से एक मैरिज पैलेस भी है। तीन साल पहले ही चुन्नू ने अजय गर्ग से नारायणगढ़ के चावला पैलेस के पास 95 मरले का प्लाट खरीदा था। उस समय प्लाट का बयाना लिखा गया था। बाद में हरबिलास ने यह प्लाट ले लिया था।
पूरी पेमेंट भी चुन्नू को कर दी थी। आपसी मेल मिलाप होने के कारण अजय गर्ग ने प्लाट की रजिस्ट्री नहीं करवाई थी। जमीन के रेट बढ़ने के कारण रजिस्ट्री से इंकार कर दिया था। फिर हरबिलास व चुन्नू के सामने बढ़े हुए रेट यानी पौने दो करोड़ रुपये ओर देने की बात हुई थी। इसी को लेकर तीनों के बीच विवाद चल रहा था। अजय गर्ग ने यह राशि वेंकट गर्ग को पकड़ाने के लिए बोला था। इसी बीच 24 जनवरी को हरबिलास की पांच गोलियां मारकर हत्या कर दी गई।
हरबिलास गोलीकांड मामले में गूगल पंडित व वेंकट गर्ग के भाई तुषार गर्ग को भी काबू कर लिया गया है। गूगल पंडित की गिरफ्तारी चंडीगढ़ पीजीआई में पेट पर गोली लगने पर घायल चुन्नू के बयानों पर की गई है। -सूरज चावला, डीएसपी नारायणगढ़ अंबाला।