{"_id":"f78d1a96fca80c68bcf0fefe714b3a1f","slug":"ambala-in-first-position-in-enery-saving","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऊर्जा संरक्षण में अंबाला रेलमंडल नंबर वन ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ऊर्जा संरक्षण में अंबाला रेलमंडल नंबर वन
अंबाला
Updated Wed, 18 Dec 2013 12:29 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली में ऊर्जा मंत्रालय और ऊर्जा दक्षता ब्यूरो की ओर से बीते दिन आयोजित समारोह में राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार अंबाला मंडल की झोली में आया है।
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और ऊर्जा राज्य मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने यह पुरस्कार अंबाला मंडल के डीआरएम एके कठपाल और सीनियर डीईईई पुनीत कठपालिया को दिया। यह पुरस्कार अंबाला मंडल के अधीनस्थ चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन को ऊर्जा सरंक्षण के मामले में प्रथम आने पर दिया गया है।
डीआरएम एके कठपाल ने इसके लिए अंबाला मंडल के बिजली शाखा और चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के कर्मचारियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार ऊर्जा संरक्षण और ऊर्जा दक्षता के प्रति प्रतिबद्धता प्रदर्शित करने की पहचान है।
विज्ञापन
डीआरएम के अनुसार ऊर्जा संरक्षण के मामले में चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन ने अपने प्रयासों से यह साबित किया है कि कम बिजली की खपत करके भी बढ़िया ढंग से बिना रुकावट काम चल सकता है।
उधर, सीनियर डीईईई के अनुसार चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन ने विभिन्न उपायों के जरिये इस उपलब्धि को पाया है। यहां 36 वाट की ट्यूबों को एनर्जी एफिशेंट 28 वाट तथा 18 वाट एलईडी की ट्यूब से बदला गया है। यहां स्टेशन पर रेलवे सर्कुलेटिंग एरिया में 150 से 250 वाट की एपीएसवी फिटिंग को 4 बाई 14 वाट की टी-5 फीटिंग से बदला गया। हाईमास्ट टॉवर पर भी जीएसएम तकनीक से लाइटों को नियंत्रित किया गया।
विज्ञापन
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और ऊर्जा राज्य मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने यह पुरस्कार अंबाला मंडल के डीआरएम एके कठपाल और सीनियर डीईईई पुनीत कठपालिया को दिया। यह पुरस्कार अंबाला मंडल के अधीनस्थ चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन को ऊर्जा सरंक्षण के मामले में प्रथम आने पर दिया गया है।
विज्ञापन
डीआरएम एके कठपाल ने इसके लिए अंबाला मंडल के बिजली शाखा और चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के कर्मचारियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार ऊर्जा संरक्षण और ऊर्जा दक्षता के प्रति प्रतिबद्धता प्रदर्शित करने की पहचान है।
विज्ञापन
डीआरएम के अनुसार ऊर्जा संरक्षण के मामले में चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन ने अपने प्रयासों से यह साबित किया है कि कम बिजली की खपत करके भी बढ़िया ढंग से बिना रुकावट काम चल सकता है।
उधर, सीनियर डीईईई के अनुसार चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन ने विभिन्न उपायों के जरिये इस उपलब्धि को पाया है। यहां 36 वाट की ट्यूबों को एनर्जी एफिशेंट 28 वाट तथा 18 वाट एलईडी की ट्यूब से बदला गया है। यहां स्टेशन पर रेलवे सर्कुलेटिंग एरिया में 150 से 250 वाट की एपीएसवी फिटिंग को 4 बाई 14 वाट की टी-5 फीटिंग से बदला गया। हाईमास्ट टॉवर पर भी जीएसएम तकनीक से लाइटों को नियंत्रित किया गया।