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धूलकोट हादसा: छह हुई मृतकों की संख्या, परिजनों का हंगामा; विज बोले-दोषी कोई भी हो, बख्शूंगा नहीं
Mon, 28 Sep 2026 03:20 PM IST
Nivedita
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Published by: Nivedita
Updated Mon, 28 Sep 2026 03:20 PM IST
सार
एनडीआरएफ का सर्च एवं रेस्क्यू ऑपरेशन रविवार देर रात करीब 2:30 बजे तक जारी रहा। कड़ी मशक्कत के बाद मलबे में दबे सभी लोगों को बाहर निकाल लिया गया।
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पूर्व मंत्री पंडित विनोद शर्मा पीड़ित परिजनों के साथ अस्पताल के गेट पर बैठे
- फोटो : संवाद
विस्तार
अंबाला सिटी के धूलकोट इलाके में रविवार दोपहर तीन मंजिला इमारत गिरने से मलबे की चपेट में आने से मरने वालों की संख्या छह हो गई है। 12 मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के वक्त इमारत में मजदूर काम कर रहे थे। मृतक और घायल मजदूर अंबाला, पंजाब, उत्तर प्रदेश और बिहार के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन के साथ एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं। भारी मलबे के कारण राहत एवं बचाव कार्य में काफी मशक्कत करनी पड़ी। एनडीआरएफ का सर्च एवं रेस्क्यू ऑपरेशन रविवार देर रात करीब 2:30 बजे तक जारी रहा। कड़ी मशक्कत के बाद मलबे में दबे सभी लोगों को बाहर निकाल लिया गया।
सोमवार सुबह अंबाला सिटी के नागरिक अस्पताल में उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब मृतकों और घायलों के परिजन वहां पहुंचे। अस्पताल परिसर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
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घटना की जानकारी मिलते ही अंबाला के सांसद वरुण चौधरी और अंबाला सिटी से कांग्रेस विधायक चौधरी निर्मल सिंह अस्पताल पहुंचे। दोनों नेताओं ने घायलों का हालचाल जाना और शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाया।
नेताओं ने प्रशासन से हादसे की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और पीड़ित परिवारों को उचित आर्थिक मुआवजा देने की मांग की। पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
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हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन के साथ एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं। भारी मलबे के कारण राहत एवं बचाव कार्य में काफी मशक्कत करनी पड़ी। एनडीआरएफ का सर्च एवं रेस्क्यू ऑपरेशन रविवार देर रात करीब 2:30 बजे तक जारी रहा। कड़ी मशक्कत के बाद मलबे में दबे सभी लोगों को बाहर निकाल लिया गया।
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सोमवार सुबह अंबाला सिटी के नागरिक अस्पताल में उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब मृतकों और घायलों के परिजन वहां पहुंचे। अस्पताल परिसर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
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घटना की जानकारी मिलते ही अंबाला के सांसद वरुण चौधरी और अंबाला सिटी से कांग्रेस विधायक चौधरी निर्मल सिंह अस्पताल पहुंचे। दोनों नेताओं ने घायलों का हालचाल जाना और शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाया।
नेताओं ने प्रशासन से हादसे की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और पीड़ित परिवारों को उचित आर्थिक मुआवजा देने की मांग की। पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
गैर इरादतन हत्या समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज
धूलकोट क्षेत्र में रविवार दोपहर एक निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत गिरने के मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। बलदेव नगर थाना पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 173 के तहत एफआईआर संख्या 335 दर्ज की है। यह प्राथमिकी 28 सितंबर को दर्ज की गई है। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या), 110 (गैर इरादतन हत्या का प्रयास), 289 (इमारतों के निर्माण या मरम्मत में लापरवाही) तथा धारा 290 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, घटना रविवार 27 सितंबर को दोपहर करीब 3:00 बजे गांव धूलकोट में घटित हुई थी। इस मामले में शिकायतकर्ता के रूप में बलिंदर (पुत्र सरजभान) के बयान के आधार पर लिखित सूचना पर मामला दर्ज किया गया है।
हादसे के बाद एनडीआरएफ की टीम ने रात ढाई बजे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर मलबे में दबे सभी लोगों को बाहर निकाला था। सोमवार को नागरिक अस्पताल पहुंचे स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इमारत के निर्माण में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और घोर लापरवाही के पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है और जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
धूलकोट क्षेत्र में रविवार दोपहर एक निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत गिरने के मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। बलदेव नगर थाना पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 173 के तहत एफआईआर संख्या 335 दर्ज की है। यह प्राथमिकी 28 सितंबर को दर्ज की गई है। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या), 110 (गैर इरादतन हत्या का प्रयास), 289 (इमारतों के निर्माण या मरम्मत में लापरवाही) तथा धारा 290 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, घटना रविवार 27 सितंबर को दोपहर करीब 3:00 बजे गांव धूलकोट में घटित हुई थी। इस मामले में शिकायतकर्ता के रूप में बलिंदर (पुत्र सरजभान) के बयान के आधार पर लिखित सूचना पर मामला दर्ज किया गया है।
हादसे के बाद एनडीआरएफ की टीम ने रात ढाई बजे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर मलबे में दबे सभी लोगों को बाहर निकाला था। सोमवार को नागरिक अस्पताल पहुंचे स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इमारत के निर्माण में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और घोर लापरवाही के पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है और जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
अनिल विज बोले-दोषी को बख्शा नहीं जाएगा
धूलकोट हादसे पर मंत्री अनिल विज ने कड़ा रुख अपनाया है। छह मजदूरों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्होंने दो टूक कहा कि अवैध निर्माण करने वालों और उन्हें शह देने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कैबिनेट मंत्री अनिल विज के सामने मृतकों के परिजनों ने हंगामा भी किया और भू माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
विज ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह बेहद दुखद घटना है। उन्हें देर रात इसकी जानकारी मिली, जिसके तुरंत बाद वह सिविल अस्पताल में भर्ती घायल श्रमिकों का हालचाल जानने पहुंचे। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रम कानूनों के तहत मृतकों के आश्रितों और घायलों को पूरा मुआवजा दिलाया जाएगा।
तीन बार सरकार को लिख चुका हूं पत्र
अवैध कॉलोनियों और अवैध निर्माण पर निशाना साधते हुए अनिल विज ने कहा, "मैं पहले ही सरकार को तीन बार पत्र लिखकर ऐसे अवैध निर्माणों पर नकेल कसने की मांग कर चुका हूं। लेकिन भू-माफिया की लॉबी इतनी मजबूत है कि वे कार्रवाई होने ही नहीं देते।"
लापरवाह निगम अधिकारियों पर भी कसेगा शिकंजा
पूर्व मंत्री ने स्थानीय नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि संज्ञान में आया है कि स्थानीय लोगों ने पहले ही नगर निगम को इस अवैध निर्माण की सूचना दे दी थी। अधिकारी मौके पर आए भी, लेकिन इसके बावजूद काम नहीं रोका गया।
विज ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि चाहे वह अवैध कॉलोनी काटने वाला हो, बिना नक्शे के तीन मंजिला इमारत खड़ा करने वाला मालिक हो या फिर निगरानी में लापरवाही बरतने वाले निगम अधिकारी—सबके खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है। जनता की जान हमारे लिए बेहद कीमती है और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
धूलकोट हादसे पर मंत्री अनिल विज ने कड़ा रुख अपनाया है। छह मजदूरों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्होंने दो टूक कहा कि अवैध निर्माण करने वालों और उन्हें शह देने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कैबिनेट मंत्री अनिल विज के सामने मृतकों के परिजनों ने हंगामा भी किया और भू माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
विज ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह बेहद दुखद घटना है। उन्हें देर रात इसकी जानकारी मिली, जिसके तुरंत बाद वह सिविल अस्पताल में भर्ती घायल श्रमिकों का हालचाल जानने पहुंचे। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रम कानूनों के तहत मृतकों के आश्रितों और घायलों को पूरा मुआवजा दिलाया जाएगा।
तीन बार सरकार को लिख चुका हूं पत्र
अवैध कॉलोनियों और अवैध निर्माण पर निशाना साधते हुए अनिल विज ने कहा, "मैं पहले ही सरकार को तीन बार पत्र लिखकर ऐसे अवैध निर्माणों पर नकेल कसने की मांग कर चुका हूं। लेकिन भू-माफिया की लॉबी इतनी मजबूत है कि वे कार्रवाई होने ही नहीं देते।"
लापरवाह निगम अधिकारियों पर भी कसेगा शिकंजा
पूर्व मंत्री ने स्थानीय नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि संज्ञान में आया है कि स्थानीय लोगों ने पहले ही नगर निगम को इस अवैध निर्माण की सूचना दे दी थी। अधिकारी मौके पर आए भी, लेकिन इसके बावजूद काम नहीं रोका गया।
विज ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि चाहे वह अवैध कॉलोनी काटने वाला हो, बिना नक्शे के तीन मंजिला इमारत खड़ा करने वाला मालिक हो या फिर निगरानी में लापरवाही बरतने वाले निगम अधिकारी—सबके खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है। जनता की जान हमारे लिए बेहद कीमती है और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।