हर वार्ड में बनेंगे वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट, रीसाइकिल पार्क
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मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस की ओर से स्मार्ट कैंटोनमेंट घोषित हो चुके अंबाला को नीट एंड क्लीन एंड क्लीन बनाए जाने का एक खास प्लान तैयार किया जा रहा है। इसके लिए कैंटोनमेंट बोर्ड अंबाला (सीबीए) प्राइवेट कंसलटेंट की भी सलाह ले रही है। इस प्लानिंग के तहत दो साल में यहां सीबीएस के अंतर्गत सैन्य क्षेत्र के तमाम 8 वार्डों को चकाचक कर दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इस प्लानिंग से यहां करीबन 67 हजार आबादी को सफाई का माहौल मिलेगा। इस प्लानिंग को करीबन दो साल के तैयार किया गया है। इस पर सीबीए करोड़ों रुपये खर्च करेगा।
अभी ये है गंदगी की स्थिति
वर्तमान स्थिति यदि देखी जाए तो भले ही कैंटोनमेंट बोर्ड के अंतर्गत सैन्य क्षेत्र अंबाला के अपेक्षाकृत स्वच्छ इलाकों में माना जाता है। लेकिन यहां बने 8 वार्डों के अंदरूनी इलाकों में जबरदस्त गंदगी का माहौल है। यहां लोग गंदगी को जहां-तहां फेंक रहे हैं। इस वजह से कई इलाकों में तो माहौल बहुत ज्यादा खराब बना रहता है। इन सभी वार्डों से अभी तक करीबन 25 टन कचरा रोज निकाला जा रहा है, लेकिन इस कचरे का कहीं भी निस्तारण नहीं हो रहा है। इस वजह से यहां कैंटोनमेंट बोर्ड एरिया में गंदगी के हालात बद से बदतर हो रहे हैं। इसलिए कैंटोनमेंट बोर्ड अंबाला के अफसरों और सभी वार्डों के आठों पार्षदों को ये चिंता सता रही है कि अंबाला कैंटोनमेंट को स्मार्ट कैंटोनमेंट हटाना है तो सबसे पहले गंदगी का इलाज करना पड़ेगा।
लोगों को जगाने से की शरुआत
सैन्य क्षेत्र को नीट एंड क्लीन बनाने की शुरुआत एक बहुत ही सकारात्मक रूप से हुई। पहली बार सीबीए ने सीईओ वरुण कालिया के आदेशों पर सभी वार्ड पार्षदों के सहयोग से स्वच्छता पखवाड़ा मनाया। पंद्रह दिन लगातार अलग-अलग स्वच्छता गतिविधियां अमल में लाई गई। पार्षद, अफसर व जनता सफाई के लिए सड़कों पर उतरी, तो कैंडल मार्च, स्कूलों, नागरिक सम्मान केंद्रों, बाजारों में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुए। दुकानदारों, वरिष्ठ लोगों, महिलाओं व छात्रों के सेमीनार हुए, नुक्कड़ नाटक हुए। महिलाओं के लिए पैड वेडिंग मशीनें लगीं। महज दस रुपये का सिक्का डालने पर महिला को तीन पैड मशीन से मिलेंगे। इतना ही नहीं शानदार स्वच्छता संदेश देती दीवारें सजाई गई। पंद्रह दिन की इस मुहिम को सीबीए के सीइओ ने एक खास बुकलेट में भी समेटा और लोगों में वितरित भी करवाई।
प्लानिंग में खास रहेगी पार्षदों की भूमिका
-पंद्रह दिन की इसी मुहिम को आगे ले जाने की दिशा में अब स्वच्छता की दो साल की प्लानिंग तैयार की जा रही है
-हर वार्ड में हर महीने वार्ड पार्षद तय करेगा कि उसके वार्ड में सफाई कैसे की जाएगी
-वार्ड पार्षद तय करेगा कि वार्ड में कितने सफाई कर्मी चाहिए, कहां डस्टबीन चाहिए, कहां टॉयलट चाहिए, खुले में शौच कैसे बंद होगी, कितने मोबाइल शौचालय चाहिए, पार्षद ही बताएंगे कि उनके वार्ड में क्या सफाई उपकरण चाहिए
-सभी पार्षद अपने वार्ड में हर महीने का सफाई का एक टारगेट रखेगा। यानी उसे पहले कौन सा इलाका पूरी तरह से स्वच्छ करना है। इसी तरह हर महीने टारगेट सेट करके मुहिम आगे बढ़ेगी।
-इन दो सालों में हर महीने पार्षद एक स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम भी करवाएंगे, जिसमें इलाकावासियों को भी इसी दिशा में अहम जिम्मेवारी दी जाएगी।
इन खास परियोजनाओं से होगा कूड़ा निस्तारण
इसी प्लानिंग में दो बड़े प्रोजेक्ट खासी मददगार साबित होंगे, जिससे कूड़े का निस्तारण होगा और लोगों में वेस्ट सामान फेंकने की आदत भी बदलेगी। पहली परियोजना है हर वार्ड के एक डि सेंटरलाइज एरिया में छोटे-छोटे सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट बनेंगे। वहीं कुछ मशीनें लगेंगे। जहां प्लास्टिक, गीला कूड़े को अलग कर बेलिंग कर ईंधन ब्लाक व खाद तैयार की जाएगी। जबकि प्लास्टिक अलग कर दिया जाएगा। इलाके कचरे को उठाकर दूर ले जाने की जरूरत नहीं है, इन्ही प्लांटों में लाकर साथ के साथ इसका निस्तारण कार्य चलता रहेगा।
दूसरा, इलाकों में रीसाइकिल पार्क बनेंगे। यानी ऐसे पार्क तैयार किए जाएंगे, जहां सबकुछ घरों व बाजारों के वेस्ट से होगा। यानी हर चीज वेस्ट से ही तैयार होगी और उसे इतना सुंदर बनाकर इस पार्क में लगाया जाएगा कि इसे देखकर लोग भी दंग रह जाएंगे। इन पार्कों का मकसद होगा कि लोगों की वेस्ट को फेंकने की आदत कम करना। लोग घरों का वेस्ट यहां पार्क में छोड़ सकते हैं, उसी वेस्ट से पार्कों को सजाया जाएगा। जबकि ज्यादा बेकार वेस्ट को सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट में भेज दिया जाएगा।
सभी पार्षदों के साथ मिलकर स्मार्ट कैंटोनमेंट को पहले नीट एंड क्लीन बनाने की प्लानिंग की जा रही है। प्राइवेट कंसलटेंट की रिपोर्ट भी आने वाली है। कई खास परियोजनाओं के साथ इस अभियान को लांच किया जाएगा। दो साल की प्लानिंग की गई है, जिसमें अहम रोल वार्ड पार्षद, इलाके की जनता और सफाई कर्मियों का रहेगा। पूरे अभियान की खास मॉनिटरिंग टीम सीबीए की रहेगी। एक बार तो अंबाला कैंटोनमेंट को देश के सभी कैंटोनमेंट बोर्डों में सबसे साफ-सुथरा बोर्ड घोषित करवाना है।
-वरुण कालिया, चीफ एग्जीक्यूटिव अफसर, अंबाला कैंटोनमेंट बोर्ड