{"_id":"221ec7d103214246a9e68cb406b59617","slug":"ambala-air-force-hazards-from-waste","type":"story","status":"publish","title_hn":"अंबाला के कचरे से एयरफोर्स को खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अंबाला के कचरे से एयरफोर्स को खतरा
अमर उजाला, अंबाला
Updated Fri, 07 Feb 2014 05:20 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंबाला सिटी। शहर, छावनी और सैन्य क्षेत्र की गंदगी निस्तारण के लिए तैयार किया गया पटवी स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट बीते ढाई साल से ठप पड़ा है। प्लांट के ठप होने से ट्विनसिटी के लोगों को मुसीबतें झेलनी पड़ रही हैं, वहीं एयरफोर्स अथारिटी के लिए भी परेशानियां खड़ी होने लगी है।
कचरों को निस्तारण नहीं होने से एयरफोर्स स्टेशन के दायरे में भी गंदगी के ढेर लग रहे हैं और इससे पक्षियों की तादाद बढ़ रही है। इन पक्षियों की वजह से अंबाला एयरफोर्स अथारिटी को जहाजों के परिचालन में काफी परेशानियां पेश आ रही है। मरे हुए जानवरों को भी यहीं एयरफोर्स के दायरे में ही फेंक दिया जाता है, इससे पक्षियों की संख्या और ज्यादा हो जाती है।
एयरफोर्स ने लगाए ‘फ्लाई सेफ’ के बोर्ड
गंदगी की वजह से बढ़ रही परिंदों की संख्या ने एयरफोर्स अथारिटी को इतना ज्यादा चिंतित कर दिया है कि एयरफोर्स अथारिटी को इसके लिए जागरूकता व चेतावनी बोर्ड लगाने पड़ रहे हैं। एयरफोर्स अथारिटी द्वारा लगाए इन बोर्डों पर ‘फ्लाई सेफ’ की अपील करते हुए लोगों से राष्ट्र के प्रति जिम्मेदार बनने का आह्वान किया गया है। बोर्ड में यह भी चेतावनी दी गई कि भारतीय वायुसेना कानून के तहत एयरफोर्स स्टेशन के 10 किलोमीटर की परिधि में कचरा फेंकना पूरी तरह प्रतिबंधित है। यदि कोई ऐसा करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है। बोर्ड पर लिखा है कि कचरे की वजह से जो पक्षी यहां आसपास रहते हैं और आसमान में विचरण करते हैं, उनसे यहां लड़ाकू जहाजों को खासा खतरा रहता है।
विज्ञापन
आईओसी अफसर भी परेशान
पटवी प्लांट बंद होने की वजह से शहर व छावनी म्यूनिसिपल कारपोरेशन के सफाई कर्मी एयरफोर्स स्टेशन के 10 किलोमीटर की परिधि में कचरा फेंक रहे हैं, इतना ही नहीं म्यूनिसिपल कारपोरेशन ने तो आईओसी के साथ पड़ी बहुत बड़ी सरकारी जमीन को ही डंपिंग ग्राउंड बना डाला है। आसपास इलाकों को कचरा यहां लाकर डंप किया जा रहा है और इसी जमीन के साथ आईओसी की दीवार भी लगती है, जिस वजह से यहां आसपास का माहौल बहुत ही ज्यादा बदबूदार रहता है। आईओसी अफसर भी चाहते हैं ये कचरा यहां निस्तारण न हो और पहले की तरह पटवी जाए।
पटवी प्लांट के लिए लामबंद हुई संस्थाएं
उधर, आज पटवी प्लांट को लेकर प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के अफसरों ने लोगों की आपत्तियां व राय जाननी है। इसलिए ठप पड़े इस सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट इस प्लांट को शुरू करने के लिए अंबाला की समाज सेवी संस्थाएं लामबंद हो रही है। ये संस्थाएं भी पटवी पहुंचकर इस प्लांट को शुरू करवाने के लिए अपना प्रस्ताव प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड को देंगी। अंबाला सहायता सदन के चंद्र दुग्गल व अश्वनी सालवान व फेडरेशन ऑफ वेलफेयर एसोसिएशन एंड सोसाइटी के अध्यक्ष कर्नल सतनाम के अनुसार कैंट, सिटी और सैन्य क्षेत्र को नीट एंड क्लीन बनाने के लिए ये प्लांट बहुत ही महत्वपूर्ण है। मगर दुर्भाग्य यह है कि ये प्लांट प्रशासनिक और सियासी खींचतान की भेंट चढ़ गया है। अब ये प्लांट प्रशासनिक लापरवाही की वजह से ही तीन साल से ठप है, जिसका खामियाजा यहां गंदगी की वजह से शहर व छावनी के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। इसलिए यहां कई समाजसेवी शुक्रवार को पटवी पहुंचेंगे और इस प्लांट को शुरू करने संबंधी अपना प्रस्ताव वहां प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के अफसरों के समक्ष रखेंगे।
---
आज पहुंचे पटवी
उपायुक्त एवं आयुक्त नगर निगम आज 11 बजे पटवी प्लांट पर जनता की राय ली जाएगी। एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि इस अवसर पर एसडीएम विनय प्रताप सिंह, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी तथा नगर निगम के अधिकारी मौजूद रहेंगे। यदि किसी व्यक्ति को इस बारे में अपनी राय देनी है तो वह समय पर वहां पहुंचकर अपनी बात कह सकता है।
विज्ञापन
कचरों को निस्तारण नहीं होने से एयरफोर्स स्टेशन के दायरे में भी गंदगी के ढेर लग रहे हैं और इससे पक्षियों की तादाद बढ़ रही है। इन पक्षियों की वजह से अंबाला एयरफोर्स अथारिटी को जहाजों के परिचालन में काफी परेशानियां पेश आ रही है। मरे हुए जानवरों को भी यहीं एयरफोर्स के दायरे में ही फेंक दिया जाता है, इससे पक्षियों की संख्या और ज्यादा हो जाती है।
विज्ञापन
एयरफोर्स ने लगाए ‘फ्लाई सेफ’ के बोर्ड
गंदगी की वजह से बढ़ रही परिंदों की संख्या ने एयरफोर्स अथारिटी को इतना ज्यादा चिंतित कर दिया है कि एयरफोर्स अथारिटी को इसके लिए जागरूकता व चेतावनी बोर्ड लगाने पड़ रहे हैं। एयरफोर्स अथारिटी द्वारा लगाए इन बोर्डों पर ‘फ्लाई सेफ’ की अपील करते हुए लोगों से राष्ट्र के प्रति जिम्मेदार बनने का आह्वान किया गया है। बोर्ड में यह भी चेतावनी दी गई कि भारतीय वायुसेना कानून के तहत एयरफोर्स स्टेशन के 10 किलोमीटर की परिधि में कचरा फेंकना पूरी तरह प्रतिबंधित है। यदि कोई ऐसा करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है। बोर्ड पर लिखा है कि कचरे की वजह से जो पक्षी यहां आसपास रहते हैं और आसमान में विचरण करते हैं, उनसे यहां लड़ाकू जहाजों को खासा खतरा रहता है।
विज्ञापन
आईओसी अफसर भी परेशान
पटवी प्लांट बंद होने की वजह से शहर व छावनी म्यूनिसिपल कारपोरेशन के सफाई कर्मी एयरफोर्स स्टेशन के 10 किलोमीटर की परिधि में कचरा फेंक रहे हैं, इतना ही नहीं म्यूनिसिपल कारपोरेशन ने तो आईओसी के साथ पड़ी बहुत बड़ी सरकारी जमीन को ही डंपिंग ग्राउंड बना डाला है। आसपास इलाकों को कचरा यहां लाकर डंप किया जा रहा है और इसी जमीन के साथ आईओसी की दीवार भी लगती है, जिस वजह से यहां आसपास का माहौल बहुत ही ज्यादा बदबूदार रहता है। आईओसी अफसर भी चाहते हैं ये कचरा यहां निस्तारण न हो और पहले की तरह पटवी जाए।
पटवी प्लांट के लिए लामबंद हुई संस्थाएं
उधर, आज पटवी प्लांट को लेकर प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के अफसरों ने लोगों की आपत्तियां व राय जाननी है। इसलिए ठप पड़े इस सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट इस प्लांट को शुरू करने के लिए अंबाला की समाज सेवी संस्थाएं लामबंद हो रही है। ये संस्थाएं भी पटवी पहुंचकर इस प्लांट को शुरू करवाने के लिए अपना प्रस्ताव प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड को देंगी। अंबाला सहायता सदन के चंद्र दुग्गल व अश्वनी सालवान व फेडरेशन ऑफ वेलफेयर एसोसिएशन एंड सोसाइटी के अध्यक्ष कर्नल सतनाम के अनुसार कैंट, सिटी और सैन्य क्षेत्र को नीट एंड क्लीन बनाने के लिए ये प्लांट बहुत ही महत्वपूर्ण है। मगर दुर्भाग्य यह है कि ये प्लांट प्रशासनिक और सियासी खींचतान की भेंट चढ़ गया है। अब ये प्लांट प्रशासनिक लापरवाही की वजह से ही तीन साल से ठप है, जिसका खामियाजा यहां गंदगी की वजह से शहर व छावनी के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। इसलिए यहां कई समाजसेवी शुक्रवार को पटवी पहुंचेंगे और इस प्लांट को शुरू करने संबंधी अपना प्रस्ताव वहां प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के अफसरों के समक्ष रखेंगे।
---
आज पहुंचे पटवी
उपायुक्त एवं आयुक्त नगर निगम आज 11 बजे पटवी प्लांट पर जनता की राय ली जाएगी। एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि इस अवसर पर एसडीएम विनय प्रताप सिंह, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी तथा नगर निगम के अधिकारी मौजूद रहेंगे। यदि किसी व्यक्ति को इस बारे में अपनी राय देनी है तो वह समय पर वहां पहुंचकर अपनी बात कह सकता है।