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अमर उजाला फाउंडेशन कार्यक्रम: दोस्त-पुलिस कार्यक्रम में बच्चों को सिखाया कानून का पाठ

Wed, 30 Apr 2025 09:49 PM IST
शाहिल शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला Published by: शाहिल शर्मा Updated Wed, 30 Apr 2025 09:49 PM IST
सार

अमर उजाला फाउंडेशन की तरफ से अंबाला में दोस्त पुलिस कार्यक्रम का आयोजन करवाया गया। इस कार्यक्रम में स्कूली छात्रों को कानून का पाठ पढ़ाया गया। 

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Amar Ujala Foundation program organized in Ambala
अंबाला में अमर उजाला फाउंडेशन कार्यक्रम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पुलिस से बिल्कुल डरने की जरूरत नहीं है। यह आपके और आपके अधिकारों की सुरक्षा के लिए है। बिना डर व झिझक के पुलिस को अपना दोस्त मानकर अपनी बात कह सकते हैं। यह अपील बलदेव नगर थाना प्रभारी सब इंस्पेक्टर रमेश कुमार ने बुधवार को उजाला फाउंडेशन की तरफ से रखे दोस्त पुलिस कार्यक्रम में कही। इस दौरान पुलिस अधिकारी ने परिसर में पहुंचे राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल पुलिस लाइन के ग्यारहवीं व बारहवीं क्लास के 50 छात्रों की जिज्ञासाओं को शांत किया। छात्रों ने थाने की कार्यशैली को भी जाना। इस मौके पर एएसआई करन सिंह राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल पुलिस लाइन के प्रिंसिपल गुरिंद्र सिंह गिल व अन्य शिक्षक मौजूद रहे।

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अधिकारियों ने छात्रों के प्रश्नों का दिया बेबाकी से जवाब
अपना दोस्त कार्यक्रम में अधिकारियों ने छात्राओं के प्रश्नों का बेबाकी से जवाब दिया और उन्हें कानून का पाठ पढ़ाया। एसआई प्रिया ने छात्रों को यातायात नियमों के बारे में बताते हुए कहा कि सड़क पर चलते समय हेलमेंट का इस्तेमाल बेहद जरूरी है। एसआई अमित ने साइबर क्राइम के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि किसी भी अजनबी को ओटीपी न देने व उनका फोन न उठाने के बारे में बताया। रवि कुमार ने डायल-112 नंबर के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में इस नंबर का इस्तेमाल कर मदद ली जा सकती है।

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इस तरह से मिले प्रश्नों के जवाब

प्रश्न : एफआईआर क्या होती है और कैसे दर्ज की जाती है: छात्र अदित्य
उत्तर- एफआईआर को प्रथम सूचना रिपोर्ट कहा जाता है। एफआईआर में शिकायतकर्ता का नाम, पता, मोबाइल, क्या अपराध हुआ है और अपराध के आरोपी से जुड़ी जानकारी जैसी जरूरी बातों के बारे में लिखा जाता है।

प्रश्न: डिजिटल अरेस्ट क्या होता है: छात्र युगम
उत्तर - डिजिटल अरेस्ट कुछ नहीं होता है। यह एक साइबर स्कैम है। डिजिटल अरेस्ट स्कैम में फोन करने वाले कभी पुलिस, सीबीआई, नारकोटिक्स, आरबीआई और दिल्ली या मुंबई पुलिस अधिकारी बनकर बात करते हैं। ऐसे स्कैम से सावधान रहें।

पुलिस ने किया प्रश्न, पूछा डायल-112 का लाभ किसने उठाया
छात्र ऋतिक ने कहा कि उनके घर के पास एक व्यक्ति नशे की हालत में हंगामा कर रहा था। गाड़ी पर भी पत्थर मार रहा था। तुरंत डायल-112 पुलिस को फोन कर दिया था। वहीं, छात्रा साया ने बताया कि डायल-112 से पुलिस की मदद लेना बेहद आसान हो गया है। इलाके में कोई ऊंची-ऊंची आवाज में गाने चलाकर शोर मचा रहा था। तभी फोन पर डायल-112 को सूचित किया था। 

अमर उजाला फाउंडेशन की तरफ से अंबाला में दोस्त पुलिस कार्यक्रम का आयोजन करवाया गया। इस कार्यक्रम में स्कूली छात्रों को कानून का पाठ पढ़ाया गया। 
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