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Ambala News: सेंट जोसेफ स्कूल को फर्जी दस्तावेज से चलाने का आरोप, प्रबंधन के खिलाफ समन जारी
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अंबाला सिटी स्थित सेंट जोसेफ स्कूल। संवाद
- फोटो : Archive
माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला सिटी। कोर्ट ने सिविल लाइंस स्थित सेंट जोसेफ स्कूल के प्रबंधन और अधिकारियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले में समन जारी किए हैं। स्कूल प्रबंधन पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी विभाग की फर्जी मुहर और जाली हस्ताक्षरों के जरिए स्कूल का फर्जी स्ट्रक्चर सेफ्टी सर्टिफिकेट तैयार करवाया था। मामले की अगली सुनवाई अब 29 अक्टूबर को तय की गई है, जिसके लिए सभी आरोपियों को अदालत में तलब किया गया है।
याचिकाकर्ता गोपाल कृष्ण गुप्ता द्वारा दायर की गई शिकायत के अनुसार, आरोपी किरण बनर्जी (निदेशक), आशिमा बनर्जी (उप-निदेशक), अमिता सचदेवा (प्रधानाचार्य), सिमरनजीत कौर (नोडल ऑफिसर) और प्रवीण (क्लर्क) ने आपसी मिलीभगत और साजिश के तहत यह फर्जीवाड़ा किया। मामले का खुलासा तब हुआ जब एक आरटीआई के जवाब में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी बीएंडआर) के कार्यकारी अभियंता, प्रोविंशियल डिवीजन नंबर-1, अंबाला छावनी ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2020-21 के बाद स्कूल को कोई नया सुरक्षा प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया है। इसके बावजूद सत्र 2021-22 के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया।
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प्रशासनिक स्तर पर नहीं हुई थी सुनवाई
शिकायतकर्ता के अनुसार, इस धोखाधड़ी की शिकायत सबसे पहले जून 2021 में संबंधित एसएचओ और पुलिस अधीक्षक (एसपी) अंबाला को दी गई थी। कोई कार्रवाई न होने पर तत्कालीन गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के समक्ष भी गुहार लगाई गई थी। आरोप है कि पुलिस ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इसके बाद न्याय की गुहार लगाते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया गया।
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बच्चों की जान से खिलवाड़
अदालत में प्रारंभिक साक्ष्यों और दस्तावेजों का अवलोकन करने के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी पवनदीप कौर की अदालत ने माना कि आरोपियों के खिलाफ प्रथम दृष्ट्या भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) में आपराधिक विश्वासघात की धारा 406, धोखाधड़ी की धारा 420, मूल्यवान प्रतिभूति, वसीयत आदि की कूट रचना की धारा 467, धोखाधड़ी के उद्देश्य से कूट रचना की धारा 468, कूट रचित दस्तावेज को असली के रूप में उपयोग करने की धारा 471 और आपराधिक षड़यंत्र की धारा 120-बी के तहत मामला बनता है। अदालत ने कहा कि स्कूल प्रबंधन ने अपने निजी स्वार्थ और पैसों के बल पर बच्चों की सुरक्षा को ताक पर रखकर सरकार के साथ धोखाधड़ी की है।
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अंबाला सिटी। कोर्ट ने सिविल लाइंस स्थित सेंट जोसेफ स्कूल के प्रबंधन और अधिकारियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले में समन जारी किए हैं। स्कूल प्रबंधन पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी विभाग की फर्जी मुहर और जाली हस्ताक्षरों के जरिए स्कूल का फर्जी स्ट्रक्चर सेफ्टी सर्टिफिकेट तैयार करवाया था। मामले की अगली सुनवाई अब 29 अक्टूबर को तय की गई है, जिसके लिए सभी आरोपियों को अदालत में तलब किया गया है।
याचिकाकर्ता गोपाल कृष्ण गुप्ता द्वारा दायर की गई शिकायत के अनुसार, आरोपी किरण बनर्जी (निदेशक), आशिमा बनर्जी (उप-निदेशक), अमिता सचदेवा (प्रधानाचार्य), सिमरनजीत कौर (नोडल ऑफिसर) और प्रवीण (क्लर्क) ने आपसी मिलीभगत और साजिश के तहत यह फर्जीवाड़ा किया। मामले का खुलासा तब हुआ जब एक आरटीआई के जवाब में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी बीएंडआर) के कार्यकारी अभियंता, प्रोविंशियल डिवीजन नंबर-1, अंबाला छावनी ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2020-21 के बाद स्कूल को कोई नया सुरक्षा प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया है। इसके बावजूद सत्र 2021-22 के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया।
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प्रशासनिक स्तर पर नहीं हुई थी सुनवाई
शिकायतकर्ता के अनुसार, इस धोखाधड़ी की शिकायत सबसे पहले जून 2021 में संबंधित एसएचओ और पुलिस अधीक्षक (एसपी) अंबाला को दी गई थी। कोई कार्रवाई न होने पर तत्कालीन गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के समक्ष भी गुहार लगाई गई थी। आरोप है कि पुलिस ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इसके बाद न्याय की गुहार लगाते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया गया।
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बच्चों की जान से खिलवाड़
अदालत में प्रारंभिक साक्ष्यों और दस्तावेजों का अवलोकन करने के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी पवनदीप कौर की अदालत ने माना कि आरोपियों के खिलाफ प्रथम दृष्ट्या भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) में आपराधिक विश्वासघात की धारा 406, धोखाधड़ी की धारा 420, मूल्यवान प्रतिभूति, वसीयत आदि की कूट रचना की धारा 467, धोखाधड़ी के उद्देश्य से कूट रचना की धारा 468, कूट रचित दस्तावेज को असली के रूप में उपयोग करने की धारा 471 और आपराधिक षड़यंत्र की धारा 120-बी के तहत मामला बनता है। अदालत ने कहा कि स्कूल प्रबंधन ने अपने निजी स्वार्थ और पैसों के बल पर बच्चों की सुरक्षा को ताक पर रखकर सरकार के साथ धोखाधड़ी की है।