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जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमले के बाद अंबाला में सेना अलर्ट
अंबाला
Updated Fri, 27 Sep 2013 12:09 AM IST
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जम्मू एवं कश्मीर में हुए आतंकी हमले के बाद अंबाला में सेना ने अलर्ट जारी कर विशेष जांच अभियान चलाया। इस दौरान सेना क्षेत्र को पूरी तरह से सील कर कर करीब दो घंटे तक आवाजाही बंद कर दी गई।
सेना के स्थानीय प्रवक्ता का कहना है कि ये कार्रवाई सेना की एक एक्सरसाइज थी। उनके अनुसार अलर्ट जारी रहेगा।
आतंकी हमले के बाद सभी यूनिटों के जवानों व अफसरों को निर्देश दिए गए कि सैन्य क्षेत्र में हर रोड पर नाके लगाकर सघन जांच अभियान चलाया जाए।
इसी के चलते जवानों ने सैन्य क्षेत्र की हर सड़क पर नाकाबंदी कर दी और दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक सड़कों से आवाजाही भी बंद की। ये सड़कें जहां पर सेना के मुख्यालय स्तर के कार्यालय है, वहां तो सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह चाक चौबंद कर दिया गया।
इस दौरान सिविल पुलिस ने भी सेना का सहयोग किया। सैन्य क्षेत्र में आने-जाने वाले की सघन चेकिंग की गई, जबकि महत्वपूर्ण सड़कों पर तो आवाजाही पूरी तरह ठप रखी गई। शाम तक यही अभियान जारी रहा।
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पूर्व सैनिकों ने कहा, सख्त कदम जरूरी
आतंकी हमले से अंबाला के पूर्व सैनिकों में गुस्सा है। पूर्व सैनिक अतर सिंह मुल्तानी, खुशबीर दत्त, किशनलाल, टीएस बिंद्रा व समाज सेवी डा. सुरेश देसवाल कहते हैं कि आतंकी हमलों की अब तो हद हो गई है। हमारे जवान व सेना अफसर मरते जा रहे हैं और हमारे नेता कुछ करने की बजाए यह कह रहे हैं कि पाकिस्तान भी आतंकवाद से दुखी है। उनके अनुसार अब समय आ गया है कि गोली का जवाब गोली से दिया जाए। आतंकी हमले में अपने दो बच्चे खोने वाली अतर सिंह मुल्तानी कहते हैं कि आखिरकार हिंदुस्तानी सरकार कब तक आतंकी का यह खेल देखना चाहती है? क्यों नहीं सख्त कदम उठाया जाता।
शहीद विक्रम की अंबाला में हुई थी प्रारंभिक शिक्षा
लोकल सेना से प्राप्त जानकारी के अनुसार आतंकी हमले में शहीद हुए लेफ्टिनेंट कर्नल विक्रम सिंह का का संबंध बराड़ा कस्बे के एक गांव से हैं। जानकारी के अनुसार विक्रम की प्रारंभिक शिक्षा अंबाला में ही हुई थी। इसके बाद उनका परिवार चंडीगढ़ में शिफ्ट हो गया था।
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सेना के स्थानीय प्रवक्ता का कहना है कि ये कार्रवाई सेना की एक एक्सरसाइज थी। उनके अनुसार अलर्ट जारी रहेगा।
आतंकी हमले के बाद सभी यूनिटों के जवानों व अफसरों को निर्देश दिए गए कि सैन्य क्षेत्र में हर रोड पर नाके लगाकर सघन जांच अभियान चलाया जाए।
इसी के चलते जवानों ने सैन्य क्षेत्र की हर सड़क पर नाकाबंदी कर दी और दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक सड़कों से आवाजाही भी बंद की। ये सड़कें जहां पर सेना के मुख्यालय स्तर के कार्यालय है, वहां तो सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह चाक चौबंद कर दिया गया।
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इस दौरान सिविल पुलिस ने भी सेना का सहयोग किया। सैन्य क्षेत्र में आने-जाने वाले की सघन चेकिंग की गई, जबकि महत्वपूर्ण सड़कों पर तो आवाजाही पूरी तरह ठप रखी गई। शाम तक यही अभियान जारी रहा।
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पूर्व सैनिकों ने कहा, सख्त कदम जरूरी
आतंकी हमले से अंबाला के पूर्व सैनिकों में गुस्सा है। पूर्व सैनिक अतर सिंह मुल्तानी, खुशबीर दत्त, किशनलाल, टीएस बिंद्रा व समाज सेवी डा. सुरेश देसवाल कहते हैं कि आतंकी हमलों की अब तो हद हो गई है। हमारे जवान व सेना अफसर मरते जा रहे हैं और हमारे नेता कुछ करने की बजाए यह कह रहे हैं कि पाकिस्तान भी आतंकवाद से दुखी है। उनके अनुसार अब समय आ गया है कि गोली का जवाब गोली से दिया जाए। आतंकी हमले में अपने दो बच्चे खोने वाली अतर सिंह मुल्तानी कहते हैं कि आखिरकार हिंदुस्तानी सरकार कब तक आतंकी का यह खेल देखना चाहती है? क्यों नहीं सख्त कदम उठाया जाता।
शहीद विक्रम की अंबाला में हुई थी प्रारंभिक शिक्षा
लोकल सेना से प्राप्त जानकारी के अनुसार आतंकी हमले में शहीद हुए लेफ्टिनेंट कर्नल विक्रम सिंह का का संबंध बराड़ा कस्बे के एक गांव से हैं। जानकारी के अनुसार विक्रम की प्रारंभिक शिक्षा अंबाला में ही हुई थी। इसके बाद उनका परिवार चंडीगढ़ में शिफ्ट हो गया था।