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Ambala News: एजेंसियों के हॉकर 750 रुपये अधिक लेकर बेच रहे व्यावसायिक सिलिंडर
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लवन्या
- कालाबाजारी शुरू : रेलवे स्टेशन से लेकर बाजार तक में किए जा रहे सप्लाई
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की आपूर्ति बंद होते ही कालाबाजारी शुरू हो गई है। इन सिलिंडरों की आपूर्ति को बंद हुए चार दिन बीत चुके हैं। इसके बावजूद कैंट रेलवे स्टेशन से लेकर बाजारों तक में रेहड़ियों पर व्यावसायिक सिलिंडर नजर आ रहे हैं।
वीरवार को जब इसकी पड़ताल की गई तो सामने आया कि भोजनालय और रेहड़ी संचालक 750 रुपये अतिरिक्त खर्च कर सिलिंडर ले रहे हैं। उनसे पूछने पर जानकारी मिली कि एजेंसियों पर काम करने वाले हॉकर चोरी छिपे सिलिंडर दे रहे हैं। हालांकि वे यह भी कहते हैं कि ऐसा कितने दिन तक चलेगा, यह कहा नहीं जा सकता।
केस-1 : रेलवे स्टेशन भोजनालय
रिपोर्टर : काम कैसा चल रहा है, सिलिंडर मिल रहे हैं।
संचालक : हां काम बढि़या चल रहा है, सिलिंडर का जुगाड़ कर ले रहे हैं।
रिपोर्टर : आपके पास अतिरिक्त सिलिंडर हों तो हमें भी दे दो।
संचालक : नहीं भाई साहब, मुश्किल से व्यवस्था हो रही है।
रिपोर्टर : कैसे और कहां से ला रहे हो।
संचालक : एक जानकार हॉकर है, पहले से उसी से ही सिलिंडर ले रहे हैं। उसे अतिरिक्त खर्चा देना पड़ रहा है।
रिपोर्टर : कितना खर्चा हो रहा है
संचालक : पहले एक सिलिंडर के लिए 250 रुपये अतिरिक्त देने पड़ते थे, अब 750 रुपये देने पड़ रहे हैं।
रिपोर्टर : रोजाना कितने सिलिंडरों की खपत है।
संचालक : भोजनालय में चार और रेहड़ियों पर 13 सिलिंडरों की रोजाना खपत है।
केस-2 : बैंक रोड पर चिकन शॉप
रिपोर्टर : दुकान पर सिलिंडर की क्या स्थिति है।
संचालक : रोजाना एक सिलिंडर की खपत है। आज एक सिलिंडर मुश्किल से मंगाया है।
रिपोर्टर : एक सिलिंडर पर कितने पैसे दिए हैं।
संचालक : पहले एक सिलिंडर पर 1450 रुपये देते थे, अब 2800 रुपये देकर लिया है।
रिपोर्टर : आगे कैसे चलेगा, इसका प्रबंध।
संचालक : पुराने हॉकर से ही गुहार लगाई है, उसने अभी कच्चा-पक्का आश्वासन दिया है।
रिपोर्टर : तो फिर कैसे करोगे बंदोबस्त।
संचालक : कुछ अन्य रेहड़ी संचालकों से बात हुई है, उन्होंने बताया कि काम हो जाएगा।
केस-3 : खानपान रेहड़ी रेलवे स्टेशन
रिपोर्टर : सिलिंडर का बंदोबस्त हो रहा है।
संचालक : हमारे पास पहले ही दो सिलिंडर भरे हुए थे, अभी उनसे काम चला रहे हैं।
रिपोर्टर : अगर वो भी खत्म हो गए तो क्या रेहड़ी बंद करोगे।
संचालक : नहीं ऐसा नहीं करेंगे, इसका भी प्रबंध किया है, हॉकर से बात हो गई है।
रिपोर्टर : अगर हॉकर भी सिलिंडर नहीं दे पाया तो फिर।
संचालक : अगर हॉकर सिलिंडर नहीं दे पाया तो रेलवे से बिजली संचालित भट्टी लगाने के लिए कनेक्शन मांगेगे।
सप्लायरों के नाम न बताने की दी है हिदायत
चार दिन से सप्लाई बंद होने के बावजूद खाद्य पदार्थ बनाने वाले कारोबारियों का काम अब तक प्रभावित नहीं हुआ है। अधिकांश के पास कॉमर्शियल सिलिंडर रोजाना पहुंच रहे हैं। कॉमर्शियल सिलिंडर पहुंचाने वाले सप्लायरों ने संचालकों को हिदायत दी है कि उनकी पहचान व डिलिवरी के बारे में खुलासा न किया जाए, अन्यथा सिलिंडर नहीं मिलेगा।
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विभाग की तरफ से गैस एजेंसियों पर कॉमर्शियल सिलिंडरों का स्टॉक नियमित रूप से पूछा जा रहा है। हमने सख्त हिदायत दी है कि कालाबाजारी नहीं होने दी जाएगी। अगर कालाबाजारी हो रही है तो इस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- निशांत राठी, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक
कॉमर्शियल सिलिंडरों की नई सप्लाई हमारे पास नहीं आ रही है। अगर किसी के पास पिछले स्टॉक में से कुछ सिलिंडर हैं और वो कालाबाजारी कर रहे हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
- केवल सिंह, प्रधान, अंबाला एलपीजी ड्रिस्ट्रिब्यूटर एसोसिएशन
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की आपूर्ति बंद होते ही कालाबाजारी शुरू हो गई है। इन सिलिंडरों की आपूर्ति को बंद हुए चार दिन बीत चुके हैं। इसके बावजूद कैंट रेलवे स्टेशन से लेकर बाजारों तक में रेहड़ियों पर व्यावसायिक सिलिंडर नजर आ रहे हैं।
वीरवार को जब इसकी पड़ताल की गई तो सामने आया कि भोजनालय और रेहड़ी संचालक 750 रुपये अतिरिक्त खर्च कर सिलिंडर ले रहे हैं। उनसे पूछने पर जानकारी मिली कि एजेंसियों पर काम करने वाले हॉकर चोरी छिपे सिलिंडर दे रहे हैं। हालांकि वे यह भी कहते हैं कि ऐसा कितने दिन तक चलेगा, यह कहा नहीं जा सकता।
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केस-1 : रेलवे स्टेशन भोजनालय
रिपोर्टर : काम कैसा चल रहा है, सिलिंडर मिल रहे हैं।
संचालक : हां काम बढि़या चल रहा है, सिलिंडर का जुगाड़ कर ले रहे हैं।
रिपोर्टर : आपके पास अतिरिक्त सिलिंडर हों तो हमें भी दे दो।
संचालक : नहीं भाई साहब, मुश्किल से व्यवस्था हो रही है।
रिपोर्टर : कैसे और कहां से ला रहे हो।
संचालक : एक जानकार हॉकर है, पहले से उसी से ही सिलिंडर ले रहे हैं। उसे अतिरिक्त खर्चा देना पड़ रहा है।
रिपोर्टर : कितना खर्चा हो रहा है
संचालक : पहले एक सिलिंडर के लिए 250 रुपये अतिरिक्त देने पड़ते थे, अब 750 रुपये देने पड़ रहे हैं।
रिपोर्टर : रोजाना कितने सिलिंडरों की खपत है।
संचालक : भोजनालय में चार और रेहड़ियों पर 13 सिलिंडरों की रोजाना खपत है।
केस-2 : बैंक रोड पर चिकन शॉप
रिपोर्टर : दुकान पर सिलिंडर की क्या स्थिति है।
संचालक : रोजाना एक सिलिंडर की खपत है। आज एक सिलिंडर मुश्किल से मंगाया है।
रिपोर्टर : एक सिलिंडर पर कितने पैसे दिए हैं।
संचालक : पहले एक सिलिंडर पर 1450 रुपये देते थे, अब 2800 रुपये देकर लिया है।
रिपोर्टर : आगे कैसे चलेगा, इसका प्रबंध।
संचालक : पुराने हॉकर से ही गुहार लगाई है, उसने अभी कच्चा-पक्का आश्वासन दिया है।
रिपोर्टर : तो फिर कैसे करोगे बंदोबस्त।
संचालक : कुछ अन्य रेहड़ी संचालकों से बात हुई है, उन्होंने बताया कि काम हो जाएगा।
केस-3 : खानपान रेहड़ी रेलवे स्टेशन
रिपोर्टर : सिलिंडर का बंदोबस्त हो रहा है।
संचालक : हमारे पास पहले ही दो सिलिंडर भरे हुए थे, अभी उनसे काम चला रहे हैं।
रिपोर्टर : अगर वो भी खत्म हो गए तो क्या रेहड़ी बंद करोगे।
संचालक : नहीं ऐसा नहीं करेंगे, इसका भी प्रबंध किया है, हॉकर से बात हो गई है।
रिपोर्टर : अगर हॉकर भी सिलिंडर नहीं दे पाया तो फिर।
संचालक : अगर हॉकर सिलिंडर नहीं दे पाया तो रेलवे से बिजली संचालित भट्टी लगाने के लिए कनेक्शन मांगेगे।
सप्लायरों के नाम न बताने की दी है हिदायत
चार दिन से सप्लाई बंद होने के बावजूद खाद्य पदार्थ बनाने वाले कारोबारियों का काम अब तक प्रभावित नहीं हुआ है। अधिकांश के पास कॉमर्शियल सिलिंडर रोजाना पहुंच रहे हैं। कॉमर्शियल सिलिंडर पहुंचाने वाले सप्लायरों ने संचालकों को हिदायत दी है कि उनकी पहचान व डिलिवरी के बारे में खुलासा न किया जाए, अन्यथा सिलिंडर नहीं मिलेगा।
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विभाग की तरफ से गैस एजेंसियों पर कॉमर्शियल सिलिंडरों का स्टॉक नियमित रूप से पूछा जा रहा है। हमने सख्त हिदायत दी है कि कालाबाजारी नहीं होने दी जाएगी। अगर कालाबाजारी हो रही है तो इस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- निशांत राठी, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक
कॉमर्शियल सिलिंडरों की नई सप्लाई हमारे पास नहीं आ रही है। अगर किसी के पास पिछले स्टॉक में से कुछ सिलिंडर हैं और वो कालाबाजारी कर रहे हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
- केवल सिंह, प्रधान, अंबाला एलपीजी ड्रिस्ट्रिब्यूटर एसोसिएशन

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