{"_id":"670aee6f0ba0ddea920397d4","slug":"after-the-application-is-verified-the-agriculture-department-will-get-the-budget-ambala-news-c-36-1-amb1003-131042-2024-10-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: आवेदन सत्यापित होने के बाद कृषि विभाग को मिलेगा बजट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: आवेदन सत्यापित होने के बाद कृषि विभाग को मिलेगा बजट
विज्ञापन
अंबाला सिटी। धान कटाई के बाद किसान पराली को खेत में ही मिलाते हैं तो उनको प्रति एकड़ एक हजार रुपए राशि मिलेगी। पिछले वर्ष यह राशि सात करोड़ तक पहुंच गई थी। करीब 70 हजार एकड़ में किसानों ने पराली को खेत में मिलाया था।
इस बार भी विभाग ने अपना लक्ष्य तय किया है। विभाग ने 30 अक्तूबर तक पोर्टल को खोला है। किसान ऑनलाइन आवेदन करेंगे। ऑनलाइन आवेदन आने के बाद विभाग इनको सत्यापित करेगा और इसके उपरांत किसानों को राशि जारी की जाएगी। इस बार भी विभाग ने 70 हजार एकड़ से ज्यादा का लक्ष्य रखा है। इसके लिए विभाग अधिकारी किसानों को गांव-गांव जाकर जागरूक कर रहे हैं और स्कूल व कॉलेजों में भी इस बारे में जानकारी दी जा रही है।
कृषि विभाग में तकनीकी सहायक दीनदयाल शर्मा ने बताया कि पिछले वर्ष किसानों को करीब 7 करोड़ राशि जारी की गई थी। यह राशि करीब 70 हजार एकड़ पर किसानों को मिली थी। अगर कोई किसान धान कटाई के बाद पराली को खेत में ही मिलाता है तो उसको पहले तो राशि लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के बाद विभाग फील्ड में जाकर उसको सत्यापित करेगा और उसके बाद किसान को प्रति एकड़ एक हजार रुपए राशि जारी की जाएगी। कई किसान इस योजना का लाभ उठा रहे हैं और कई किसान गांठ बनाकर भी बेच रहे हैं।
विज्ञापन
अवशेष में भी बढ़ रहे आग के मामले
दरअसल, किसान फसल अवशेष (पराली) में आग लगा रहे हैं। प्रदेश में 300 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। इसको लेकर किसानों के चालान भी किए जा रहे हैं। विभाग की ओर से किसानों को इस योजना से जोड़ने के लिए जागरूक किया जा रहा है, लेकिन इसके बाद भी कई किसान खेत में आग लगा देते हैं। वहीं, किसानों का यह कहना है कि पराली को खेत में मिलाने में समय लगता है। इस वजह से उनकी आलू व सरसों की आगामी फसल लेट हो जाती है। पराली को खेत में मिलाने में खर्च भी आता है।
विज्ञापन
इस बार भी विभाग ने अपना लक्ष्य तय किया है। विभाग ने 30 अक्तूबर तक पोर्टल को खोला है। किसान ऑनलाइन आवेदन करेंगे। ऑनलाइन आवेदन आने के बाद विभाग इनको सत्यापित करेगा और इसके उपरांत किसानों को राशि जारी की जाएगी। इस बार भी विभाग ने 70 हजार एकड़ से ज्यादा का लक्ष्य रखा है। इसके लिए विभाग अधिकारी किसानों को गांव-गांव जाकर जागरूक कर रहे हैं और स्कूल व कॉलेजों में भी इस बारे में जानकारी दी जा रही है।
विज्ञापन
कृषि विभाग में तकनीकी सहायक दीनदयाल शर्मा ने बताया कि पिछले वर्ष किसानों को करीब 7 करोड़ राशि जारी की गई थी। यह राशि करीब 70 हजार एकड़ पर किसानों को मिली थी। अगर कोई किसान धान कटाई के बाद पराली को खेत में ही मिलाता है तो उसको पहले तो राशि लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के बाद विभाग फील्ड में जाकर उसको सत्यापित करेगा और उसके बाद किसान को प्रति एकड़ एक हजार रुपए राशि जारी की जाएगी। कई किसान इस योजना का लाभ उठा रहे हैं और कई किसान गांठ बनाकर भी बेच रहे हैं।
विज्ञापन
अवशेष में भी बढ़ रहे आग के मामले
दरअसल, किसान फसल अवशेष (पराली) में आग लगा रहे हैं। प्रदेश में 300 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। इसको लेकर किसानों के चालान भी किए जा रहे हैं। विभाग की ओर से किसानों को इस योजना से जोड़ने के लिए जागरूक किया जा रहा है, लेकिन इसके बाद भी कई किसान खेत में आग लगा देते हैं। वहीं, किसानों का यह कहना है कि पराली को खेत में मिलाने में समय लगता है। इस वजह से उनकी आलू व सरसों की आगामी फसल लेट हो जाती है। पराली को खेत में मिलाने में खर्च भी आता है।