अंबाला: प्रसव पीड़ा से कराहती रही प्रसूता, फोन के आधा घंटे बाद भी नहीं पहुंची एंबुलेंस
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सरकारी योजनाएं एक बार फिर धाराशाही हो गई। जब आधा घंटा तक 108 नंबर पर फोन करने के बाद भी सरकारी एंबुलेंस बस अड्डे पर नहीं पहुंची। जच्चा व बच्चा की जान खतरे में पड़ते ही अड्डा इंचार्ज विजेंद्र ने इंसानियत का फर्ज निभाया और गर्भवती महिला को अपनी कार से कर्मचारी सहित छावनी सिविल अस्पताल भेजा। यहां महिला ने बच्ची को जन्म दिया लेकिन कुछ देर बाद ही कर्मचारियों की लापरवाही के कारण महिला नवजात को लेकर अस्पताल से खिसक गई।
आधे घंटे तक नहीं आई एंबुलेंस
हालात उस समय खराब हो गए जब महिला बस अड्डा परिसर में ही बेसुध हो गई। मौके पर पहुंचे अड्डा इंचार्ज ने बिना देरी किए प्राइवेट गाड़ी का बंदोबस्त किया। अस्पताल पहुंचते ही महिला का उपचार शुरु कर दिया गया। नवजात के जन्म के बाद दोनों की डॉक्टरों द्वारा निगरानी की जा रही है।
सुबह मांगे दस्तावेज
महिला के पति ने बताया कि वह काम के सिलसिले में एक स्थान से दूसरे स्थान पर घूमते रहते हैं। सुबह लगभग 9 बजे वह पहले छावनी सिविल अस्पताल गए थे लेकिन यहां उनसे पहले पहचान व अन्य कागज मांगे गए जो उनके पास नहीं थे। इसलिए अस्पताल में मौजूद कर्मचारियों ने उपचार करने से मना कर दिया और वह वापस लौट आए।
बस स्टैंड पर हो गई थी डिलीवरी
ऐसा ही एक वाक्या कुछ महीने पहले भी सामने आया था। समय पर एंबुलेंस न पहुंचने के कारण एक महिला ने बस अड्डे पर ही बच्चे को जन्म दे दिया था और उसम समय भी सरकारी एंबुलेंस के न पहुंचने का मुद्दा काफी गरमाया था। लेकिन शनिवार एक बार फिर एंबुलेंस न पहुंचने के कारण सरकारी योजनाएं धाराशायी होती नजर आ रही हैं।
नवजात को लेकर भागी महिला
बच्चे को जन्म देने के कुछ देर बाद ही जच्चा-बच्चा वार्ड में उपचाराधीन महिला नवजात को लेकर भाग गई। महिला के भागने की सूचना मिलते ही ड्यूटी डॉक्टर व नर्सों के माथे पर पसीना आ गया और उनकी दिल की धड़कनें बढ़ गई। उन्होने महिला की खोज-खबर लेने के लिए तुंरत पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने भी बिना देरी किए महिला की तलाश शुरू कर दी। महिला नवजात के साथ छावनी बस स्टैंड पहुंच चुकी थी और उसने सिविल अस्पताल जाने से इंकार कर दिया।
एक खानाबदोश परिवार से संबंधित महिला को उपचार के लिए सिविल अस्पताल लाया गया था। यहां उसने बच्ची को जन्म दिया है। जच्चा व बच्चा तंदुरुस्त है। कुछ देर बाद ही महिला नवजात को लेकर वार्ड से भाग गई थी। वह छावनी बस स्टैंड पर मिली थी और उसने अस्पताल आने से इंकार कर दिया। सतीश कुमार, एसएमओ सिविल अस्पताल।