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हंगामे के बाद बैरंग लौटा प्रशासन
अंबाला
Updated Fri, 22 Nov 2013 12:16 AM IST
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अंबाला शहर के कौलां में वीरवार को कब्जा लेने पहुंची प्रशासन की टीम के लोगों के हंगामे का सामना करना पड़ा। वहां इसी को लेकर प्रशासनिक टीम और स्थानीय लोगों में बहस हुई और वबाल हुआ। हालात इतने बिगड़ गए कि प्रशासन की टीम को बैरंग लौटना पड़ा।
हुआ यूं कि शहर के कौलां में एक परिवार के 12 सदस्यों की 28 किले जमीन दो टुकड़ों में बंटी हुई है। जमीन पर परिवार के 9 भाइयों सहित 12 सदस्यों का मालिकाना हक है।
जमीन के मालिक के एक भाई अजायब सिंह के बेटे गुरदेव सिंह ने अपने हिस्से की जमीन एक प्रापर्टी डीलर को बेच दी थी। जिस पर कब्जा दिलाने प्रशासन का दस्ता प्रापर्टी डीलर के साथ मौके पर पहुंचा था।
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जमीन मालिक शमशेर सिंह, सुखविंद्र सिंह, कर्म सिंह, स्वर्ण सिंह सहित अन्य ने बताया कि जमीन दो हिस्सों में है। इनमें से 16 किले आगे व 12 किले जमीन पीछे की तरफ है और जमीन के उचित बंटवारे को लेकर उनका अदालत में केस चल रहा है। जमीन के एक हिस्सेदार गुरदेव सिंह ने अपने हिस्से की जमीन के 4 किले एक प्रापर्टी डीलर को बेच दिए हैं।
लेकिन जमीन का उचित बंटवारा नहीं हुआ है जिसके चलते वह अपने हिस्से के 2 किले आगे की जमीन व 2 किले पीछे की जमीन में से लेकर ही बेच सकता है।
जमीन मालिकों ने आरोप लगाते हुए बताया कि प्रापर्टी डीलर को फायदा पहुंचाने के लिए ही जिला प्रशासन का दस्ता उनकी आगे वाली जमीन पर कब्जा करने के लिए पहुंचा था। जिसका उन्होंने विरोध जताया।
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हुआ यूं कि शहर के कौलां में एक परिवार के 12 सदस्यों की 28 किले जमीन दो टुकड़ों में बंटी हुई है। जमीन पर परिवार के 9 भाइयों सहित 12 सदस्यों का मालिकाना हक है।
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जमीन के मालिक के एक भाई अजायब सिंह के बेटे गुरदेव सिंह ने अपने हिस्से की जमीन एक प्रापर्टी डीलर को बेच दी थी। जिस पर कब्जा दिलाने प्रशासन का दस्ता प्रापर्टी डीलर के साथ मौके पर पहुंचा था।
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जमीन मालिक शमशेर सिंह, सुखविंद्र सिंह, कर्म सिंह, स्वर्ण सिंह सहित अन्य ने बताया कि जमीन दो हिस्सों में है। इनमें से 16 किले आगे व 12 किले जमीन पीछे की तरफ है और जमीन के उचित बंटवारे को लेकर उनका अदालत में केस चल रहा है। जमीन के एक हिस्सेदार गुरदेव सिंह ने अपने हिस्से की जमीन के 4 किले एक प्रापर्टी डीलर को बेच दिए हैं।
लेकिन जमीन का उचित बंटवारा नहीं हुआ है जिसके चलते वह अपने हिस्से के 2 किले आगे की जमीन व 2 किले पीछे की जमीन में से लेकर ही बेच सकता है।
जमीन मालिकों ने आरोप लगाते हुए बताया कि प्रापर्टी डीलर को फायदा पहुंचाने के लिए ही जिला प्रशासन का दस्ता उनकी आगे वाली जमीन पर कब्जा करने के लिए पहुंचा था। जिसका उन्होंने विरोध जताया।