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सर्वधर्म पूजा के बाद दुश्मन के काल राफेल की आज भारतीय वायुसेना में होगी औपचारिक एंट्री
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- फोटो : Ambala
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अंबाला। फ्रांस के रक्षामंत्री फ्लोरेंस पार्ली के साथ केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई में आज भारतीय वायुसेना में लड़ाकू विमान राफेल की औपचारिक एंट्री होगी। वीरवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे दोनों देशों के रक्षा मंत्री की मौजूदगी में एयरफोर्स स्टेशन पर राफेल के साथ-साथ अन्य लड़ाकू विमान भी अपने हैरतअंगेज कारनामे दिखाकर बुलंद हौसलों का परिचय देंगे।
अंबाला एयरफोर्स स्टेशन में राफेल को वायुसेना में शामिल करने से पूर्व पारंपरिक सर्व धर्म पूजा की जाएगी। इसके बाद राफेल लड़ाकू विमान, तेजस एयरक्राफ्ट और सारंग एयरोबेटिक टीम आसमान में उड़ान भरेंगे। वायु में ही शानदार करतब दिखाते हुए अपने जोश और उत्साह का परिचय देंगे, जिसके बाद राफेल को ट्रेडिशनल वॉटर कैनन सेल्यूट दिया जाएगा। इंडक्शन सेरेमनी के बाद भारत और फ्रांस के डेलिगेशन के बीच द्विपक्षीय मीटिंग होगी।
यह भी बनेंगे ऐतिहासिक क्षणों के गवाह
कार्यक्रम में सीडीएस विपिन रावत, एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया, रक्षा सचिव डॉ. अजय कुमार, मुख्यमंत्री मनोहर लाल, सांसद रतन लाल कटारिया, डीजीपी मनोज यादव, चीफ सेक्रेटरी हरियाणा सरकार, पोस्ट मास्टर जनरल हरियाणा रंजू प्रसाद, डीआरएम अंबाला जीएम सिंह भी कार्यक्रम में शामिल होंगे। केंद्रीय रक्षामंत्री और फ्रांस के रक्षा मंत्री के कार्यक्रम में शामिल होने के कारण अंबाला एयरफोर्स स्टेशन के साथ-साथ आसपास के एरिया की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। खुफिया एजेंसियां पल-पल की खबरें जुटा रही हैं।
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29 जुलाई को अंबाला में आया था राफेल का पहला जत्था
बता दें कि पांच राफेल का पहला जत्था अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर 29 जुलाई को पहुंचे थे। इन पांच राफेल में तीन सिंगल और दो डबल सीटर जेट शामिल हैं। राफेल का पहला स्क्वाड्रन अंबाला एयर बेस से संचालित होगा। क्योंकि यहां से पाकिस्तान और चीन पर कुछ ही क्षणों में मार की जा सकती है। बता दें कि अपनी एवियॉनिक्स, राडार और हथियार प्रणालियों के साथ राफेल दक्षिण एशिया में सबसे शक्तिशाली विमान है। हालांकि यह लड़ाकू विमान पहले ही लद्दाक और हिमाचल के पहाड़ी क्षेत्रों में उड़ान भर चुके हैं।
13 बदलाव होंगे राफेल में...
राफेल में भारत की जरूरत और परिस्थितियों के हिसाब से कुल 13 बदलाव किए जाने हैं। सभी विमानों की खेप होने के बाद इनमें यह बदलाव होंगे यानी इसके लिए 2022 तक इंतजार करना पड़ेगा। कुल 36 राफेल की डील हुई है। इनमें 30 फाइटर जेट हैं और 6 ट्रेनर। ट्रेनर जेट दो सीट वाले हैं। 36 राफेल आने के बाद एयरफोर्स की दो फाइटर स्क्वार्डन बनेंगी। पहली स्क्वार्डन वेस्टर्न सेक्टर में यानी अंबाला में होगी और दूसरी स्क्वार्डन पश्चिम बंगाल के हाशिमारा में। अंबाला एयरबेस में जगुआर और मिग-21 फाइटर जेट भी हैं। राफेल का दूसरा बैच अंबाला में अक्टूबर तक आने की उम्मीद है। इसमें तीन से चार फाइटर जेट हो सकते हैं।
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अंबाला एयरफोर्स स्टेशन में राफेल को वायुसेना में शामिल करने से पूर्व पारंपरिक सर्व धर्म पूजा की जाएगी। इसके बाद राफेल लड़ाकू विमान, तेजस एयरक्राफ्ट और सारंग एयरोबेटिक टीम आसमान में उड़ान भरेंगे। वायु में ही शानदार करतब दिखाते हुए अपने जोश और उत्साह का परिचय देंगे, जिसके बाद राफेल को ट्रेडिशनल वॉटर कैनन सेल्यूट दिया जाएगा। इंडक्शन सेरेमनी के बाद भारत और फ्रांस के डेलिगेशन के बीच द्विपक्षीय मीटिंग होगी।
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यह भी बनेंगे ऐतिहासिक क्षणों के गवाह
कार्यक्रम में सीडीएस विपिन रावत, एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया, रक्षा सचिव डॉ. अजय कुमार, मुख्यमंत्री मनोहर लाल, सांसद रतन लाल कटारिया, डीजीपी मनोज यादव, चीफ सेक्रेटरी हरियाणा सरकार, पोस्ट मास्टर जनरल हरियाणा रंजू प्रसाद, डीआरएम अंबाला जीएम सिंह भी कार्यक्रम में शामिल होंगे। केंद्रीय रक्षामंत्री और फ्रांस के रक्षा मंत्री के कार्यक्रम में शामिल होने के कारण अंबाला एयरफोर्स स्टेशन के साथ-साथ आसपास के एरिया की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। खुफिया एजेंसियां पल-पल की खबरें जुटा रही हैं।
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29 जुलाई को अंबाला में आया था राफेल का पहला जत्था
बता दें कि पांच राफेल का पहला जत्था अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर 29 जुलाई को पहुंचे थे। इन पांच राफेल में तीन सिंगल और दो डबल सीटर जेट शामिल हैं। राफेल का पहला स्क्वाड्रन अंबाला एयर बेस से संचालित होगा। क्योंकि यहां से पाकिस्तान और चीन पर कुछ ही क्षणों में मार की जा सकती है। बता दें कि अपनी एवियॉनिक्स, राडार और हथियार प्रणालियों के साथ राफेल दक्षिण एशिया में सबसे शक्तिशाली विमान है। हालांकि यह लड़ाकू विमान पहले ही लद्दाक और हिमाचल के पहाड़ी क्षेत्रों में उड़ान भर चुके हैं।
13 बदलाव होंगे राफेल में...
राफेल में भारत की जरूरत और परिस्थितियों के हिसाब से कुल 13 बदलाव किए जाने हैं। सभी विमानों की खेप होने के बाद इनमें यह बदलाव होंगे यानी इसके लिए 2022 तक इंतजार करना पड़ेगा। कुल 36 राफेल की डील हुई है। इनमें 30 फाइटर जेट हैं और 6 ट्रेनर। ट्रेनर जेट दो सीट वाले हैं। 36 राफेल आने के बाद एयरफोर्स की दो फाइटर स्क्वार्डन बनेंगी। पहली स्क्वार्डन वेस्टर्न सेक्टर में यानी अंबाला में होगी और दूसरी स्क्वार्डन पश्चिम बंगाल के हाशिमारा में। अंबाला एयरबेस में जगुआर और मिग-21 फाइटर जेट भी हैं। राफेल का दूसरा बैच अंबाला में अक्टूबर तक आने की उम्मीद है। इसमें तीन से चार फाइटर जेट हो सकते हैं।