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Ambala News: टीकाकरण में हासिल की उपलब्धि, लक्ष्य से आगे पहुंचा आंकड़ा
Wed, 15 Jul 2026 01:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Wed, 15 Jul 2026 01:03 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। शिशुओं को गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए चलाए जा रहे टीकाकरण अभियान में स्वास्थ्य विभाग ने बेहतरीन उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2026 में चलाए गए विशेष अभियान के तहत अंबाला जिले में 9 से 12 माह तक के बच्चों के पूर्ण टीकाकरण का लक्ष्य तय आंकड़े से आगे निकल गया है।
विभाग ने निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले 102 प्रतिशत बच्चों का पूर्ण प्रतिरक्षण कर नया आंकड़ा दर्ज किया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, 9 से 12 माह के 3,125 बच्चों के पूर्ण टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया था। इसके मुकाबले 3,177 बच्चों को सभी जरूरी टीके लगाए जा चुके हैं।
इसी तरह बच्चों को घातक बीमारियों से बचाने वाले पेंटावेलेंट टीके की तीसरी खुराक के लिए भी 3,125 का लक्ष्य निर्धारित था, जबकि विभाग ने 3,357 बच्चों को टीका लगाकर 100 प्रतिशत से अधिक उपलब्धि हासिल की है। पहली खुराक 96 प्रतिशत बच्चों को दी गई थी।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से नवजात शिशुओं को हेपेटाइटिस-बी से सुरक्षित रखने के लिए विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जागरूकता अभियान के चलते मई माह तक जन्म के तुरंत बाद लगाए जाने वाले हेपेटाइटिस-बी टीके की उपलब्धि 99 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
विभाग की ओर से महिला ओपीडी में आने वाली महिलाओं और प्रसूति विभाग में भर्ती गर्भवती महिलाओं को भी जन्म के तुरंत बाद नवजात के टीकाकरण के महत्व के बारे में जागरूक किया जा रहा है, ताकि कोई भी बच्चा इस सुरक्षा कवच से वंचित न रहे।
प्रवासी परिवारों के बच्चों पर विशेष निगरानी : टीकाकरण अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने प्रवासी परिवारों के बच्चों पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया है। अस्पतालों के अलावा ईंट-भट्ठों और अन्य स्थानों पर काम करने वाले प्रवासी मजदूरों के बच्चों की पहचान कर उनकी काउंसिलिंग की जा रही है और उन्हें समय पर टीके लगाए जा रहे हैं।
इस कार्य में एएनएम और आशा वर्कर्स की मदद ली जा रही है, जो नियमित रूप से इन परिवारों के संपर्क में रहती हैं। बच्चों के जन्म के बाद ही उनका टीकाकरण शुरू कर दिया जाता है, ताकि उन्हें गंभीर बीमारियों से बचाया जा सके।
विभाग का मुख्य लक्ष्य हर एक बच्चे को सुरक्षा कवच प्रदान करना है ताकि आने वाली पीढ़ी को पूरी तरह से स्वस्थ और बीमारी-मुक्त बनाया जा सके। इसी के तहत काम किया जा रहा है और आगे भी जारी रहेगा।
-डॉ. पूजा पेंटल, पीएमओ अंबाला कैंट
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अंबाला। शिशुओं को गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए चलाए जा रहे टीकाकरण अभियान में स्वास्थ्य विभाग ने बेहतरीन उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2026 में चलाए गए विशेष अभियान के तहत अंबाला जिले में 9 से 12 माह तक के बच्चों के पूर्ण टीकाकरण का लक्ष्य तय आंकड़े से आगे निकल गया है।
विभाग ने निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले 102 प्रतिशत बच्चों का पूर्ण प्रतिरक्षण कर नया आंकड़ा दर्ज किया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, 9 से 12 माह के 3,125 बच्चों के पूर्ण टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया था। इसके मुकाबले 3,177 बच्चों को सभी जरूरी टीके लगाए जा चुके हैं।
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इसी तरह बच्चों को घातक बीमारियों से बचाने वाले पेंटावेलेंट टीके की तीसरी खुराक के लिए भी 3,125 का लक्ष्य निर्धारित था, जबकि विभाग ने 3,357 बच्चों को टीका लगाकर 100 प्रतिशत से अधिक उपलब्धि हासिल की है। पहली खुराक 96 प्रतिशत बच्चों को दी गई थी।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से नवजात शिशुओं को हेपेटाइटिस-बी से सुरक्षित रखने के लिए विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जागरूकता अभियान के चलते मई माह तक जन्म के तुरंत बाद लगाए जाने वाले हेपेटाइटिस-बी टीके की उपलब्धि 99 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
विभाग की ओर से महिला ओपीडी में आने वाली महिलाओं और प्रसूति विभाग में भर्ती गर्भवती महिलाओं को भी जन्म के तुरंत बाद नवजात के टीकाकरण के महत्व के बारे में जागरूक किया जा रहा है, ताकि कोई भी बच्चा इस सुरक्षा कवच से वंचित न रहे।
प्रवासी परिवारों के बच्चों पर विशेष निगरानी : टीकाकरण अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने प्रवासी परिवारों के बच्चों पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया है। अस्पतालों के अलावा ईंट-भट्ठों और अन्य स्थानों पर काम करने वाले प्रवासी मजदूरों के बच्चों की पहचान कर उनकी काउंसिलिंग की जा रही है और उन्हें समय पर टीके लगाए जा रहे हैं।
इस कार्य में एएनएम और आशा वर्कर्स की मदद ली जा रही है, जो नियमित रूप से इन परिवारों के संपर्क में रहती हैं। बच्चों के जन्म के बाद ही उनका टीकाकरण शुरू कर दिया जाता है, ताकि उन्हें गंभीर बीमारियों से बचाया जा सके।
विभाग का मुख्य लक्ष्य हर एक बच्चे को सुरक्षा कवच प्रदान करना है ताकि आने वाली पीढ़ी को पूरी तरह से स्वस्थ और बीमारी-मुक्त बनाया जा सके। इसी के तहत काम किया जा रहा है और आगे भी जारी रहेगा।
-डॉ. पूजा पेंटल, पीएमओ अंबाला कैंट