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Ambala News: नशा तस्करी का आरोपी किया बरी
Tue, 28 Oct 2025 01:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Tue, 28 Oct 2025 01:39 AM IST
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माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला सिटी। नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत दर्ज मामले में फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने आरोपी कृष्ण कुमार को बरी कर दिया है। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ पर्याप्त सबूत पेश करने में विफल रहा जिससे यह साबित हो सके कि उसने अन्य सह-आरोपियों को अफीम की आपूर्ति की थी।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार बंसल की अदालत ने स्टेट बनाम सुनीता पुरी और अन्य के मामले यह फैसला सुनाते हुए आरोपी कृष्ण कुमार को बरी कर दिया। मुकदमे के दौरान मुख्य आरोपी सुनीता पुरी और नरबीर सिंह फरार हो गए थे। उन्हें 19 मई 2022 और 21 मार्च 2025 को भगोड़ा घोषित कर दिया गया था। इस कारण, न्यायालय का निर्णय केवल आरोपी कृष्ण कुमार की भूमिका तक ही सीमित रहा।
इस केस में अभियोजन पक्ष ने कृष्ण कुमार के खिलाफ केवल सुनीता पुरी, नरबीर सिंह और स्वयं कृष्ण कुमार के बयानों पर भरोसा किया। इस पर बचाव पक्ष के वकील ने तर्क दिया कि ये खुलासा बयान अस्वीकार्य थे। न्यायालय ने पाया कि ये बयान पुलिस हिरासत में दिए गए थे और इनके आधार पर कोई वसूली या खोज नहीं हुई। इसके अलावा, रिकॉर्ड पर कोई कॉल डिटेल रिकॉर्ड या वित्तीय लेनदेन का सबूत भी नहीं था जो कृष्ण कुमार को इस अपराध से जोड़ सके। साक्ष्य के पूर्ण अभाव को देखते हुए, अदालत ने कृष्ण कुमार को उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों से बरी कर दिया।
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अदालत ने निर्देश दिया है कि मुख्य आरोपी सुनीता पुरी और नरबीर सिंह भगोड़े अपराधी होने के कारण, मामले की फाइल को नष्ट नहीं किया जाएगा और जब भी वे अदालत में पेश होंगे या आत्मसमर्पण करेंगे, फाइल को फिर से रखा जाएगा।
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अंबाला सिटी। नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत दर्ज मामले में फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने आरोपी कृष्ण कुमार को बरी कर दिया है। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ पर्याप्त सबूत पेश करने में विफल रहा जिससे यह साबित हो सके कि उसने अन्य सह-आरोपियों को अफीम की आपूर्ति की थी।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार बंसल की अदालत ने स्टेट बनाम सुनीता पुरी और अन्य के मामले यह फैसला सुनाते हुए आरोपी कृष्ण कुमार को बरी कर दिया। मुकदमे के दौरान मुख्य आरोपी सुनीता पुरी और नरबीर सिंह फरार हो गए थे। उन्हें 19 मई 2022 और 21 मार्च 2025 को भगोड़ा घोषित कर दिया गया था। इस कारण, न्यायालय का निर्णय केवल आरोपी कृष्ण कुमार की भूमिका तक ही सीमित रहा।
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इस केस में अभियोजन पक्ष ने कृष्ण कुमार के खिलाफ केवल सुनीता पुरी, नरबीर सिंह और स्वयं कृष्ण कुमार के बयानों पर भरोसा किया। इस पर बचाव पक्ष के वकील ने तर्क दिया कि ये खुलासा बयान अस्वीकार्य थे। न्यायालय ने पाया कि ये बयान पुलिस हिरासत में दिए गए थे और इनके आधार पर कोई वसूली या खोज नहीं हुई। इसके अलावा, रिकॉर्ड पर कोई कॉल डिटेल रिकॉर्ड या वित्तीय लेनदेन का सबूत भी नहीं था जो कृष्ण कुमार को इस अपराध से जोड़ सके। साक्ष्य के पूर्ण अभाव को देखते हुए, अदालत ने कृष्ण कुमार को उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों से बरी कर दिया।
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अदालत ने निर्देश दिया है कि मुख्य आरोपी सुनीता पुरी और नरबीर सिंह भगोड़े अपराधी होने के कारण, मामले की फाइल को नष्ट नहीं किया जाएगा और जब भी वे अदालत में पेश होंगे या आत्मसमर्पण करेंगे, फाइल को फिर से रखा जाएगा।