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Ambala News: एसी के डक्ट से निकली थी चिंगारी, आग लगी तो ट्रेन में बजने लगे थे हूटर
Sat, 18 Oct 2025 11:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Sat, 18 Oct 2025 11:57 PM IST
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अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन पर आपबीती सुनाते यात्री। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। एसी डक्ट से निकली चिंगारी कोच नंबर 19 की सीट नंबर 14 पर सो रही महिला के कंबल पर गिरी जोकि कुछ ही क्षण में आग का रूप धारण कर लिया। कोच में लगे सेंसर बज उठे। कोच में धुंआ ही धुंआ फैल गया तो किसी यात्री ने चेन खींचकर ट्रेन को रोक दिया। यात्री ट्रेन से चिल्लाते हुए नीचे कूदने लगे। किसी को समझ नहीं आ रहा था कि अचानक क्या हो गया। बस चारों तरफ ये ही शोर मच रहा था कि ट्रेन में आग लग गई है और जान बचाने के लिए भागो। यह जानकारी ट्रेन नंबर 12204 अमृतसर-सहरसा गरीबरथ के यात्रियों ने साझा की।
नए एलएचबी कोच बने सुरक्षा कवच
ट्रेन नंबर 12204 गरीबरथ एक्सप्रेस में कुछ समय पहले ही नए आधुनिक लिंक हॉफमैन बुश यानी एलएचबी कोच लगाए गए हैं जोकि सुरक्षा के मामले में काफी अव्वल हैं। इनमें अत्याधुनिक सेंसर, सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं जोकि किसी भी घटना के समय पूरी तरह सक्रिय रहते हैं। यही कारण रहा कि ट्रेन में आग लगने के बाद जान-माल का ज्यादा नुकसान नहीं हुआ क्योंकि धुंआ उठते ही ट्रेन के सेंसर बजने लगे थे और इससे ट्रेन में तैनात चालक व गार्ड भी सतर्क हो गए थे।
सो रहे थे यात्री
कोच नंबर 18 में ढंढारी कलां से मुज्जफरपुर तक सफर कर रहे राज किशन ने बताया कि वह परिवार सहित गरीबरथ ट्रेन में यात्रा कर रहे थे। जब हादसा हुआ तो सभी यात्री अपनी सीटों पर सो रहे थे, लेकिन आग की सूचना मिलते ही एक दम से कोच में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सभी अपनी जान बचाने के लिए दरवाजों की तरफ दौड़ पड़े और ट्रेन के रुकते ही नीचे कूद गए।
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कम थी गति
कोच नंबर 20 में सफर कर रहे विकास कुमार ने बताया कि गनीमत रही कि जिस समय यह हादसा हुआ, उस समय ट्रेन की गति काफी धीमी थी क्योंकि ट्रेन सरहिंद रेलवे स्टेशन पर रुकने के बाद लगभग 100 मीटर ही आगे पहुंची थी कि आग की सूचना से सभी यात्री डर गए तो वह अपना सामान संभालने में जुट गए ताकि परिवार सहित सुरक्षित ट्रेन से नीचे उतरा जा सके।
जीत के हीरो
ट्रेन में तैनात उप टिकट निरीक्षक प्रवीण कुमार जीत के हीरो रहे, उन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए कोच में फंसे यात्रियों को बेहद ही कुशलता से सुरक्षित बाहर निकाला और उन्हें रेलवे लाइन से हटकर साइड में खड़ा किया। जब तक कोच नंबर 19 से एक भी यात्री सुरक्षित नहीं उतर गया, तब तक वह खुद कोच में रहकर यात्रियों को नीचे उतारते रहे।
जान पर खेल महिला को उतारा
कोच नंबर 20 में सफर कर रहे सुरिंदर कुमार ने बताया कि वो कोच नंबर 19 के नजदीक ही खड़े थे, जैसे ही आग की सूचना मिली और वह कोच के अंदर गए तो एक महिला झुलस गई थी और उसे उपचार की तुरंत जरूरत थी तो उन्होंने बिना समय गंवाए दूसरे यात्रियों की मदद से महिला को तुरंत नीचे उतारा, क्योंकि हादसा सरहिंद शहर के नजदीक ही हुआ था तो महिला को तुरंत रेलवे लाइन के नजदीक अस्पताल में भेज दिया गया।
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अंबाला। एसी डक्ट से निकली चिंगारी कोच नंबर 19 की सीट नंबर 14 पर सो रही महिला के कंबल पर गिरी जोकि कुछ ही क्षण में आग का रूप धारण कर लिया। कोच में लगे सेंसर बज उठे। कोच में धुंआ ही धुंआ फैल गया तो किसी यात्री ने चेन खींचकर ट्रेन को रोक दिया। यात्री ट्रेन से चिल्लाते हुए नीचे कूदने लगे। किसी को समझ नहीं आ रहा था कि अचानक क्या हो गया। बस चारों तरफ ये ही शोर मच रहा था कि ट्रेन में आग लग गई है और जान बचाने के लिए भागो। यह जानकारी ट्रेन नंबर 12204 अमृतसर-सहरसा गरीबरथ के यात्रियों ने साझा की।
नए एलएचबी कोच बने सुरक्षा कवच
ट्रेन नंबर 12204 गरीबरथ एक्सप्रेस में कुछ समय पहले ही नए आधुनिक लिंक हॉफमैन बुश यानी एलएचबी कोच लगाए गए हैं जोकि सुरक्षा के मामले में काफी अव्वल हैं। इनमें अत्याधुनिक सेंसर, सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं जोकि किसी भी घटना के समय पूरी तरह सक्रिय रहते हैं। यही कारण रहा कि ट्रेन में आग लगने के बाद जान-माल का ज्यादा नुकसान नहीं हुआ क्योंकि धुंआ उठते ही ट्रेन के सेंसर बजने लगे थे और इससे ट्रेन में तैनात चालक व गार्ड भी सतर्क हो गए थे।
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सो रहे थे यात्री
कोच नंबर 18 में ढंढारी कलां से मुज्जफरपुर तक सफर कर रहे राज किशन ने बताया कि वह परिवार सहित गरीबरथ ट्रेन में यात्रा कर रहे थे। जब हादसा हुआ तो सभी यात्री अपनी सीटों पर सो रहे थे, लेकिन आग की सूचना मिलते ही एक दम से कोच में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सभी अपनी जान बचाने के लिए दरवाजों की तरफ दौड़ पड़े और ट्रेन के रुकते ही नीचे कूद गए।
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कम थी गति
कोच नंबर 20 में सफर कर रहे विकास कुमार ने बताया कि गनीमत रही कि जिस समय यह हादसा हुआ, उस समय ट्रेन की गति काफी धीमी थी क्योंकि ट्रेन सरहिंद रेलवे स्टेशन पर रुकने के बाद लगभग 100 मीटर ही आगे पहुंची थी कि आग की सूचना से सभी यात्री डर गए तो वह अपना सामान संभालने में जुट गए ताकि परिवार सहित सुरक्षित ट्रेन से नीचे उतरा जा सके।
जीत के हीरो
ट्रेन में तैनात उप टिकट निरीक्षक प्रवीण कुमार जीत के हीरो रहे, उन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए कोच में फंसे यात्रियों को बेहद ही कुशलता से सुरक्षित बाहर निकाला और उन्हें रेलवे लाइन से हटकर साइड में खड़ा किया। जब तक कोच नंबर 19 से एक भी यात्री सुरक्षित नहीं उतर गया, तब तक वह खुद कोच में रहकर यात्रियों को नीचे उतारते रहे।
जान पर खेल महिला को उतारा
कोच नंबर 20 में सफर कर रहे सुरिंदर कुमार ने बताया कि वो कोच नंबर 19 के नजदीक ही खड़े थे, जैसे ही आग की सूचना मिली और वह कोच के अंदर गए तो एक महिला झुलस गई थी और उसे उपचार की तुरंत जरूरत थी तो उन्होंने बिना समय गंवाए दूसरे यात्रियों की मदद से महिला को तुरंत नीचे उतारा, क्योंकि हादसा सरहिंद शहर के नजदीक ही हुआ था तो महिला को तुरंत रेलवे लाइन के नजदीक अस्पताल में भेज दिया गया।

अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन पर आपबीती सुनाते यात्री। संवाद

अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन पर आपबीती सुनाते यात्री। संवाद

अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन पर आपबीती सुनाते यात्री। संवाद

अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन पर आपबीती सुनाते यात्री। संवाद

अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन पर आपबीती सुनाते यात्री। संवाद

अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन पर आपबीती सुनाते यात्री। संवाद

अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन पर आपबीती सुनाते यात्री। संवाद