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बावरिया गिरोह के तीन सदस्यों को उम्रकैद
Ambala
Updated Wed, 15 May 2013 05:30 AM IST
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अंबाला। शहर की सूर्य कालोनी में मार्च 2009 में बावरिया गिरोह द्वारा डकैती और हत्या के मामले में तीन सदस्यों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। तीनों दोषियों पर दो-दो हजार रुपये का आर्थिक दंड की भी सजा सुनाई गई है। इस गिरोह के सात आरोपी अभी तक गिरफ्त से बाहर है। उल्लेखनीय है कि ये सातों आरोपी एक बार काबू हो चुके थे, लेकिन कुरुक्षेत्र पुलिस की कस्टडी से फरार हो गए थे।
पुलिस को दी शिकायत में जड़ौत रोड स्थित सूर्य कालोनी निवासी बिजली कर्मी बलराम ने बताया था कि उनके घर में मार्च 2009 में एक कार्यक्रम के तहत हवन का आयोजन था। इसमें शिरकत करने के लिए उनके कई रिश्तेदार आए हुए थे। इसी दिन रात को कुछ बावरिया गिरोह के कुछ सदस्यों ने हथियाराें से घर पर हमला बोल दिया। हमले के दौरान उन्होंने जहां परिजनों व रिश्तेदारों को पीटा, वहीं आभूषण व अन्य सामान भी लूट लिया। उनके इस हमले में वह खुद और उनका बेटा रिंकू समेत अन्य घायल हो गए थे। सभी को अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां से रिंकू और रजनीश की गंभीर हालत को देखते हुए पीजीआई रेफर कर दिया गया था। बाद में उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने इस मामले में डकैती और मर्डर के आरोप में बावरिया गिरोह के कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था। पुलिस का दावा था कि उक्त सभी बावरिया गिरोह के सदस्य है। इनमें से कुछ सदस्यों पर कुरुक्षेत्र में भी केस दर्ज है और वहां भी यह जेल में बंदी थे। लेकिन सात आरोपी कुरुक्षेत्र पुलिस की हिरासत से ही फरार हो गए थे। लेकिन अब संतोष, मंगल और अशोक पुलिस की गिरफ्त में ही थे। जिन्हे अब अंबाला अदालत ने इसी जुर्म में उम्रकैद और दो-दो हजार रुपये आर्थिक दंड की सजा सुनाई है।
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पुलिस को दी शिकायत में जड़ौत रोड स्थित सूर्य कालोनी निवासी बिजली कर्मी बलराम ने बताया था कि उनके घर में मार्च 2009 में एक कार्यक्रम के तहत हवन का आयोजन था। इसमें शिरकत करने के लिए उनके कई रिश्तेदार आए हुए थे। इसी दिन रात को कुछ बावरिया गिरोह के कुछ सदस्यों ने हथियाराें से घर पर हमला बोल दिया। हमले के दौरान उन्होंने जहां परिजनों व रिश्तेदारों को पीटा, वहीं आभूषण व अन्य सामान भी लूट लिया। उनके इस हमले में वह खुद और उनका बेटा रिंकू समेत अन्य घायल हो गए थे। सभी को अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां से रिंकू और रजनीश की गंभीर हालत को देखते हुए पीजीआई रेफर कर दिया गया था। बाद में उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने इस मामले में डकैती और मर्डर के आरोप में बावरिया गिरोह के कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था। पुलिस का दावा था कि उक्त सभी बावरिया गिरोह के सदस्य है। इनमें से कुछ सदस्यों पर कुरुक्षेत्र में भी केस दर्ज है और वहां भी यह जेल में बंदी थे। लेकिन सात आरोपी कुरुक्षेत्र पुलिस की हिरासत से ही फरार हो गए थे। लेकिन अब संतोष, मंगल और अशोक पुलिस की गिरफ्त में ही थे। जिन्हे अब अंबाला अदालत ने इसी जुर्म में उम्रकैद और दो-दो हजार रुपये आर्थिक दंड की सजा सुनाई है।
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