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बच्चों को सिखाएं बाल उत्पीड़न से लड़ना
Ambala
Updated Tue, 23 Oct 2012 12:00 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला। प्रदेश में बढ़ रहे बाल उत्पीड़न के मामलों को लेकर शिक्षा विभाग भी पूरी तरह से गंभीर हो गया है। इसी के चलते निदेशालय के निर्देशों पर जिला शिक्षा अधिकारी ने भी सभी स्कूलों के संचालकों को निर्देश जारी किया है कि वे अपने स्कूलों में सुबह मार्निगिं असेंबली में प्रार्थना सभा के बाद छात्रों को बाल उत्पीड़न के प्रति जागरूक करें।
स्कूलों को भेजे निर्देशों में कहा गया है कि मार्निगिं असेंबली में प्रार्थना सभा के बाद बच्चों को बाल उत्पीड़न के बारे में जागरूक करने को कहा गया है। इसके तहत बताया गया है कि शिक्षकों को चाहिए कि वे रोजाना इस विषय को थोड़ा रोचक ढंग से बच्चाें को बताएं, ताकि बच्चे इस मामले में जागरूक बने और समाज में बाल उत्पीड़न से बचे और दूसरों को भी बचाने का प्रयास करें।
‘सभी स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने बच्चों को बाल उत्पीड़न के बारे में जागरूक करें। स्कूलों को ये निर्देश सुनिश्चित करने होंगे, उनके समेत अन्य शिक्षा अधिकारी खुद स्कूलों की मार्निगिं असेंबली में पहुंचकर स्थिति का जायजा लेंगे।’
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- सावित्री सिहाग, जिला शिक्षा अधिकारी, अंबाला
1098 पर करें शिकायत
अंबाला में जिला युवा विकास संगठन की ओर से चाइल्डलाइन अंबाला के नाम से एक हेल्पलाइन शुरू की हुई है। जिसका नंबर 1098 है। ये 24 घंटे हेल्पलाइन है। जिले में कोई भी बच्चा परेशान हो या बाल उत्पीड़न का शिकार हो तो वह इस नंबर पर फोन कर इसकी सूचना संगठन को दे सकता है। उसके बाद टीम वहां पहुंचती है और बच्चे को वहां से लाकर उसे डीसी अंबाला के समक्ष पेश करती है, बच्चे का मेडिकल करवाने के बाद उस बच्चे की मदद का इंतजाम किया जाता है। ये हेल्पलाइन लापता बच्चों को भी उनके परिजनों से मिलवाने में मदद करती है।
मोहित धुपड़
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अंबाला। प्रदेश में बढ़ रहे बाल उत्पीड़न के मामलों को लेकर शिक्षा विभाग भी पूरी तरह से गंभीर हो गया है। इसी के चलते निदेशालय के निर्देशों पर जिला शिक्षा अधिकारी ने भी सभी स्कूलों के संचालकों को निर्देश जारी किया है कि वे अपने स्कूलों में सुबह मार्निगिं असेंबली में प्रार्थना सभा के बाद छात्रों को बाल उत्पीड़न के प्रति जागरूक करें।
स्कूलों को भेजे निर्देशों में कहा गया है कि मार्निगिं असेंबली में प्रार्थना सभा के बाद बच्चों को बाल उत्पीड़न के बारे में जागरूक करने को कहा गया है। इसके तहत बताया गया है कि शिक्षकों को चाहिए कि वे रोजाना इस विषय को थोड़ा रोचक ढंग से बच्चाें को बताएं, ताकि बच्चे इस मामले में जागरूक बने और समाज में बाल उत्पीड़न से बचे और दूसरों को भी बचाने का प्रयास करें।
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‘सभी स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने बच्चों को बाल उत्पीड़न के बारे में जागरूक करें। स्कूलों को ये निर्देश सुनिश्चित करने होंगे, उनके समेत अन्य शिक्षा अधिकारी खुद स्कूलों की मार्निगिं असेंबली में पहुंचकर स्थिति का जायजा लेंगे।’
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- सावित्री सिहाग, जिला शिक्षा अधिकारी, अंबाला
1098 पर करें शिकायत
अंबाला में जिला युवा विकास संगठन की ओर से चाइल्डलाइन अंबाला के नाम से एक हेल्पलाइन शुरू की हुई है। जिसका नंबर 1098 है। ये 24 घंटे हेल्पलाइन है। जिले में कोई भी बच्चा परेशान हो या बाल उत्पीड़न का शिकार हो तो वह इस नंबर पर फोन कर इसकी सूचना संगठन को दे सकता है। उसके बाद टीम वहां पहुंचती है और बच्चे को वहां से लाकर उसे डीसी अंबाला के समक्ष पेश करती है, बच्चे का मेडिकल करवाने के बाद उस बच्चे की मदद का इंतजाम किया जाता है। ये हेल्पलाइन लापता बच्चों को भी उनके परिजनों से मिलवाने में मदद करती है।
मोहित धुपड़