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तीसरे दिन भी रहा रोडवेज का चक्का जाम
Updated Fri, 19 Oct 2018 01:02 AM IST
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तीसरे दिन भी थमा रहा रोडवेज का पहिया
प्रोबेशन पर कार्यरत दो कर्मचारियों को रोडवेज ने किया टर्मिनेट, 14 को दिए नोटिस
फोटो नंबर : 54, 55 व 56
बुधवार ड्यूटी दे रहे कर्मचारी भी वीरवार को बैठे हड़ताल पर, समर्थन देने पहुंच रहे राजनीतिक दल
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। रोडवेज कर्मियों के दो दिन के चक्का जाम का व्यापक असर तीसरे दिन ज्यादा देखने को मिला जब गत दो दिन हड़ताल में शामिल न होने वाले कर्मी भी हड़ताल में शामिल दिखे। बता दें कि वीरवार को चालकों और परिचालकों के समर्थन में क्लर्क से लेकर अन्य सभी कर्मचारी हड़ताल पर बैठ गए। रोडवेज डिपो परिसर के बाहर बैठे हुए कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष प्रकट किया और किलोमीटर स्कीम के तहत सरकार द्वारा प्रदेश में 720 बसों को लाने का विरोध किया। उधर रोडवेज द्वारा कुल 24 बसें चलाई गईं जिसमें सात अंबाला सिटी डिपो से व नौ अंबाला कैंट से। कार्रवाई करते हुए प्रोबेशन पर कार्यरत दो कर्मचारियों को रोडवेज द्वारा टर्मिनेट कर दिया है और 14 को नोटिस दिए हैं जिस पर जल्द कार्रवाई होगी।
भर्ती की सूचना पर बेरोजगारों की जमा हुई भीड़
बेरोजगार युवाओं को जैसे ही परिवहन विभाग की ओर सूचना मिली कि हड़ताल के चलते रोडवेज में सीधे तौर पर चालक व परिचालकों की भर्ती की जा रही है तो वीरवार को सैकड़ों बेरोजगार युवा अपने दस्तावेज लेकर अंबाला शहर जीएम कार्यालय पहुंच गए। जगह-जगह पूछताछ करने के बाद इन युवकों को पता लगा कि ऐसी कोई भर्ती नहीं हो रही है। अलबत्ता सभी को निराश होकर लौटना पड़ा।
कागजी काम भी हुआ ठप्प
रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल में गुरुवार को ऑफिस में बैठे बाबुओं ने भी समर्थन कर दिया। इसके साथ ही गुरुवार को रोडवेज में होने वाला सारा कागजी काम ठप्प हो गया। इसके साथ ही बाबुओं ने अपने-अपने ऑफिस छोड़कर धरने पर बैठे कर्मचारियों के साथ मिलकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
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रोडवेज कर्मी से की मारपीट
अंबाला डिपो की एक बस जो सुबह अंबाला से बद्दी के लिए रवाना हुई थी उसे सुक्खो माजरा गांव के पास कुछ लोगों ने जबरन रोक लिया और बस ड्राइवर के साथ मारपीट करते हुए बस के टायरों की हवा निकाल दी। सूचना मिली है कि इस बस को अंबाला डिपो के कर्मचारी राजकुमार चला रहे थे।
बसों में तैनात थे पुलिसकर्मी
अंबाला छावनी बस अड्डा इंचार्ज रामरतन शर्मा का कहना है कि अंबाला से छावनी के लिए जो बसें चलाई गईं इनमें पुलिस कर्मी भी तैनात थे। पुलिस कर्मियों की देखरेख में बसों को अंबाला छावनी से शहर भेजा गया। छावनी बस अड्डे पर वीरवार को भी डीएसपी बलजीत सिंह तैनात थे। वहीं हड़ताल पर बैठे कर्मचारी नेताओं का कहना है कि वर्तमान में अंबाला डिपो में लगभग 300 चालक व 350 परिचालक हैं और उनमें से कोई भी कर्मी वीरवार को ड्यूटी पर नहीं गया।
सरकार बातचीत करे : सैनी
सरकार की सख्ती के बाद अंबाला डिपो कार्यालय के बाहर हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह टेबल पर बैठकर बातचीत करे। यूनियन नेता रमन सैनी ने कहा कि सरकार की सख्ती का उलटा असर देखने को मिल रहा है। सरकार किलोमीटर स्कीम के तहत प्रदेश में 720 बसों को ला रही है जिसका रोडवेज कर्मचारी विरोध करते हैं। सरकार को चाहिए कि वह रोडवेज का निजीकरण न करें और किलोमीटर स्कीम को वापस ले।
दिल्ली से आप विधायक पहुंचे समर्थन करने
चुनावों के नजदीक आते-आते विभिन्न राजनीतिक दल भी रोटियां सेंकने पर लगे हुए हैं। वीरवार को आम आदमी पार्टी के दिल्ली से विधायक जरनैल सिंह भी रोडवेज कर्मियों का समर्थन करने अंबाला पहुंचे। पार्टी के जिलाध्यक्ष अभय सैनी ने कहा कि सरकार की नीतियों से रोजाना सभी विभागों के कर्मी हड़ताल पर रहते हैं, इससे आम जनता को परेशानी होती है। सरकार को इसका जल्द समाधान निकालने की जरूरत है, नहीं तो आने वाले चुनाव में जनता अपनी परेशानियों का बदला वोट से करेगी। मौके पर विशाल हिंदुस्तानी, अंशुल अग्रवाल, गुरविंदर सिंह कोड़ा, जसविंदर, मनीष खन्ना, आरएस वालिया, गुलाब सिंह, बाबू राम, तारा सिंह, सोनू, राकेश चावला, राकेश, संजीव व अन्य मौजूद रहे।
शहजादपुर। यहां भी तीसरे दिन हड़ताल के चलते यात्री परेशान रहे। पंचकूला जाने के लिए शहजादपुर के बस अड्डा पर घंटों इंतजार कर रही अनु व शीतल का कहना था कि वह सुबह आठ बजे से बस अड्डा पर बैठे हुए हैं। उसका 6 महीने का बच्चा है जोकि बीमार है, जिसको लेकर पंचकूला के सरकारी अस्पताल में जाना है। पंचकूला के लिए कोई भी प्राइवेट बस नहीं है जिस कारण उनका पंचकूला जाना ही बड़ा मुश्किल हो गया है। अंबाला कैंट के लिए जाने वाले अन्य छात्र सूरज चौहान, विश्वजीत, गुरमीत, रणजीत, सतीश, साक्षी, दीपा आदि का कहना था कि उन्होंने 9 बजे अपने कॉलेज व संस्थान में जाना है जोकि घंटों से बसों के इंतजार में हैं, जबकि कोई भी सरकारी बस नहीं आ रही। प्राइवेट बस पीछे से ही ओवरलोड होकर आ रही हैं।
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प्रोबेशन पर कार्यरत दो कर्मचारियों को रोडवेज ने किया टर्मिनेट, 14 को दिए नोटिस
फोटो नंबर : 54, 55 व 56
बुधवार ड्यूटी दे रहे कर्मचारी भी वीरवार को बैठे हड़ताल पर, समर्थन देने पहुंच रहे राजनीतिक दल
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। रोडवेज कर्मियों के दो दिन के चक्का जाम का व्यापक असर तीसरे दिन ज्यादा देखने को मिला जब गत दो दिन हड़ताल में शामिल न होने वाले कर्मी भी हड़ताल में शामिल दिखे। बता दें कि वीरवार को चालकों और परिचालकों के समर्थन में क्लर्क से लेकर अन्य सभी कर्मचारी हड़ताल पर बैठ गए। रोडवेज डिपो परिसर के बाहर बैठे हुए कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष प्रकट किया और किलोमीटर स्कीम के तहत सरकार द्वारा प्रदेश में 720 बसों को लाने का विरोध किया। उधर रोडवेज द्वारा कुल 24 बसें चलाई गईं जिसमें सात अंबाला सिटी डिपो से व नौ अंबाला कैंट से। कार्रवाई करते हुए प्रोबेशन पर कार्यरत दो कर्मचारियों को रोडवेज द्वारा टर्मिनेट कर दिया है और 14 को नोटिस दिए हैं जिस पर जल्द कार्रवाई होगी।
भर्ती की सूचना पर बेरोजगारों की जमा हुई भीड़
बेरोजगार युवाओं को जैसे ही परिवहन विभाग की ओर सूचना मिली कि हड़ताल के चलते रोडवेज में सीधे तौर पर चालक व परिचालकों की भर्ती की जा रही है तो वीरवार को सैकड़ों बेरोजगार युवा अपने दस्तावेज लेकर अंबाला शहर जीएम कार्यालय पहुंच गए। जगह-जगह पूछताछ करने के बाद इन युवकों को पता लगा कि ऐसी कोई भर्ती नहीं हो रही है। अलबत्ता सभी को निराश होकर लौटना पड़ा।
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कागजी काम भी हुआ ठप्प
रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल में गुरुवार को ऑफिस में बैठे बाबुओं ने भी समर्थन कर दिया। इसके साथ ही गुरुवार को रोडवेज में होने वाला सारा कागजी काम ठप्प हो गया। इसके साथ ही बाबुओं ने अपने-अपने ऑफिस छोड़कर धरने पर बैठे कर्मचारियों के साथ मिलकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
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रोडवेज कर्मी से की मारपीट
अंबाला डिपो की एक बस जो सुबह अंबाला से बद्दी के लिए रवाना हुई थी उसे सुक्खो माजरा गांव के पास कुछ लोगों ने जबरन रोक लिया और बस ड्राइवर के साथ मारपीट करते हुए बस के टायरों की हवा निकाल दी। सूचना मिली है कि इस बस को अंबाला डिपो के कर्मचारी राजकुमार चला रहे थे।
बसों में तैनात थे पुलिसकर्मी
अंबाला छावनी बस अड्डा इंचार्ज रामरतन शर्मा का कहना है कि अंबाला से छावनी के लिए जो बसें चलाई गईं इनमें पुलिस कर्मी भी तैनात थे। पुलिस कर्मियों की देखरेख में बसों को अंबाला छावनी से शहर भेजा गया। छावनी बस अड्डे पर वीरवार को भी डीएसपी बलजीत सिंह तैनात थे। वहीं हड़ताल पर बैठे कर्मचारी नेताओं का कहना है कि वर्तमान में अंबाला डिपो में लगभग 300 चालक व 350 परिचालक हैं और उनमें से कोई भी कर्मी वीरवार को ड्यूटी पर नहीं गया।
सरकार बातचीत करे : सैनी
सरकार की सख्ती के बाद अंबाला डिपो कार्यालय के बाहर हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह टेबल पर बैठकर बातचीत करे। यूनियन नेता रमन सैनी ने कहा कि सरकार की सख्ती का उलटा असर देखने को मिल रहा है। सरकार किलोमीटर स्कीम के तहत प्रदेश में 720 बसों को ला रही है जिसका रोडवेज कर्मचारी विरोध करते हैं। सरकार को चाहिए कि वह रोडवेज का निजीकरण न करें और किलोमीटर स्कीम को वापस ले।
दिल्ली से आप विधायक पहुंचे समर्थन करने
चुनावों के नजदीक आते-आते विभिन्न राजनीतिक दल भी रोटियां सेंकने पर लगे हुए हैं। वीरवार को आम आदमी पार्टी के दिल्ली से विधायक जरनैल सिंह भी रोडवेज कर्मियों का समर्थन करने अंबाला पहुंचे। पार्टी के जिलाध्यक्ष अभय सैनी ने कहा कि सरकार की नीतियों से रोजाना सभी विभागों के कर्मी हड़ताल पर रहते हैं, इससे आम जनता को परेशानी होती है। सरकार को इसका जल्द समाधान निकालने की जरूरत है, नहीं तो आने वाले चुनाव में जनता अपनी परेशानियों का बदला वोट से करेगी। मौके पर विशाल हिंदुस्तानी, अंशुल अग्रवाल, गुरविंदर सिंह कोड़ा, जसविंदर, मनीष खन्ना, आरएस वालिया, गुलाब सिंह, बाबू राम, तारा सिंह, सोनू, राकेश चावला, राकेश, संजीव व अन्य मौजूद रहे।
शहजादपुर। यहां भी तीसरे दिन हड़ताल के चलते यात्री परेशान रहे। पंचकूला जाने के लिए शहजादपुर के बस अड्डा पर घंटों इंतजार कर रही अनु व शीतल का कहना था कि वह सुबह आठ बजे से बस अड्डा पर बैठे हुए हैं। उसका 6 महीने का बच्चा है जोकि बीमार है, जिसको लेकर पंचकूला के सरकारी अस्पताल में जाना है। पंचकूला के लिए कोई भी प्राइवेट बस नहीं है जिस कारण उनका पंचकूला जाना ही बड़ा मुश्किल हो गया है। अंबाला कैंट के लिए जाने वाले अन्य छात्र सूरज चौहान, विश्वजीत, गुरमीत, रणजीत, सतीश, साक्षी, दीपा आदि का कहना था कि उन्होंने 9 बजे अपने कॉलेज व संस्थान में जाना है जोकि घंटों से बसों के इंतजार में हैं, जबकि कोई भी सरकारी बस नहीं आ रही। प्राइवेट बस पीछे से ही ओवरलोड होकर आ रही हैं।