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फीस बढने से तैराकी में आधे से भी कम आ रहे बच्चे
Updated Tue, 24 Jul 2018 12:54 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। सरकार की तरफ से फीस बढ़ाए जाने पर स्टेडियम में स्विमिंग की प्रैक्टिस के लिए आने वाले बच्चों की संख्या आधे से भी कम हो गई है। वहीं डाइट के लिए स्विमिंग पूल पर ही कैंटीन बन जाए तो यहां से भी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के तैराक निकलेंगे। ये बातें सोमवार को जिला तैराकी संघ के अध्यक्ष राजिंदर विज ने प्रेस कांफ्रेंस में कही। बता दें कि हर वर्ष की तरह इस साल भी 26 जुलाई से जिला स्तर की तैराकी प्रतियोगिता होने जा रही है।
विज ने तैराकी में जिले का प्रतिनिधित्व कम होने के तीन कारण गिनाए। सबसे पहले उन्होंने सरकार की तरफ से तैराकी के लिए फीस बढ़ाए जाने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने तैराकी के लिए एक हजार से बढ़ाकर डेढ़ हजार रुपये फीस निर्धारित की है। इस कारण जहां पिछले साल करीब चार हजार बच्चे प्रैक्टिस के लिए आते थे, वहीं इस साल इनकी संख्या घटकर 1600 पर पहुंच गई है। इसलिए सरकार को चाहिए कि वह फीस घटाए, ताकि इस खेल में भी ज्यादा से ज्यादा बच्चे आएं। विज ने कहा की तैराक को सबसे अधिक शारीरिक शक्ति की आवश्यकता होती है। जहां आम व्यक्ति को 1800 कैलोरी, वहीं तैराक को 3000 कैलोरी की जरूरत होती है। सरकार डाईट के लिये 14 वर्ष तक के लिये 1500 रुपये और 19 वर्ष के ऊपर के बच्चों को 2000 रुपये मासिक देती है, जोकि उनके खाते में पहुंचती है। हालांकि यह राशि पूरी तरह बच्चे पर उसके शारीरक विकास पर खर्च भी हो पाती है या नहीं, यह सवालों के घेरे में है। उन्होंने कहा कि जिला तैराकी संघ चाहता है कि तैराक को स्विमिंग पूल पर ही खुराक मिल जाये तो अधिक लाभ मिलेगा। साथ ही हर खिलाड़ी को शारीरिक क्षमता के अनुसार खुराक डॉक्टर के परामर्श से निर्धारित हो तो और भी अच्छा रिजल्ट मिलेगा। तीसरा कारण उन्होंने बताया कि आसपास के इलाकों बराड़ा, नारायणगढ़ व अंबाला सिटी में स्विमिंग पूल खोले जाएं, ताकि जिले अच्छे तैराक निकल सकें।
ऐसे कैसे निकलेंगे राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी
राजिंद्र विज ने सुविधाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि तैराकी में इन्हीं तीन कारणों से जिले से राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के तैराक कैसे निकल पाएंगे। हालांकि जबसे स्विमिंग पूल शुरू हुआ है, अंबाला के तैराक राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीते हैं। लेकिन, यह संख्य तभी बढ़ेगी जब खिलाड़ियों को आल वेदर पूल उपलब्ध हो। इस मौके पर अशोक शर्मा, मनमोहन शर्मा, नरेश भारद्वाज, हेमंत जैन, दविंद्र शर्मा, विनोद शर्मा, कोच राम शर्मा उपस्थित रहे।
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अंबाला कैंट। सरकार की तरफ से फीस बढ़ाए जाने पर स्टेडियम में स्विमिंग की प्रैक्टिस के लिए आने वाले बच्चों की संख्या आधे से भी कम हो गई है। वहीं डाइट के लिए स्विमिंग पूल पर ही कैंटीन बन जाए तो यहां से भी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के तैराक निकलेंगे। ये बातें सोमवार को जिला तैराकी संघ के अध्यक्ष राजिंदर विज ने प्रेस कांफ्रेंस में कही। बता दें कि हर वर्ष की तरह इस साल भी 26 जुलाई से जिला स्तर की तैराकी प्रतियोगिता होने जा रही है।
विज ने तैराकी में जिले का प्रतिनिधित्व कम होने के तीन कारण गिनाए। सबसे पहले उन्होंने सरकार की तरफ से तैराकी के लिए फीस बढ़ाए जाने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने तैराकी के लिए एक हजार से बढ़ाकर डेढ़ हजार रुपये फीस निर्धारित की है। इस कारण जहां पिछले साल करीब चार हजार बच्चे प्रैक्टिस के लिए आते थे, वहीं इस साल इनकी संख्या घटकर 1600 पर पहुंच गई है। इसलिए सरकार को चाहिए कि वह फीस घटाए, ताकि इस खेल में भी ज्यादा से ज्यादा बच्चे आएं। विज ने कहा की तैराक को सबसे अधिक शारीरिक शक्ति की आवश्यकता होती है। जहां आम व्यक्ति को 1800 कैलोरी, वहीं तैराक को 3000 कैलोरी की जरूरत होती है। सरकार डाईट के लिये 14 वर्ष तक के लिये 1500 रुपये और 19 वर्ष के ऊपर के बच्चों को 2000 रुपये मासिक देती है, जोकि उनके खाते में पहुंचती है। हालांकि यह राशि पूरी तरह बच्चे पर उसके शारीरक विकास पर खर्च भी हो पाती है या नहीं, यह सवालों के घेरे में है। उन्होंने कहा कि जिला तैराकी संघ चाहता है कि तैराक को स्विमिंग पूल पर ही खुराक मिल जाये तो अधिक लाभ मिलेगा। साथ ही हर खिलाड़ी को शारीरिक क्षमता के अनुसार खुराक डॉक्टर के परामर्श से निर्धारित हो तो और भी अच्छा रिजल्ट मिलेगा। तीसरा कारण उन्होंने बताया कि आसपास के इलाकों बराड़ा, नारायणगढ़ व अंबाला सिटी में स्विमिंग पूल खोले जाएं, ताकि जिले अच्छे तैराक निकल सकें।
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ऐसे कैसे निकलेंगे राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी
राजिंद्र विज ने सुविधाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि तैराकी में इन्हीं तीन कारणों से जिले से राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के तैराक कैसे निकल पाएंगे। हालांकि जबसे स्विमिंग पूल शुरू हुआ है, अंबाला के तैराक राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीते हैं। लेकिन, यह संख्य तभी बढ़ेगी जब खिलाड़ियों को आल वेदर पूल उपलब्ध हो। इस मौके पर अशोक शर्मा, मनमोहन शर्मा, नरेश भारद्वाज, हेमंत जैन, दविंद्र शर्मा, विनोद शर्मा, कोच राम शर्मा उपस्थित रहे।
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