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फसल के अवशेष जलाने पर रोक, धारा 144 के आदेश
Updated Tue, 03 Apr 2018 01:04 AM IST
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फसल के अवशेष जलाने पर रोक, धारा 144 के आदेश
अंबाला सिटी। जिला मजिस्ट्रेट शरणदीप कौर बराड़ ने गेहूं की फसल की कटाई के बाद किसानों द्वारा अवशेष जलाने पर प्रतिबंध लगाने के लिए धारा 144 के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि फसल के अवशेष जलाने से न केवल पर्यावरण प्रदूषित होता है बल्कि मनुष्य और प्राणियों में कई प्रकार की बीमारियां भी पनपती हैं। फसल के अवशेष जलाने से जनता के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और आगजनी से संपत्ति के नुकसान की संभावना भी रहती है। कृषि योग्य भूमि में उपलब्ध कीट मित्र भी नष्ट होते हैं जिससे भूमि की उर्वरा शक्ति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि यदि कोई किसान फसल के अवशेष जलाता पाया गया तो उसके विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 188 तथा वायु एवं प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम 1981 के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे इन अवशेषों से पशुओं के लिए चारा बनाएं और अवशेषों को खेत में जुताई करके खाद के तौर पर भी प्रयोग किया जा सकता है।
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अंबाला सिटी। जिला मजिस्ट्रेट शरणदीप कौर बराड़ ने गेहूं की फसल की कटाई के बाद किसानों द्वारा अवशेष जलाने पर प्रतिबंध लगाने के लिए धारा 144 के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि फसल के अवशेष जलाने से न केवल पर्यावरण प्रदूषित होता है बल्कि मनुष्य और प्राणियों में कई प्रकार की बीमारियां भी पनपती हैं। फसल के अवशेष जलाने से जनता के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और आगजनी से संपत्ति के नुकसान की संभावना भी रहती है। कृषि योग्य भूमि में उपलब्ध कीट मित्र भी नष्ट होते हैं जिससे भूमि की उर्वरा शक्ति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि यदि कोई किसान फसल के अवशेष जलाता पाया गया तो उसके विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 188 तथा वायु एवं प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम 1981 के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे इन अवशेषों से पशुओं के लिए चारा बनाएं और अवशेषों को खेत में जुताई करके खाद के तौर पर भी प्रयोग किया जा सकता है।