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- अंबाला-जगाधरी नेशनल हाइवे पर जानलेवा बन सकते हैं गड्ढे
Updated Wed, 26 Jul 2017 12:48 AM IST
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बराड़ा। अंबाला-जगाधर हाईवे पर यदि वाहन चालक चूक जाए तो जान जोखिम में आ सकती है। बराड़ा क्षेत्र से गुजरने वाले इस हाईवे को फोरलेन करने का काम किया जा रहा है, लेकिन यह काफी धीमी गति से चल रहा है। सड़क किनारे गहरे गड्ढे हैं, जो कभी भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। करोड़ों रुपये इस प्रोजेक्ट पर लगाए जा रहे हैं, लेकिन इससे पैदा हो रहे खतरों को लेकर कुछ नहीं किया जा रहा है।
दरअसल दोसड़का से जगाधरी की ओर जाते हुए नेशनल हाईवे पर गांव धीन के पास बने पुल की साइड में गड्ढे हो गए हैं। ये गड्ढे जानलेवा भी साबित हो सकते हैं, परंतु फोरलेन का काम कर रही संबंधित कंपनी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। क्षेत्र में नेशनल हाईवे फिलहाल अनौपचारिक रूप से शुरू हो चुका है और इस पर से वाहनों का आवागमन भी जारी है। ऐसे में सड़क पर बने हुए गड्डे हादसे का कारण बन सकते हैं। नेशनल हाईवे से रोजाना हजारों की संख्या में वाहनों का आवागमन हो रहा है। इसमें आम गाड़ियों से लेकर बड़ी व्यावसायिक गाड़ियों भी शामिल हैं। ऐसे में अगर सड़क पर गड्ढे बन रहे हैं है तो यहां से रोजाना गुजरने वाले हजारों लोग खतरे से गुजर रहे हैं। वहीं, संबंधित कंपनी ने पुल पर बने गड्ढों पर सुरक्षा के लिए कोई भी बेरिकेड या सूचना बोर्ड नहीं लगा रखा, जिससे वाहन चालकों को यहां पर गड्ढों के होने का पता चल सके। यह समस्या रात में और भी गहरी हो जाती है। रात के समय हाईवे पर अंधेरा पसरा रहता है, जबकि दुर्घटना होने का खतरा अधिक बढ़ जाता है।
यह कहते हैं लोग
वाहन चालक राजन सैनी, संदीप, शिवा शर्मा, देव शास्त्री का कहना है कि हाइवे किनारे गड्ढे कभी भी जानलेवा बन सकते हैं। समस्या रात को ज्यादा होती है, क्योंकि रात को हाइवे पर बने गड्ढे दिखाई नहीं देते। सड़क पर बने गड्ढों के पास बैरिकेटिंग करनी चाहिए, लेकिन यह भी नहीं है। नेशनल हाइवे पर जहां पर गड्ढे हैं उसके दूसरी ओर नेशनल हाईवे का निर्माण कार्य चल रहा है, जो कि नीचे बहुत गहरा है। यदि वाहन का संतुलन बिगड़ गया, तो बड़ा हादसा हो सकता है।
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दरअसल दोसड़का से जगाधरी की ओर जाते हुए नेशनल हाईवे पर गांव धीन के पास बने पुल की साइड में गड्ढे हो गए हैं। ये गड्ढे जानलेवा भी साबित हो सकते हैं, परंतु फोरलेन का काम कर रही संबंधित कंपनी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। क्षेत्र में नेशनल हाईवे फिलहाल अनौपचारिक रूप से शुरू हो चुका है और इस पर से वाहनों का आवागमन भी जारी है। ऐसे में सड़क पर बने हुए गड्डे हादसे का कारण बन सकते हैं। नेशनल हाईवे से रोजाना हजारों की संख्या में वाहनों का आवागमन हो रहा है। इसमें आम गाड़ियों से लेकर बड़ी व्यावसायिक गाड़ियों भी शामिल हैं। ऐसे में अगर सड़क पर गड्ढे बन रहे हैं है तो यहां से रोजाना गुजरने वाले हजारों लोग खतरे से गुजर रहे हैं। वहीं, संबंधित कंपनी ने पुल पर बने गड्ढों पर सुरक्षा के लिए कोई भी बेरिकेड या सूचना बोर्ड नहीं लगा रखा, जिससे वाहन चालकों को यहां पर गड्ढों के होने का पता चल सके। यह समस्या रात में और भी गहरी हो जाती है। रात के समय हाईवे पर अंधेरा पसरा रहता है, जबकि दुर्घटना होने का खतरा अधिक बढ़ जाता है।
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यह कहते हैं लोग
वाहन चालक राजन सैनी, संदीप, शिवा शर्मा, देव शास्त्री का कहना है कि हाइवे किनारे गड्ढे कभी भी जानलेवा बन सकते हैं। समस्या रात को ज्यादा होती है, क्योंकि रात को हाइवे पर बने गड्ढे दिखाई नहीं देते। सड़क पर बने गड्ढों के पास बैरिकेटिंग करनी चाहिए, लेकिन यह भी नहीं है। नेशनल हाइवे पर जहां पर गड्ढे हैं उसके दूसरी ओर नेशनल हाईवे का निर्माण कार्य चल रहा है, जो कि नीचे बहुत गहरा है। यदि वाहन का संतुलन बिगड़ गया, तो बड़ा हादसा हो सकता है।
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