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गुड्स गार्ड की परीक्षा पास करने के बाद बाद 83 रेल कर्मचारियों को नहीं मिला प्रमोशन
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मंडल रेल प्रबंधक को सौंपी शिकायत दिखाते रेल कर्मचारी।
- फोटो : Ambala
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अंबाला। रेलवे में तरक्की की बाट जोह रहे 83 रेलवे कर्मचारियों का सपना उस समय चकनाचूर हो गया, जब रेलवे पर्सनल विभाग की ओर से जारी की लिस्ट से उनका नाम ही गायब हो गया। लिखित परीक्षा पास करने वाले 108 कर्मचारियों में से सिर्फ 25 कर्मचारियों को रेलवे ने योग्य करार देते हुए प्रमोशन प्रक्रिया के तहत लिस्ट जारी कर दी। इससे अपना को ठगा महसूस करते हुए 83 कर्मचारियों ने सोमवार को मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय परिसर में प्रदर्शन कर रोष जताया और भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाए। रोष प्रदर्शन करते हुए गुड्स गार्ड की प्रमोशन का इंतजार कर रहे प्वाइंट्समैन और केबिनमैन ने लिखित शिकायत मंडल रेल प्रबंधक को सौंप कर उचित कार्रवाई व जांच की मांग की है।
मंडल के अलग-अलग रेलवे स्टेशनों से आए प्वॉइंट्समैन, केबिनमैन, व कांटेवाला परमिंदर सिंह, संदीप सिंह सहित अन्य ने बताया कि 22 जून 2020 को विभागीय भर्ती और प्रमोशन कोटे के तहत 95 गुड्स गार्ड के पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे। सैकड़ों कर्मचारियों ने आवेदन किया। नियमों को पूरा करने वाले कर्मचारियों ने 19, 22 व 25 नवंबर को लिखित परीक्षा परीक्षा दी। विभाग ने इस परीक्षा का परिणाम 19 अक्तूबर को जारी किया। इसके बाद कालका में ट्रेनिंग हुई और कर्मचारियों ने 60 से 70 लाख रुपये का टीए क्लेम किया। लेकिन मामला तब बिगड़ा जब 14 दिसंबर को रेलवे द्वारा भेजे गए पत्र में उन्हें गुड्स गार्ड की प्रमोशन प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया और विभाग ने 17 दिसंबर को गुड्स गार्ड के लिए सिर्फ 25 कर्मचारियों के तैनाती के आदेश जारी कर दिए।
जब लिखित परीक्षा में पास कर्मचारियों ने विभाग द्वारा घोषित लिस्ट पर आपत्ति जताई तो उन्हें जानकारी दी गई कि वह भर्ती प्रक्रिया के नियम पूरा नहीं करते। जबकि विभाग ने दस्तावेज जांचने के बाद भी उन्हें लिखित परीक्षा में बैठने की अनुमति प्रदान की थी। विभाग की इस कार्रवाई से रेल कर्मचारी पस्त नजर आए और उनके हौसले में कमी देखने को मिली। पीड़ित कर्मचारियों ने बताया कि वह अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। जिस महकमे के लिए वह दिन-रात पूरी लग्न से काम करते हैं, उसी विभाग ने जब उन्हें प्रमोशन देनी थी तो उनके साथ ही धोखा कर दिया। जबकि उन्होंने प्रमोशन पाने के लिए लिखित परीक्षा की जोरशोर से तैयारी की थी।
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जांच जारी
कर्मचारियों की तरफ से शिकायत प्राप्त हुई है। संबंधित विभाग को नोटिस जारी कर जानकारी मांगी गई है, जो भी रिपोर्ट मिलेगी उसके आधार पर ही आगामी कार्रवाई की जाएगी। किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
गुरिंदर मोहन सिंह, रेल प्रबंधक, अंबाला मंडल।
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मंडल के अलग-अलग रेलवे स्टेशनों से आए प्वॉइंट्समैन, केबिनमैन, व कांटेवाला परमिंदर सिंह, संदीप सिंह सहित अन्य ने बताया कि 22 जून 2020 को विभागीय भर्ती और प्रमोशन कोटे के तहत 95 गुड्स गार्ड के पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे। सैकड़ों कर्मचारियों ने आवेदन किया। नियमों को पूरा करने वाले कर्मचारियों ने 19, 22 व 25 नवंबर को लिखित परीक्षा परीक्षा दी। विभाग ने इस परीक्षा का परिणाम 19 अक्तूबर को जारी किया। इसके बाद कालका में ट्रेनिंग हुई और कर्मचारियों ने 60 से 70 लाख रुपये का टीए क्लेम किया। लेकिन मामला तब बिगड़ा जब 14 दिसंबर को रेलवे द्वारा भेजे गए पत्र में उन्हें गुड्स गार्ड की प्रमोशन प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया और विभाग ने 17 दिसंबर को गुड्स गार्ड के लिए सिर्फ 25 कर्मचारियों के तैनाती के आदेश जारी कर दिए।
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जब लिखित परीक्षा में पास कर्मचारियों ने विभाग द्वारा घोषित लिस्ट पर आपत्ति जताई तो उन्हें जानकारी दी गई कि वह भर्ती प्रक्रिया के नियम पूरा नहीं करते। जबकि विभाग ने दस्तावेज जांचने के बाद भी उन्हें लिखित परीक्षा में बैठने की अनुमति प्रदान की थी। विभाग की इस कार्रवाई से रेल कर्मचारी पस्त नजर आए और उनके हौसले में कमी देखने को मिली। पीड़ित कर्मचारियों ने बताया कि वह अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। जिस महकमे के लिए वह दिन-रात पूरी लग्न से काम करते हैं, उसी विभाग ने जब उन्हें प्रमोशन देनी थी तो उनके साथ ही धोखा कर दिया। जबकि उन्होंने प्रमोशन पाने के लिए लिखित परीक्षा की जोरशोर से तैयारी की थी।
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कर्मचारियों की तरफ से शिकायत प्राप्त हुई है। संबंधित विभाग को नोटिस जारी कर जानकारी मांगी गई है, जो भी रिपोर्ट मिलेगी उसके आधार पर ही आगामी कार्रवाई की जाएगी। किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
गुरिंदर मोहन सिंह, रेल प्रबंधक, अंबाला मंडल।