फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   एक माह में साढ़े छह हजार चालान, फिर भी नहीं संभल रहा ट्रैफिक

एक माह में साढ़े छह हजार चालान, फिर भी नहीं संभल रहा ट्रैफिक

Wed, 10 Apr 2019 01:19 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 10 Apr 2019 01:19 AM IST
विज्ञापन
एक माह में साढ़े छह हजार चालान, फिर भी नहीं संभल रहा ट्रैफिक
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

अंबाला सिटी। सिटी और कैंट की तमाम सड़कों पर हर दिन जाम लगता है। जाम लगने के कारणों पर गौर करें तो पुलिस की लापरवाही तो है ही, साथ ही लोगों का एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ व जल्दबाजी भी है। सड़क किनारे बेतरतीब तरीके से खड़ी गाड़ियां भी दिनभर जाम का कारण बनती हैं। हालांकि पुलिस ने पिछले एक माह में साढ़े छह हजार चालान किए हैं, लेकिन शहर में जाम की स्थिति से निपटना चुनौती बना हुआ है। इसको लेकर अमर उजाला ने चार प्रमुख जगहों का जायजा लिया। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से बातचीत की गई तो उनका कहना था लोग चौकों पर एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ में हादसों को न्योता देते हैं।


जल्दबाजी से लगता है जाम और होते हैं हादसे
ट्रैफिक एसएचओ चंद्रप्रकाश ने बताया कि चौकों पर जाम लगने का मुख्य कारण वाहन चालकों की एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ है। लापरवाह वाहन चालक तेज व लापरवाही से वाहन चलाते हुए कई हादसों को न्योता भी दे देते हैं। वहीं उन्होंने बताया कि जिस वक्त ट्रैफिक पुलिस ट्रैफिक कंट्रोल कर रही होती है तो उस वक्त भी कई लापरवाह वाहन चालक होमगार्ड के इशारे पर रुकने की बजाय जल्दबाजी में अपना वाहन निकालने की करते हैं, जो कई बार हादसों को भी न्योता देते हैं। ट्रैफिक पुलिस लोगों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए समय-समय पर जागरुकता कार्यक्रम आयोजित करती है। साथ ही कई एनजीओ भी लोगों को ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर हेलमेट बांटकर व फूल भेंट कर उन्हें जागरूक करती हैं। इसके बावजूद लोग ट्रैफिक नियमों को तोड़ना बंद नहीं करते। 1 से 31 मार्च तक ट्रैफिक पुलिस ने 6558 लोगों के चालान किए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed